🐄 आज भी जिंदा है गौसेवा की परंपरा! 🙏
चित्रकूट, पहाड़ी कस्बा। एक समय था, जब गौवंश की सेवा और देखभाल को सबसे बड़ा पुण्य माना जाता था। आज के दौर में भी कुछ जगहों पर ऐसी खूबसूरत तस्वीरें देखने को मिल जाती हैं, जो भारतीय संस्कृति और गौसेवा की परंपरा की याद दिलाती हैं।
यह तस्वीर पहाड़ी कस्बे की है, जहां बबलू महाराज निस्वार्थ भाव से गायों की सेवा करते हैं। उनकी सेवा और स्नेह का ही भाव है कि गाय माता भी उनके पास स्वयं खिंची चली आती हैं।
🙏 गौसेवा केवल सेवा नहीं, बल्कि आस्था, करुणा और मानवता का प्रतीक है।
🐄 गौमाता की सेवा करें, भारतीय संस्कृति और परंपरा को जीवित रखें।
Karwi, Chitrakoot | Oct 4, 2026