एक सप्ताह में 23 साइबर अपराधी गिरफ्तार,697750/-₹ बरामद:सीपी सतेंद्र कुमार गुप्ता
65,30,365/-रू रुपए खातों में फ्रिज,साइबर ठगी पर 1930 पर सूचित करें
Aonenews अरविन्द बक्शी
पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में फरीदाबाद पुलिस की साइबर थानों की टीम द्वारा ठगों पर लगातार प्रभावी कार्रवाही की जा रही है। 30 मई से 05 जून के बीच फरीदाबाद पुलिस के तीनों साइबर थानों की टीम ने 23 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर ₹697750/- बरामद किए हैं।
पुलिस प्रवक्ता अनुसार फरीदाबाद पुलिस की साइबर थानों की टीम ने 6 मुकदमों में कार्रवाई करते हुए 23 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें साइबर थाना एनआईटी के 02 व सेंट्रल के 03 व बल्लभगढ का 1 एक मामला शामिल है। इस दौरान साइबर थाना की टीमों ने 697750/-₹ बरामद किये हैं। इसी प्रकार 554 शिकायतों का निस्तारण कर 65,30,365/-रू खातों में फ्रिज कराये हैं। साइबर थानों की टीम द्वारा यह कार्रवाई 30 मई से 05 जून के बीच एक सप्ताह के दौरान की गई है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में अरविन्द, पीयूष सिंह, कृष्ण देव, सुजीत प्रताप, अमित राय, विकाश मालिक, मुकुल उर्फ कुल्लू, राहुल गुरुंग, विकाश, घनश्याम, विशाल रावत, रिशल गुप्ता, पुष्पेंद्र, राजकुमार, रमेश गुप्ता, जशप्रीत कौर, विजय, हर्ष खत्री, गौरव शर्मा, ऋषभ, प्रतीक रविंद्रा बोबड़े, राहुल प्रेमचंद, अजीत व अंबिका का नाम शामिल है। फरीदाबाद पुलिस की आमजन से अपील है कि जागरूक बने, लालच में ना आयें। साइबर ठगी के मामले में तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करें तथा ऑनलाइन वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत भेजें।
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपने बैंक से संबंधित किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी तथा ओटीपी किसी को शेयर ना करें। *जागरूकता ही साइबर ठगी पर प्रभावी प्रहार है, जागरूक बने सुरक्षित रहें*
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मुम्बई क्राइम ब्रांच का कर्मचारी बनकर की गई थी 30 लाख की ठगी,एकाउंट्स प्रोवाइडर गिरफ्तार
एक अन्य साइबर के मामले में 10 महीना मुंबई जेल में रहा है आरोपित
फरीदाबाद- फरीदाबाद पुलिस द्वारा लगातार साइबर अपराधियों पर कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगी करने के एक मामले में खाता उपलब्ध कराने वाले आयुष(23) वासी गुरु हरिकिश्न नगर दिल्ली को साइबर थाना NIT की टीम ने गिरफ्तार किया है। जिसको पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि NIT फरीदाबाद में रहने वाली एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि 16 जून 2025 को उसके पास एक कॉल आया, जिसने अपने आप को कथित मुम्बई क्राईम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया और कहा कि शिकायतकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके बाद एक अन्य नंबर से पुलिस ऑफिसर की विडियो कॉल आई और जिसने शिकायतकर्ता को जेट एयरवेज मनी लॉन्ड्रिंग केस मे आरोपी बताया तथा कहां कि हॉउस अरेस्ट किया गया है व डिजीटल अरेस्ट के ऑर्डर उसके पास भेज देंगे। इस केस में 6 करोड 80 लाख रुपये देने पडेंगे व उसके केस की प्रोसीडिंग्स व्हाट्अप के माध्यम से विडियो कॉल पर ही की जायेगी। जहां पर सीनियर ऑफिसर और जज साहब बात करेंगे और इस बारे में न तो किसी को बताना है और न ही घर से बाहर जाना है। इसके बाद उन्होंने केस के निपटारे के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने R.T.G.S के जरिए ठगों द्वारा बताए खाता में 30,20,000 रुपये भेज दिए। शिकायत पर साइबर थाना NIT में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपित आयुष ने खाताधारक मनीष का खाता गौरव से लेकर विकास को दिया था। खाते में ठगी के 805000 रुपए आए थे। आयुष, गौरव और विकास आपस में दोस्त हैं। आयुष का दिल्ली में पुरानी गाड़ीयों का सेल प्रचेज का काम है, वह मुंबई पुलिस के एक साइबर के मामले में 10 महीने की जेल भी काट चुका है। इस चैन में खाताधारक मनीष सहित 3 आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
Faridabad, Faridabad | Jun 7, 2026