कचहरी स्टैंड, सिविल लाइन,गोरखपुर निवासी उज्ज्वल सिंह (पुत्र स्व. बलवन्त सिंह) ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से गोरखपुर विश्वविद्यालय के पास मारपीट,गाली-गलौज और सोने की चेन छीनने का गंभीर आरोप लगाया है।उज्जवल सिंह ने बताया कि कुछ दिनों पहले गोरखपुर विश्वविद्यालय के संबंध में सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किया गया था,जिसके विरोध में उन्होंने एक सम्मानजनक वीडियो अपलोड कर गोरखपुर विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार रोकने में सहयोग की मांग की थी। आरोप है कि 21 सितंबर 2026 की रात्रि लगभग 10:30 बजे राजवर्धन सिंह ने नशे की हालत में 20-25 साथियों के साथ इंदिरा बाल बिहार आकर उनके साथी सतीश प्रजापति के बैनर-पोस्टर फाड़ दिए और गाली-गलौज की। फोन पर पूछने पर राजवर्धन ने खुद को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का प्रान्त विस्तारक बताते हुए समर्थन करने से इनकार किया। अगली सुबह 22 सितंबर 2026 को जब प्रार्थी गोरखपुर विश्वविद्यालय गेट पर पहुँचा,तो राजवर्धन ने नशे की हालत में वहां बुलाया था। वहां विश्वविद्यालय हॉस्टल के लगभग 15-20 छात्र (जिनमें प्रशांत त्रिपाठी, देवव्रत राय,तोष निधि त्रिपाठी, दीपक पाण्डेय,अतुल यादव, निखिल राय,हर्षित मालवीय,शुभम गोविन्द राय,अजय कुमार राव,हिमांशु सिंह उर्फ दिव्याशू और 4-5 अज्ञात लोग शामिल थे) मौजूद थे। लाठी-डंडों से हमला और चेन छीनना: विरोध करने पर उन लोगों ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थर से हमला कर दिया तथा मारपीट की। इस दौरान प्रार्थी के गले से लगभग 3 लाख रुपये की सोने की चेन भी खींच ली गई। पीडि़त छात्र ने प्रशासन से मांग की है कि उक्त आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए
#Gorakhpur
#GorakhpurUniversity