अम्बाह में चोरी की वारदातों का खुलासा: दो शातिर चोर गिरफ्तार, ₹3 लाख का माल बरामद,
मुरैना। अम्बाह थाना पुलिस ने चोरी और नकबजनी की वारदातों का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अम्बाह सहित पोरसा क्षेत्र में कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी सहित करीब ₹3 लाख का मशरूका बरामद किया गया है।
मामले की शुरुआत 17 मई 2026 की रात हुई चोरी से हुई। फरियादी करनसिंह तोमर ने अम्बाह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोर घर में घुसकर बक्से में रखे ₹75 हजार नकद, सोने की झुमकी व बाला, चांदी की पायल और बच्चों की चूड़ियां चोरी कर ले गए। पुलिस ने अपराध क्रमांक 209/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना के निर्देश पर आरोपियों की तलाश और चोरी गए माल की बरामदगी के लिए टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह डावर के निर्देशन तथा एसडीओपी अम्बाह प्रशांत सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास जांच, संदिग्धों से पूछताछ और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
28 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर अम्बाह पुलिस ने सुनावली नहर की पुलिया के पास दबिश देकर दो संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम ओमवीर सिंह तोमर (55), निवासी पलना, थाना अम्बाह और विकास तोमर उर्फ चिंगारी (29), निवासी कुकथरी, थाना पोरसा बताए।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने अम्बाह क्षेत्र की चोरी की वारदात के साथ-साथ अम्बाह और पोरसा क्षेत्र में अन्य चोरी की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर ₹9 हजार नकद तथा सोने की झुमकी, सोने के बाला, चांदी की पायल, चांदी की तोड़िया और बच्चों के हाथ की चूड़ियां बरामद की गईं। बरामद माल की कुल कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है, पुलिस के अनुसार आरोपी ओमवीर सिंह तोमर के खिलाफ पूर्व से चोरी, आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं, जबकि विकास तोमर उर्फ चिंगारी के खिलाफ भी चोरी के प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस टीम की भूमिका-
कार्रवाई में थाना प्रभारी अम्बाह निरीक्षक वीरेश कुशवाह सहित उपनिरीक्षक प्रज्ञाशील, सउनि शैलेन्द्र सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक रविन्द्र शर्मा, सत्यवीर सिंह, मंगल सिंह, रामप्रकाश, स्वदेश (सायबर सेल), राहुल सैंगर, दिनेश जाट, लखनप्रताप जादौन, योगेन्द्र भदौरिया, ओमप्रकाश राजावत, रूपेश सिंह तथा वाहन चालक धर्मेन्द्र परमार एवं मनीष सिरोठिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।