जमीन विवाद में चला प्रशासन का बुलडोजर, दो पक्ष आमने-सामने
कोर्ट के आदेश के बाद हसूलाही गांव में भवन ध्वस्त, कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में मचा हड़कंप
जलालपुर, सारण।
जलालपुर प्रखंड के देवरिया पंचायत अंतर्गत हसूलाही गांव में जमीन विवाद को लेकर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रशासनिक टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची और कोर्ट के आदेश के अनुसार विवादित स्थल पर बने भवन को ध्वस्त कर दिया।
बताया जा रहा है कि जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।
कार्रवाई को लेकर एक पक्ष के खालिद मियां का कहना है कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह जमीन उन्होंने अक्लूरे और परमार राय से लिखवाई थी। उनका आरोप है कि उनकी जमीन को जबरन दूसरे पक्ष को दिया जा रहा है।
वहीं निजामुद्दीन और सुखारी पक्ष का कहना है कि उन्होंने भी जमीन खरीदी है और उनके पास जमीन से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना है कि सरकारी प्रक्रिया के तहत जमीन का कब्जा उन्हें दिया गया है।
मामले में नसरुद्दीन, जो सेवानिवृत्त कर्मचारी बताए जा रहे हैं, का नाम भी सामने आ रहा है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, दस्तावेज और न्यायालय के आदेश के आधार पर प्रशासन ने जमीन को कब्जा मुक्त कराकर दूसरे पक्ष को कब्जा दिलाने की कार्रवाई की है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी 11 तारीख को प्रशासनिक स्तर पर तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई थी, लेकिन मामला किसी कारणवश आगे नहीं बढ़ पाया। अब न्यायालय के आदेश के आधार पर प्रशासन दोबारा जेसीबी लेकर पहुंचा और भवन को ध्वस्त कर दिया।
जिस पक्ष का भवन ध्वस्त किया गया, उनका आरोप है कि वे गरीब परिवार से हैं और उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। उनका कहना है कि करीब दो महीने पहले उन्हें नोटिस मिला था और उस समय भी कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब दोबारा उनका घर/भवन तोड़ दिया गया।
दूसरी तरफ दूसरे पक्ष का कहना है कि वे भूमिहीन थे और सरकार की ओर से उन्हें भूमि उपलब्ध कराई गई है। उनका कहना है कि प्रशासन और न्यायालय की प्रक्रिया के तहत उन्हें जमीन पर कब्जा दिलाया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान जेसीबी से भवन ध्वस्त किए जाने का वीडियो भी सामने आया है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है और ग्रामीणों के बीच जमीन के कागजात तथा न्यायालय के आदेश को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
इस पूरे मामले में जलालपुर के अंचल/प्रशासनिक अधिकारी का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। इसलिए प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, हसूलाही गांव में जमीन विवाद को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। एक तरफ जमीन पर अपना अधिकार होने का दावा करने वाला पक्ष न्याय की मांग कर रहा है, तो दूसरी तरफ सरकारी भूमि और न्यायालय के आदेश के आधार पर कब्जा मिलने की बात कही जा रही है।
अब देखने वाली बात होगी कि जमीन के मूल दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड और न्यायालय के आदेश में वास्तविक स्थिति क्या है और आगे इस विवाद का समाधान किस तरह होता है।
न्यूज़ बिहार लाइव के लिए — जलालपुर, सारण।
Rahui, Nalanda | Aug 12, 2026