लगातार 17 वर्षों के प्रयासों के बाद वर्ष 2026 में स्लीमनाबाद टनल का सपना साकार हुआ। अनेक तकनीकी चुनौतियों के बावजूद इंजीनियरों और विशेषज्ञों के दृढ़ संकल्प से यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई।
इस टनल के माध्यम से नर्मदा का जल विंध्य क्षेत्र तक पहुंचेगा, जिससे ढाई लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। यह परियोजना विज्ञान, इंजीनियरिंग और जल प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो किसानों की समृद्धि और क्षेत्र के विकास को नई
दिशा देगी : CM