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शतरंज की बिसात पर निखरी बच्चों की प्रतिभा, इद्रीश फाउंडेशन एवं IIMUN रोहतक की संयुक्त कार्यशाला रही सफल
अंबाला छावनी, 10 जुलाई।
इद्रीश फाउंडेशन एवं IIMUN रोहतक के संयुक्त तत्वावधान में प्रोजेक्ट ईवनिंग क्लास, टांगरी ब्रिज, अंबाला छावनी में शतरंज कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों में तार्किक सोच, एकाग्रता, धैर्य, नेतृत्व क्षमता तथा निर्णय लेने की योग्यता का विकास करना था।
कार्यक्रम के दौरान IIMUN रोहतक की टीम ने बच्चों को शतरंज के नियम, शुरुआती रणनीतियाँ तथा खेल के माध्यम से जीवन में अनुशासन, धैर्य और दूरदर्शिता का महत्व समझाया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यशाला में भाग लिया और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से नई-नई तकनीकों को सीखा।
इद्रीश फाउंडेशन की संस्थापक नेहा परवीन ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना भी है, जो उनके व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और मानसिक विकास को नई दिशा दें।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
एक छात्र ने कहा, "आज हमें समझ आया कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि सोचने और सही निर्णय लेने की कला है।"
एक छात्रा ने कहा, "मुझे पहली बार शतरंज सीखने का अवसर मिला। अब मैं इसे नियमित रूप से सीखना और प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहती हूँ।"
एक अन्य बच्चे ने कहा, "इस कार्यशाला ने हमें धैर्य, आत्मविश्वास और हर चाल को सोच-समझकर चलने की सीख दी।"
IIMUN रोहतक की ओर से कीरत मैम ने कहा, "इद्रीश फाउंडेशन के साथ मिलकर इस कार्यशाला का आयोजन करना हमारे लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा। बच्चों का उत्साह और सीखने की लगन प्रेरणादायक रही। हमारा उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच और आत्मविश्वास का विकास करना है। हमें विश्वास है कि इद्रीश फाउंडेशन भविष्य में भी ऐसे प्रभावशाली कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाता रहेगा और हमें इस पहल का हिस्सा बनने पर गर्व है।"
कार्यक्रम के अंत में इद्रीश फाउंडेशन की ओर से कीरत मैम एवं IIMUN रोहतक की पूरी टीम का स्मृति-चिन्ह देकर सम्मान किया गया तथा उनके सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। संस्था ने भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया।
Ambala, Ambala | Jul 11, 2026