🚨 बलिया में किडनैपिंग की खबर निकली झूठी: स्कूल प्रोजेक्ट पूरा न होने के डर से बच्चियों ने रची थी मनगढ़ंत कहानी!
बलिया के उभांव थाना क्षेत्र में सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब दो नाबालिग सगी बहनों के ई-रिक्शा से किडनैप होने की खबर आई। बच्चियों ने दावा किया था कि बदमाशों ने उन्हें स्प्रे मारकर बेहोश किया और पुलिस की मदद से वे बचीं। लेकिन जब पुलिस ने जांच की, तो पूरा मामला फर्जी निकला।
📹 CCTV फुटेज से खुला झूठ का राज: उभांव थाने के एसआई सुमित त्रिपाठी और कांस्टेबल सर्वजीत गुप्ता ने जब नवजीवन स्कूल और रास्ते के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो बच्चियाँ आराम से ई-रिक्शा से उतरती दिखीं, जबकि उनका बयान मोटरसाइकिल का था। कड़ाई से पूछताछ में बच्चियों ने अपना झूठ कबूल कर लिया।
🎒 नाम कटने और सजा का था डर: रतसड़ के एक स्कूल में पढ़ने वाली 9वीं और दूसरी क्लास की इन बहनों का स्कूल प्रोजेक्ट अधूरा था। प्रिंसिपल ने चेतावनी दी थी कि सोमवार को प्रोजेक्ट न लाने पर नाम काट दिया जाएगा। इसी डर से दोनों स्कूल न जाकर बेल्थरा रोड स्थित नवजीवन स्कूल में अपनी रिश्तेदार से मिलने चली गईं और पकड़े जाने के डर से किडनैपिंग की झूठी स्क्रिप्ट गढ़ दी।
👮 परिजनों को सौंपा गया: सच्चाई सामने आने के बाद उभांव पुलिस ने राहत की सांस ली। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चियों को उनके परिजनों के साथ रतसड़ पुलिस चौकी के सुपुर्द कर घर भेज दिया गया है।
बच्चों की इस तरह की कहानियों और स्कूल के बढ़ते दबाव पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।
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