छतरपुर के शासकीय बालिका छात्रावास में अव्यवस्थाओं के आरोप, अधीक्षिका के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग
छतरपुर। जिले के शासकीय बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने छात्रावास की अधीक्षिका के कार्यव्यवहार और व्यवस्थाओं को लेकर जिला कलेक्टर से शिकायत की है। छात्राओं ने शिकायत में विभिन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए अधीक्षिका के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने और छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार कराने की मांग की है।
छात्राओं की ओर से दिए गए आवेदन के अनुसार, उन्होंने 28 सितंबर को अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित बातें जिम्मेदार अधिकारियों के सामने रखी थीं। हालांकि, छात्राओं का आरोप है कि अब तक उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। इसके विपरीत, शिकायत करने वाली छात्राओं को उनके परिवारों को नोटिस भिजवाकर छात्रावास से नाम कटवाने की चेतावनी दिए जाने का आरोप लगाया गया है। छात्राओं ने इससे भय और असुरक्षा का माहौल बनने की बात कही है।
छात्रावास की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
आवेदन में छात्राओं ने कई बिंदुओं पर जांच की मांग की है। इनमें छात्राओं की तबीयत खराब होने पर समय पर उचित देखभाल और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने, उनकी समस्याओं की सुनवाई और शिकायतों का समाधान करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा, छात्रावास में कर्मचारियों और अधीक्षिका के परिजनों के आने-जाने को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। छात्राओं ने छात्रावास के नियमों और सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। आवेदन में अधीक्षिका के पति द्वारा छात्रावास के कार्यों में हस्तक्षेप करने तथा कर्मचारियों के कामकाज को प्रभावित करने के आरोपों की भी जांच कराने की बात कही गई है।
शिकायत करने वाली छात्राओं पर कार्रवाई का आरोप
छात्राओं ने मांग की है कि शिकायत करने वाली छात्राओं के विरुद्ध कार्रवाई करने या छात्रावास से नाम कटवाने की कथित चेतावनियों की भी निष्पक्ष जांच हो। उनका कहना है कि शिकायतों के कारण किसी भी छात्रा के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
जिला कलेक्टर से पांच प्रमुख मांगें
छात्राओं ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सक्षम अधिकारियों की टीम गठित की जाए। छात्रावास की भोजन, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कराया जाए। शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आवेदन में यह भी मांग की गई है कि छात्राओं को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
अब इस मामले में जिला प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित अधीक्षिका और छात्रावास प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।