मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ महाराजपुर तहसील के ग्राम मलका में पदस्थ पटवारी जीतेंद्र चौरसिया के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टरेट पहुंचकर पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोला और वैधानिक कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे के नाम पर अनुचित राशि मांगने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी जीतेंद्र चौरसिया नामांतरण, सीमांकन, तरमीम, बंटवारा और विभिन्न रिपोर्टों के निष्पादन के एवज में ग्रामीणों से अवैध राशि की मांग करते हैं। पैसे न देने पर काम लटका दिया जाता है और जो पैसे दे देता है उसका काम तुरंत कर दिया जाता है। इससे गरीब किसान व ग्रामीण लगातार परेशान हो रहे हैं।
8-10 वर्षों से एक ही गांव में पदस्थ, भू-अभिलेखों में हेरफेर की शिकायत
शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि पटवारी वर्ष 2015-16 से लगातार ग्राम मलका में पदस्थ हैं। इतने लंबे समय से एक ही स्थान पर टिके रहने के कारण वे स्थानीय स्थिति का फायदा उठाकर शासकीय भू-अभिलेखों के साथ हेरफेर कर रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित खदानों के खिलाफ भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
जनसुनवाई में मिला जांच का आश्वासन, एसडीएम करेंगे जांच
जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों (अपर कलेक्टर) ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और आश्वस्त किया कि संबंधित एसडीएम (महाराजपुर) के माध्यम से मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर पटवारी के खिलाफ सख्त और विधिवत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।