सेफ सिटी टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जयधर व छछरौली में पहुंच कर छात्र-छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों व नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक
3 अगस्त 2026
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन में जिला पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जिला पुलिस की विभिन्न टीमें स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को कानून, सुरक्षा, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा तथा नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दे रही हैं।
इसी क्रम में सेफ सिटी टीम की एएसआई नीलम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जयधर तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छछरौली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी को गंभीरता से सुना।
कार्यक्रम के दौरान एएसआई नीलम ने विद्यार्थियों को आपातकालीन सेवाओं और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में 112 डायल कर तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1091, बच्चों से संबंधित किसी भी समस्या या सहायता के लिए 1098, जबकि साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय समय रहते पुलिस या संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दें।
इसके अलावा विद्यार्थियों को नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव तथा सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
जागरूकता कार्यक्रम के अंत में कुछ छात्राओं ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामाजिक समस्याएं पुलिस टीम के समक्ष रखीं। एएसआई नीलम ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उचित परामर्श दिया तथा मौके पर ही उनके समाधान का प्रयास किया। विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें अपने अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानूनी सहायता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। जिला पुलिस ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को सुरक्षा एवं कानून संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।