सागर नगर: कंधों पर सवार होकर विसर्जन को निकली कांधे वाली काली, 'चल माई, चल माई' के जयकारों से गूंजा शहर, देर रात हुआ विसर्जन
शहर की सबसे प्रसिद्ध पुरव्याऊ की कांधे वाली काली का चल समारोह गुरुवार रात 9:00 बजे से शुरू हुआ। पुरव्याऊ से माता को कंधों पर बैठाकर भक्त विसर्जन के लिए लेकर निकले। इसके बाद हर ओर चल माई-चल माई के जयघोष ही सुनाई दिए। लोगों ने पुष्पवर्षा कर मां को विदाई दी। आगे मशाल चल रही थी। सैकड़ों की संख्या में युवा सड़क पर दौड़ लगा रहे थे। देर रात 2:30 बजे विसर्जन हुआ।