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कृषि विभाग द्वारा किसानों को कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली फसलों एवं किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई है, ताकि वर्षा की अनिश्चितता का प्रभाव कम किया जा सके। धान की खेती में रोपा पद्धति के बजाय धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया है। इस तकनीक से 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है, प्रति एकड़ लगभग 5,000 रुपये की लागत कम आती है तथा फसल 12 से 15 दिन पहले तैयार हो जाती है। #SushasanSarkar #सुशासन_सरकार #chhattisgarh @AgriGoI @vishnudsai

1 views | Rajnandgaon, Chhattisgarh | Jul 11, 2026

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किसान पंकज कुमार को आसानी से खाद मिल गई।

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Rajnandgaon, Chhattisgarh | Jul 11, 2026

मातृशक्ति का सम्मान, विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान!!

महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त के अंतर्गत आज प्रदेश की 66.74 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में ₹626.25 करोड़ की राशि अंतरित की गई। इस योजना के माध्यम से अब तक ₹18,805.53 करोड़ से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।

माताओं-बहनों का सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उनका सशक्त होना ही समृद्ध परिवार, सशक्त समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है।

मातृशक्ति का सम्मान, विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान!! महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त के अंतर्गत आज प्रदेश की 66.74 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में ₹626.25 करोड़ की राशि अंतरित की गई। इस योजना के माध्यम से अब तक ₹18,805.53 करोड़ से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। माताओं-बहनों का सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उनका सशक्त होना ही समृद्ध परिवार, सशक्त समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है।

Rajnandgaon, Chhattisgarh | Jul 11, 2026

महतारी वंदन योजना" की 29वीं किस्त जारी

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Rajnandgaon, Chhattisgarh | Jul 11, 2026

कृषि विभाग द्वारा किसानों को कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली फसलों एवं किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई है, ताकि वर्षा की अनिश्चितता का प्रभाव कम किया जा सके। धान की खेती में रोपा पद्धति के बजाय धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया है। इस तकनीक से 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है, प्रति एकड़ लगभग 5,000 रुपये की लागत कम आती है तथा फसल 12 से 15 दिन पहले तैयार हो जाती है। #SushasanSarkar #सुशासन_सरकार #chhattisgarh @AgriGoI @vishnudsai - Rajnandgaon News