स्पाइन सर्जरी के बाद भी नहीं थमे जेपी सिंह के सेवा के कदम
पेंशनरों की समस्याओं के समाधान में वर्षों से जुटे जेपी सिंह का वृद्धजन दिवस पर सम्मान, संगठन के प्रदेश अध्यक्ष काली शंकर श्रीवास्तव समेत पदाधिकारियों के प्रयासों की भी सराहना
फतेहपुर | 1 अक्टूबर, गुरुवार | दैनिक निष्पक्ष धारा
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर फतेहपुर न्यायालय परिसर स्थित पेंशनर कक्ष में वरिष्ठ नागरिक पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित वयोवृद्ध पेंशनर सम्मान समारोह में सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करने वाले जेपी सिंह को सम्मानित किया गया। रेलवे विभाग से सेवानिवृत्त जेपी सिंह ने सेवानिवृत्ति के बाद भी स्वयं को पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित रखा। वर्षों से वह पेंशन, बैंकिंग, दस्तावेजों और विभागीय प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर उनके समाधान का प्रयास करते आ रहे हैं।
समारोह में मुख्य अतिथि एवं पूर्व न्याय मंत्री राधेश्याम गुप्ता ने जेपी सिंह समेत अन्य वरिष्ठ नागरिकों को माल्यार्पण, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। आयोजक एवं एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष काली शंकर श्रीवास्तव तथा महामंत्री इंजीनियर मोतीलाल ने विशेष प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखा अधिकारी योगेश कुमार पांडेय समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी सहभागिता की।
सेवानिवृत्ति के बाद सेवा को बनाया जीवन का उद्देश्य
रेलवे से सेवानिवृत्ति के बाद जेपी सिंह ने सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाने के बजाय अपना समय पेंशनरों की मदद में लगाना शुरू किया। रेलवे, डाक, शिक्षा और अन्य विभागों से जुड़े सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन अथवा बैंकिंग संबंधी समस्या होने पर वह संबंधित कार्यालयों और अधिकारियों से संवाद स्थापित कर समाधान कराने का प्रयास करते हैं।
पेंशनर साथियों के बीच उनकी पहचान ऐसे व्यक्ति के रूप में बनी है, जो समस्या सुनने के बाद उसे संबंधित स्तर तक पहुंचाने और समाधान होने तक प्रयास जारी रखने में विश्वास रखते हैं। उनकी सेवा का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वह इस कार्य को निस्वार्थ भाव से करते हैं।
स्पाइन सर्जरी के बाद भी सेवा का सिलसिला जारी
जेपी सिंह के सेवा-भाव की चर्चा इसलिए भी विशेष रही कि पिछले वर्ष उन्हें स्पाइन सर्जरी से गुजरना पड़ा। ऐसी सर्जरी के बाद सामान्य गतिविधियों में लौटने में समय और धैर्य की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद उन्होंने अपनी परिस्थितियों को सेवा के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया।
स्वास्थ्य लाभ के बाद उन्होंने फिर से पेंशनरों और जरूरतमंद लोगों के बीच अपनी सक्रियता बनाए रखी। आज भी वह अपनी क्षमता के अनुसार लोगों की समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करते हैं। उनके साथियों के अनुसार, सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें पेंशनर समुदाय में अलग पहचान दिलाई है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और पदाधिकारियों की भूमिका भी उल्लेखनीय
जेपी सिंह के सम्मान के साथ समारोह में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष काली शंकर श्रीवास्तव और महामंत्री इंजीनियर मोतीलाल के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिकों के हित में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना हुई। संगठन की ओर से समय-समय पर पेंशनरों की समस्याओं, उनके अधिकारों और सरकारी सुविधाओं के संबंध में जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जाता है।
जिलाध्यक्ष प्रतिनिधि कुलदीप भदौरिया ने वृद्धजनों के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से संचालित योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी। इससे वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कोषाधिकारी योगेश कुमार पांडेय ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे वृद्धजनों के सम्मान और उनके हितों के लिए किया गया महत्वपूर्ण प्रयास बताया। अध्यक्षता कर रहे पूर्व न्याय मंत्री राधेश्याम गुप्ता ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की।
सेवा का सम्मान, साथियों का भी सम्मान
समारोह में शिवसागर साहू, केपी सिंह, मूलचंद्र द्विवेदी, जेपी सिंह, रसीद अहमद और मूलचंद्र सैनी को भी सम्मानित किया गया। भजन एवं वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत दीपचंद गुप्ता और केपी सिंह ने की।
कार्यक्रम में रामराज वर्मा, सुभाष मौर्य, श्याम सुंदर श्रीवास्तव, विमल, राकेश अग्निहोत्री, महेश अग्निहोत्री, दिनेश, दीनानाथ, इंजीनियर अशोक श्रीवास्तव, जयप्रकाश सिद्धराज, राम विशाल पटेल, शैलेंद्र श्रीवास्तव, शमीम अहमद, राजेंद्र नारायण सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे।
‘सम्मान से सेवा का संकल्प और मजबूत होता है’
सम्मान प्राप्त करने के बाद जेपी सिंह ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से अधिक सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद समाज और अपने साथी पेंशनरों के लिए काम करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। किसी वरिष्ठ नागरिक की समस्या का समाधान कराने में सहयोग मिलना ही उनके लिए सबसे बड़ा संतोष है।
वयोवृद्ध दिवस पर आयोजित यह समारोह केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि सेवानिवृत्ति के बाद अनुभव और समय का उपयोग समाजहित में किया जाए तो वरिष्ठ नागरिक भी सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जेपी सिंह की निरंतर सक्रियता और संगठन के पदाधिकारियों के सामूहिक प्रयास इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते दिखाई दिए।
Fatehpur, Fatehpur | Oct 1, 2026