*निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण: हरि राम चंदेल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बालिका विद्यालय सोलन में तीन दिवसीय निपुण भारत क्षमता निर्माण कार्यशाला का समापन
शिक्षा खंड सोलन द्वारा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान एवं विशेष सहयोग से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सोलन में आयोजित तीन दिवसीय निपुण भारत क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला में जेबीटी शिक्षकों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन,की टीएलएन तथा गतिविधि-आधारित शिक्षण के प्रभावी प्रयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
समापन दिवस पर प्रथम संस्था की मुख्य संदर्भ व्यक्तियों केआरपीएस नेहा एवं दीक्षा तथा वरिष्ठ सीआईएम रशिमा बड़ोत्रा ने शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से एफ एलएन दक्षताओं को विकसित करने के प्रभावी तरीकों से अवगत करवाया।
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में कक्षा 1 एवं 2 के लिए निर्धारित ‘गणित निपुण लक्ष्य चार्ट’ का विस्तृत विश्लेषण किया गया। संख्या पहचान, प्रारंभिक गणना, मूलभूत गणितीय संक्रियाओं तथा ज्यामितीय आकृतियों की समझ विकसित करने के लिए विभिन्न कक्षा-कक्ष गतिविधियों पर चर्चा की गई।
दोपहर बाद के सत्र में शिक्षकों को शिक्षण-अधिगम सामग्री ( टीएलएम) के रचनात्मक उपयोग तथा गतिविधि-आधारित शिक्षण का प्रत्यक्ष अभ्यास करवाया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए कक्षा-कक्ष को अधिक बाल-केंद्रित, आनंददायक एवं सहभागितापूर्ण बनाना रहा।
समापन अवसर पर खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (बीपीईओ) हरि राम चंदेल ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि निपुण भारत मिशन की सफलता का आधार प्रशिक्षण के बाद उसका प्रभावी क्रियान्वयन है। उन्होंने कहा कि:
«“प्रशिक्षण में सीखी गई गतिविधियों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें नियमित कक्षा-कक्ष शिक्षण का हिस्सा बनाएं। शिक्षक मार्गदर्शिका तथा 24 घटकों वाले ‘वंडर बॉक्स’ का दैनिक पाठ योजनाओं में प्रभावी एवं अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक बच्चा अपेक्षित जब एफ एल एन दक्षताओं को प्राप्त कर सके।
उन्होंने सभी शिक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई गतिविधियों को अपनी कक्षाओं में नियमित रूप से लागू करने तथा बच्चों की सीखने की प्रगति पर निरंतर ध्यान देने का आह्वान किया।
कार्यशाला के सफल आयोजन पर उपस्थित शिक्षकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यावहारिक बताते हुए कहा कि टीएलएम एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण से बच्चों को अवधारणाओं को सरल एवं आनंददायक तरीके से समझाने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर शिक्षा खंड सोलन के संबंधित अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति एवं जेबीटी शिक्षक उपस्थित रहे।
Dharmpur, Mandi | Sep 17, 2026