खेत की सबसे बड़ी समस्या
ही बना
खेत का सबसे बड़ा समाधान
खरपतवार को TCBT ने बनाया फसल से बेहतरीन ग्रोथ प्रमोटर
🌱☘️पतवार रसायन☘️🌱
खेत में उगने वाले हर खरपतवार में औषधीय गुण (मेडीसिनल प्रॉपर्टी) होती है।
जरूरत है इन औषधीयों को रसायन के रूप में निकालने की।
भारतीय रसायन विद्या
आसव,आरिष्ट, और भस्म रसायन पद्धति से रसायन निकालना सिखाता है,
इसी विद्या का उपयोग कर TCBT ने विकसित किया
खेत के खरपतवार से उनके अंदर छुपे औषधीय रस को निकालने की सरल तकनीक
🌱"पतवार रसायन"🌱
खेत की निन्दाई के समय जो भी खरपतवार,कचरा, तृण, घास,हरे पत्ते निकलते है उनको किसी ड्रम या पॉलीथिन बिछे गड्ढे में भरो,डालो
100 किलो खरपतवार
500लीटर पानी
1किलो भू निर्विशी भस्म
7दिन तक सड़ने दो।
खरपतवार का सारा रस पानी में आ जाता है,अब सड़े हुए कचरे को बेड के मल्चिंग में उपयोग कर लो,
रस वाले पानी को पौधों के जड़ों के पास डाल दो,ड्रिप से चला दो
या
फसल पर स्प्रे करने के लिए प्रति 15लीटर पानी में 2लीटर पतवार रसायन मिलाकर स्प्रे करो।
TCBT का भू निर्विशी भस्म खरपतवार का रस निकालता है, सड़न क्रिया में फंगस नहीं आने देता,7 दिन बाद रस छानकर बंद ड्रम में रख लो तो 3 माह तक खराब नहीं होने देता है।
इस रस को जमीन में जड़ों के पास डालने से फीडर रूट (भोजन ग्रहण करने वाली जड़) तेजी से निकलता है। भू निर्विशी भस्म के कारण मिट्टी से विष और फंगस का प्रभाव भी खत्म होता है।
फसल पर स्प्रे से पत्तियां हरि कच्च हो जाती है,पत्तियों से फंगस का प्रभाव खत्म होने लगता है।
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🙏
ताराचंद बेलजी
प्रवर्तक
पंचमहाभूत कृषि(वृक्षायुर्वेद विज्ञान)
प्रोफेसर
जैविक कृषि (इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर)