सिरसाकलार पुलिस पर डेरी से ₹1.25 लाख लूटने और 'हाफ एनकाउंटर' की धमकी देने का आरोप, एसपी से कार्रवाई की मांग
पीड़ित का दावा– सिपाहियों ने मारपीट कर भाई को उठाया, शिकायत करने पर हाफ एनकाउंटर और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का आरोप
क्राइम रिपोर्टर जालौन
सोनू महाराज
उरई (जालौन )
जनपद जालौन के थाना सिरसाकलार क्षेत्र के ग्राम गढ़गुवां निवासी कमल सिंह पुत्र रामबहादुर सिंह सेंगर ने पुलिस अधीक्षक जालौन को प्रार्थना पत्र देकर थाना सिरसाकलार में तैनात सिपाही अनूप सिंह, राकेश कुशवाहा, गौतम तथा अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि गांव के गोलू भदौरिया उर्फ अरुण सिंह सेंगर उर्फ लला तूफानी के कहने पर पुलिस लगातार उन्हें परेशान कर रही है। पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 11 जून 2026 की शाम करीब छह बजे गोलू भदौरिया उर्फ अरुण सिंह सेंगर उर्फ लला तूफानी के कहने पर सिपाही अनूप सिंह, राकेश कुशवाहा, गौतम एवं अन्य पुलिसकर्मी उसकी दूध डेरी पर पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने डेरी में रखी बीयर को लेकर विवाद किया। जब उसने कहा कि बीयर व्यक्तिगत उपयोग के लिए रखी है, तो पुलिसकर्मी नाराज हो गए और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
कमल सिंह का आरोप है कि मारपीट के दौरान पुलिसकर्मी डेरी में रखी करीब ₹1.25 लाख की नकदी अपने साथ ले गए। इसके बाद उसके भाई कल्याण सिंह को पकड़कर अपने साथ ले गए। पीड़ित का आरोप है कि भाई को ले जाते समय पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि यदि इस घटना की शिकायत की गई तो उसका 'हाफ एनकाउंटर' कर दिया जाएगा और परिवार को लूट, गांजा तथा दुष्कर्म जैसे झूठे मुकदमों में फंसा दिया जाएगा।
पीड़ित का कहना है कि भय के कारण उसने तत्काल शिकायत नहीं की। अगले दिन रात में भाई कल्याण सिंह के वापस आने के बाद उसने 1076 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बावजूद कथित रूप से लगातार धमकियां मिलती रहीं। अब उसने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कमल सिंह ने मीडिया के कैमरे के सामने भी यही आरोप दोहराए और कहा कि वह तथा उसका परिवार लगातार भय के माहौल में जी रहा है। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे का इलाज एम्स, नई दिल्ली में चल रहा है और इस पूरे घटनाक्रम से परिवार मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशान है।
यह समाचार पीड़ित कमल सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र और मीडिया के सामने दिए गए इंटरव्यू के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार प्रकाशित किए जाने तक जालौन पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या पक्ष जारी नहीं किया गया है। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह अत्यंत गंभीर मामला होगा, वहीं यदि आरोप असत्य पाए जाते हैं तो जांच में वह भी सामने आ जाएगा।
Jalaun, Jalaun | Jul 17, 2026