तीतिर बौद्ध स्तूप को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल, डीएम ने किया निरीक्षण
शोधार्थियों और ग्रामीणों ने सौंपा विकास प्रस्ताव, बौद्ध एवं विरासत पर्यटन सर्किट बनाने की उठी मांग
जीरादेई (सिवान)। प्रखंड क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक तीतिर बौद्ध स्तूप को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का जायजा लेने के लिए शनिवार को जिला पदाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ स्थल का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्तूप के ऐतिहासिक एवं पुरातात्त्विक महत्व की जानकारी ली तथा इसके संरक्षण और विकास की संभावनाओं पर शोधार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से चर्चा की।
भ्रमण के दौरान शोधार्थी सह इतिहासकार डॉ. कृष्ण कुमार सिंह, मुखिया प्रतिनिधि नवाब अंसारी और स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के समक्ष स्तूप के संरक्षण एवं समग्र विकास का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें तीतिर बौद्ध स्तूप को बौद्ध एवं विरासत पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की गई। प्रस्ताव में स्थल का वैज्ञानिक सीमांकन, पुरातात्त्विक संरक्षण, पहुंच मार्ग का विकास, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटक सुविधाएं, व्याख्या केंद्र और लघु संग्रहालय की स्थापना जैसे बिंदु शामिल थे।
2018 में हुआ था परीक्षण उत्खनन
शोधार्थी डॉ. कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से तीतिर स्तूप में परीक्षण उत्खनन किया गया था, जिसमें महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक साक्ष्य प्राप्त हुए थे। उन्होंने स्थल के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसके संरक्षण और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
पर्यटन सर्किट बनाने का प्रस्ताव
प्रस्ताव में तीतिर स्तूप को जीरादेई स्थित देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद से संबंधित ऐतिहासिक स्थलों और सिवान जिले के अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं बौद्ध स्थलों से जोड़कर ‘तीतिर स्तूप–जीरादेई बौद्ध एवं विरासत पर्यटन सर्किट’ विकसित करने की मांग की गई। इसके तहत बौद्ध पर्यटन, ध्यान एवं आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण, पर्यटन आधारित रोजगार और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई।
बौद्ध मंदिर में की पूजा-अर्चना
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने तीतिर स्तूप स्थित बौद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर डॉ. कृष्ण कुमार सिंह, सिवान तीतिर स्तूप बौद्ध विकास मिशन के सचिव एवं युवा चित्रकार रजनीश कुमार मौर्य तथा मुखिया प्रतिनिधि नवाब अंसारी ने उन्हें तीतिर स्तूप से संबंधित प्रतीक चिह्न भेंट किया।
जिलाधिकारी के भ्रमण को स्थानीय लोगों ने स्तूप के ऐतिहासिक महत्व और पर्यटन विकास की संभावनाओं को प्रशासन के समक्ष रखने के अवसर के रूप में देखा। प्रस्तावित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई।
इस अवसर पर गोपनीय शाखा के विशेष कार्य पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक, पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आशुतोष सती एवं कनीय अभियंता रौशन कुमार, जीरादेई के प्रखंड विकास पदाधिकारी धीरज कुमार दुबे, अंचलाधिकारी अमजल अंसारी, मैरवा थानाध्यक्ष राहुल कुमार, प्रखंड एवं अंचल के कर्मी, मंदिर अध्यक्ष माधव शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
Mairwa, Siwan | Oct 18, 2026