आदिवासी सिर्फ जंगलों के रक्षक नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, प्रकृति और पहचान के असली प्रहरी हैं।
अगर उनके अधिकार, जल-जंगल-जमीन और सम्मान पर हमला हो रहा है, यह सिर्फ एक समुदाय नहीं बल्कि देश की आत्मा पर चोट है।
आदिवासी सिर्फ जंगलों के रक्षक नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, प्रकृति और पहचान के असली प्रहरी हैं।
अगर उनके अधिकार, जल-जंगल-जमीन और सम्मान पर हमला हो रहा है, यह सिर्फ एक समुदाय नहीं बल्कि देश की आत्मा पर चोट है। - Ujjain Urban News