मोकामा में आस्था का जनसैलाब: सदियों पुरानी परंपरा के साथ श्रद्धापूर्वक निकाली गई भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा
मोकामा:
धर्म, आस्था और अटूट विश्वास की त्रिवेणी में डूबते हुए आज मोकामा नगर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। इस पावन अवसर पर समूचा मोकामा जय जगन्नाथ और हरे कृष्णा के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। सदियों पुरानी इस ऐतिहासिक परंपरा को जीवंत रखते हुए आज (16 जुलाई) हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
मोकामा की इस रथ यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता इसका जन-भागीदारी से जुड़ा होना है। तपस्वी स्थान घाट से जैसे ही भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का रथ प्रस्थान हुआ, श्रद्धालुओं की श्रद्धा हिलोरें मारने लगी। ऊंच-नीच और जाति-पाति के बंधनों को तोड़कर, हजारों श्रद्धालुओं ने अपने हाथों से रथ की डोर थामी और पूरे उत्साह के साथ रथ को धकेलते हुए यात्रा को आगे बढ़ाया। ऐसी मान्यता है कि जगन्नाथ जी के रथ को खींचने मात्र से ही मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं।
इन रास्तों से गुजरी रथ यात्रा, हुआ भव्य स्वागत
पारंपरिक मार्ग के अनुसार, रथ यात्रा तपस्वी स्थान घाट से शुरू होकर शंकरण टोला और चिंतामणि चक होते हुए पूरे मोकामा बाजार पहुंची।
भक्तों का उत्साह: रास्ते में जगह-जगह स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों द्वारा पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया गया।
आरती और महाप्रसाद: कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी और छप्पन भोग का प्रसाद अर्पित किया।
नगर भ्रमण: प्रभु जगन्नाथ ने रथ पर सवार होकर पूरे मोकामा नगर का भ्रमण किया और अपने भक्तों को साक्षात दर्शन देकर निहाल किया।
पीढ़ियों से चली आ रही है यह अटूट परंपरा
स्थानीय बुजुर्गों की मानें तो मोकामा में रथ यात्रा का इतिहास कई पीढ़ियों पुराना है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मोकामा की सांस्कृतिक पहचान और आपसी भाईचारे का प्रतीक बन चुका है। इस वर्ष भी पूर्वजों द्वारा स्थापित इसी गौरवशाली परंपरा और मर्यादा का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया गया। सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पूजा समिति के सदस्य पूरे समय मुस्तैद रहे, जिससे यह महाआयोजन शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हुआ।
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Mokameh, Patna | Jul 16, 2026