पुलिसकर्मी पति पर दूसरी पत्नी ने लगाए मारपीट और प्रताड़ना के आरोप, गुजारा भत्ता का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने का दावा
उत्तरप्रदेश । फतेहपुर जनपद के खागा क्षेत्र से एक पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने अपने पति पर मारपीट, प्रताड़ना और गुजारा भत्ता का मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। महिला का यह भी दावा है कि उसके पति पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, जिसके कारण उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही।
पीड़िता राजरानी, निवासी सुजरही (खागा), ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वर्ष 2024 में उसने रमाकांत निवासी शिवपुर अहिरारा, थाना कोखराज (जनपद कौशाम्बी) से कोर्ट मैरिज की थी। महिला का आरोप है कि आरोपी वर्तमान में 35वीं बटालियन, लखनऊ में तैनात पुलिसकर्मी है। उसके अनुसार विवाह के बाद एक पुत्री का जन्म हुआ, लेकिन इसके बाद पति ने कथित रूप से मारपीट शुरू कर दी और साथ रखने से इनकार कर दिया।
महिला का कहना है कि उसने अपने और बच्चों के भरण-पोषण के लिए न्यायालय में गुजारा भत्ता का मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि इसी मुकदमे को वापस लेने के लिए पति लगातार दबाव बना रहा है।
पीड़िता के अनुसार 17 सितंबर 2026 की सुबह उसका पति उसके घर पहुंचा और कथित रूप से सड़क पर घसीटते हुए उसके साथ मारपीट की। महिला का दावा है कि शोर सुनकर आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई। इसके बाद वह खागा कोतवाली पहुंची और शिकायत दी, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पति पहले से विवाहित है और पहली पत्नी के साथ रह रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। मामले में संबंधित पुलिस अधिकारी या आरोपी पक्ष का बयान भी समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आया है।
अब पीड़िता ने प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराते हुए अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आरोपों की जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई की मांग की है।