गीता ज्ञान से मिटता है तनाव, जीवन मुक्त होता है इंसान: स्वामी कमलानंद गिरि
लालबहादुर भाखर
पीलीबंगा। कस्बे की बीरबल विहार कॉलोनी स्थित मनोकामना सिद्ध श्री सालासर बालाजी धाम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान स्वामी कमलानंद गिरि ने श्रीमद्भगवद् गीता पर सारगर्भित प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि गीता सनातन धर्म की अमूल्य धरोहर तथा समस्त शास्त्रों का निचोड़ है। जिस प्रकार कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश देकर उसके मोह व संशय को दूर किया था, उसी प्रकार आज भी गीता का ज्ञान मानव जीवन के लिए पथ-प्रदर्शक है।
स्वामी जी ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य के जीवन में तनाव का सबसे बड़ा कारण अज्ञानता है। अज्ञान अंधकार स्वरूप है और ज्ञान प्रकाश है। जैसे ही व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति होती है, उसके भय और भ्रम स्वतः समाप्त हो जाते हैं। गीता मनुष्य को एकाग्रता प्रदान करती है तथा कठिन परिस्थितियों और समस्याओं से लड़ने का संबल देती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि द्वैत भाव से अशांति बढ़ती है, जबकि अद्वैत दर्शन से शांति एवं निर्भयता की प्राप्ति होती है।
उल्लेखनीय है कि सालासर बालाजी धाम में चल रही यह कथा आगामी आठ दिनों तक निरंतर जारी रहेगी। कथा प्रसंगों के दौरान गायक रमन जैन द्वारा भजनों की मधुर प्रस्तुतियाँ दी जा रही हैं, जिन पर श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं। Part 9