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आरोपी वकील के चेंबर में तोड़फोड़, बाराबंकी में वकीलों का भारी आक्रोश!​#Barabanki #LawyersProtest

Uttar Pradesh, India | Feb 17, 2026

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बाँदा... महिला ने मोहन साहू को क्यों मारी चप्पल, banda roundup पर देखिए महिला का बयान, पूरे मामले में मोहन साहू ने कुछ भी बोलने से किया मना। शोशल मीडिया पर मोहन साहू को चप्पल मारते महिला का वीडियो वायरल। 

#bandanews #Banda #bandaroundup #MohanSahu #viralpost #viralreelsfacebook 

Banda Roundup Banda - बाँदा Banda Ki Chugli बाँदा का सच BANDA News

बाँदा... महिला ने मोहन साहू को क्यों मारी चप्पल, banda roundup पर देखिए महिला का बयान, पूरे मामले में मोहन साहू ने कुछ भी बोलने से किया मना। शोशल मीडिया पर मोहन साहू को चप्पल मारते महिला का वीडियो वायरल। #bandanews #Banda #bandaroundup #MohanSahu #viralpost #viralreelsfacebook Banda Roundup Banda - बाँदा Banda Ki Chugli बाँदा का सच BANDA News

Banda, Banda | Jun 2, 2026

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥
🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿
बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है।
इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है।
वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों।
🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है।
🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं।
✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨
#जल_जंगल_पहाड़_बचाओ
#केन_नदी_बचाओ
#बुंदेलखंड_बचाओ
#अवैध_खनन_बंद_करो
#तालाब_बचाओ

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥 🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿 बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है। इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है। वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। 🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों। 🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है। 🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं। ✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨ #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ

Banda, Banda | Jun 2, 2026

🌿 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी 🌿
बांदा। जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी को बचाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में शुरू हुई भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, सूखते जलस्रोतों और तेजी से घटते वन क्षेत्र के विरोध में यह जनआंदोलन चलाया जा रहा है।
इस दौरान समाजसेवी जयराम सिंह ने जनमानस से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। निर्धारित मानकों से अधिक खनन होने के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है, जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
जयराम सिंह समाजसेवी ने इस बारे में जनता से क्या अपील की है, यह जानने के लिए वीडियो अवश्य देखें।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने कहा कि बांदा जनपद में पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट, प्रदूषण और पर्यावरणीय आपदाओं का सामना करना पड़ेगा।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण तथा केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने, उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने और उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
🌱 आइए, अपनी धरती और प्रकृति को बचाने के लिए एकजुट हों।
🌱 जल, जंगल, पहाड़, तालाब और नदियाँ हमारे जीवन का आधार हैं।
🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है।
"जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।"
— ए. एस. नोमानी
राष्ट्रीय अध्यक्ष, बुंदेलखंड इंसाफ सेना
#जल_जंगल_पहाड़_बचाओ
#केन_नदी_बचाओ
#बुंदेलखंड_बचाओ
#अवैध_खनन_बंद_करो
#तालाब_बचाओ

🌿 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी 🌿 बांदा। जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी को बचाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में शुरू हुई भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, सूखते जलस्रोतों और तेजी से घटते वन क्षेत्र के विरोध में यह जनआंदोलन चलाया जा रहा है। इस दौरान समाजसेवी जयराम सिंह ने जनमानस से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। निर्धारित मानकों से अधिक खनन होने के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है, जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जयराम सिंह समाजसेवी ने इस बारे में जनता से क्या अपील की है, यह जानने के लिए वीडियो अवश्य देखें। राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने कहा कि बांदा जनपद में पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट, प्रदूषण और पर्यावरणीय आपदाओं का सामना करना पड़ेगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण तथा केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने, उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने और उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। 🌱 आइए, अपनी धरती और प्रकृति को बचाने के लिए एकजुट हों। 🌱 जल, जंगल, पहाड़, तालाब और नदियाँ हमारे जीवन का आधार हैं। 🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है। "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" — ए. एस. नोमानी राष्ट्रीय अध्यक्ष, बुंदेलखंड इंसाफ सेना #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ

Banda, Banda | Jun 2, 2026

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥
🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿
बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है।
इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है।
वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों।
🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है।
🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं।
✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨
#जल_जंगल_पहाड़_बचाओ
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#अवैध_खनन_बंद_करो
#तालाब_बचाओ
#पर्यावरण_संरक्षण

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥 🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿 बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है। इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है। वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। 🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों। 🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है। 🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं। ✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨ #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ #पर्यावरण_संरक्षण

Banda, Banda | Jun 2, 2026

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥
🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿
बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है।
इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है।
वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों।
🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है।
🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं।
✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨
#जल_जंगल_पहाड़_बचाओ
#केन_नदी_बचाओ
#बुंदेलखंड_बचाओ
#अवैध_खनन_बंद_करो
#तालाब_बचाओ

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥 🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿 बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है। इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है। वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। 🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों। 🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है। 🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं। ✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨ #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ

Banda, Banda | Jun 2, 2026

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