*चित्रकूट में गूंजा गांधी-शास्त्री के विचारों का मंत्र, 'आज का गांधी सम्मान' से सम्मानित हुए आचार्य मदन गोपाल वाजपेई, एस पी ने कहा- अहिंसा जीवन जीने की कला है*
जिले की प्रतिभाओं को आयुष्मान वानप्रस्थ विश्वविद्यालय ने दिया आगे बढ़ने का मंच *भैरों प्रसाद मिश्र
*चित्रकूट।* विश्व अहिंसा दिवस के अवसर पर जिले की अग्रणी सामाजिक संस्था आयुष्मान भारत विश्वविद्यालय द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के उत्कृष्ट प्रतिभागियों, उद्यमियों और 11 स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में सबसे महत्वपूर्ण *'आज का गांधी सम्मान' आयुष ग्राम के संस्थापक राष्ट्रीय गुरु आचार्य डॉक्टर मदन गोपाल वाजपेई* को प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के प्रायोजक सर्राफा एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा समाजसेवी रोहिल अग्रवाल रहे। वहीं *कृषि समाचार सम्मान से दीपक पटेल* को सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए *मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि,* "महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। अहिंसा केवल एक सिद्धांत नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। बच्चों ने जिस तरह से गांधी दर्शन को समझा है, वह काबिले तारीफ है।"
*पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्र ने कहा कि,* "गांधी जी ने स्वच्छता, स्वावलंबन और सत्य का मार्ग दिखाया, तो शास्त्री जी ने 'जय जवान-जय किसान' का नारा देकर देश को आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया। आयुष्मान भारत विश्वविद्यालय ने प्रतिभाओं को जो मंच दिया है, वह सराहनीय है।"
सम्मान पाने के बाद *राष्ट्रीय गुरु आचार्य डॉ. मदन गोपाल वाजपेई ने कहा कि,* "यह सम्मान मेरे लिए नहीं, बल्कि उस विचार के लिए है जो गांव, गौ और गरीब की सेवा से जुड़ा है। आज का गांधी वही है जो स्वच्छता कर्मी के पसीने को और किसान के हल को सम्मान देता है। मैं यह पुरस्कार चित्रकूट के सभी समाजसेवियों को समर्पित करता हूँ।"
समारोह में गजोधर प्रसाद स्मृति स्वच्छता प्रहरी सम्मान से 11 स्वच्छता कर्मियों को समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने सम्मानित किया। प्रिया मसाले के निदेशक बृजेश त्रिपाठी की ओर से उद्यमियों को पुरस्कृत किया गया।
संस्था निदेशक बलबीर सिंह ने बताया कि प्राथमिक, जूनियर, सीनियर संवर्ग में सामान्य ज्ञान, निबंध, भाषण, चित्रकला, मेहंदी, रंगोली एवं गांधी दर्शन पर आधारित सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं कराई गईं। ग्रामोदय व दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के निर्णय के अनुसार प्रथम, द्वितीय, तृतीय व सांत्वना पुरस्कार विजेताओं को प्रशस्ति पत्र व शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गांधी और शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, 'रघुपति राघव राजा राम' भजन की प्रस्तुति हुई और राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। संचालन बलबीर सिंह ने किया और आभार डॉ. मनोज द्विवेदी ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर बी.बी. सिंह, शंकर यादव, शंकर लाल गुप्ता, डॉक्टर संध्या पांडे डॉक्टर राकेश मौर्य सी पी पांडे डॉ अमित सिंह समाजसेवी डॉक्टर एसपी त्रिपाठी, शिव बरन त्रिपाठी जेपी मिश्रा सुषमा सिंह अनीता सिंह कल्पना राजपूत दीप शिखा राजेश दुबे पंकज दुबे प्रदीप शुक्ला अभिमन्यु भाई, डॉ. प्रभाकर सिंह, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।