Public App Logo
Profile Picture

PRO JS GWALIOR

@projsgwalior
1556Followers
0Following
मेरा युवा भारत केंद्र की जिला समन्वय समिति की बैठक संपन्न 

माय भारत पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन के लिए बनी साझा रणनीति

मेरा युवा भारत केंद्र की जिला समन्वय समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिले के युवाओं का माय भारत पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने, विभिन्न विभागों के समन्वय से युवा कल्याण योजनाओं को गति देने तथा पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए साझा रणनीति बनाई गई। यह बैठक गुरुवार को कम्पू स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर में आयोजित हुई। 
 जिला युवा अधिकारी श्रीमती अंजली कुमारी ने कहा कि माय भारत पोर्टल के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास, रोजगार, खेल गतिविधियों एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिलेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि उच्च शिक्षण संस्थानों, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना, नेहरू युवा केंद्र तथा विभिन्न खेल केंद्रों के माध्यम से जिले के प्रत्येक युवा तक पोर्टल की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
 बैठक में जिला खेल अधिकारी डॉ. अरविन्द सिंह राणा, संजीव सिंह, गिर्राज शर्मा, उम्मेद वर्मा, डॉ. वीणा जोशी, डॉ. मनोज अवस्थी, अजय बॉस, दिलीप सुमन, अरविन्द कुशवाह एवं दिनेश बाथम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में सुझाव दिए। 
 अंत में सभी विभागों ने आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य कर जिले के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
PRO Gwalior
CM Madhya Pradesh
वीआरजी कॉलेज में मना अंतरराष्ट्रीय युवा कौशल दिवस 

सायबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

अंतरराष्ट्रीय युवा कौशल दिवस के अवसर पर विजयाराजे शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मुरार में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा एनआईआईटी फाउंडेशन (NIIT Foundation) के सहयोग से "सायबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस" विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की विभिन्न संकायों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
 कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.के. श्रीवास्तव ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल स्नातक अथवा स्नातकोत्तर डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को डिग्री पाठ्यक्रम के साथ एक या दो कौशल आधारित प्रशिक्षण भी अवश्य प्राप्त करना चाहिए, ताकि रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
 महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की प्रभारी डॉ. रेनू एस. नायर ने छात्राओं को उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक तकनीकों में दक्षता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. राजवीर किरार ने कहा कि अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप कौशल विकास पाठ्यक्रमों का चयन करने से भविष्य में उपयुक्त कैरियर का चयन करना अधिक सरल हो जाता है।
 कार्यक्रम में एनआईआईटी फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री राहुल गौतम ने छात्राओं को कौशल विकास से जुड़े विभिन्न रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में एनआईआईटी फाउंडेशन द्वारा छात्राओं के लिए सायबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर 150 घंटे का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में दक्षता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
 कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. शर्मिला जैन ने किया। उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत महाविद्यालय में संचालित तीन कौशल आधारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से इनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
 इस अवसर पर जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा देशपांडे, डॉ. अर्चना शर्मा, प्रशिक्षक श्री शिवम कटारे, सुश्री आकांक्षा कुशवाह, श्री विमलेश पाल, श्री अर्नव गुप्ता एवं श्री शुभम माहेश्वरी सहित महाविद्यालय का शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।
 कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं द्वारा "आधुनिक तकनीकें एवं उनका पर्यावरण पर प्रभाव" विषय पर आकर्षक पोस्टर भी तैयार किए गए, जिनके माध्यम से तकनीकी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
Collector Office Gwalior
CM Madhya Pradesh
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर में हुआ करंज एवं खमेर के पौधों का रोपण

पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, ग्वालियर परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने करंज एवं खमेर (सफेद टीक) के पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
 कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह ने कहा कि करंज एवं खमेर दोनों ही पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा इमारती एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्ष हैं। कृषि वानिकी की वैज्ञानिक डॉ. अमिता शर्मा ने कहा कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान मातृ सम्मान के साथ-साथ धरती माँ के संरक्षण का भी प्रेरक संदेश देता है।
 कार्यक्रम में रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का दायित्व केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा लिया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस.पी.एस. तोमर, डॉ. रश्मि बाजपेई, डॉ. राजीव सिंह चौहान सहित केंद्र के अन्य वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
सरकार हर कदम पर व्यापारियों व उद्यमियों के साथ खड़ी है – प्रभारी मंत्री श्री सिलावट 

कैट की जिला इकाई द्वारा आयोजित “व्यापार उद्योग संवाद” में शामिल हुए प्रभारी मंत्री 

एक-एक कर सुनी उद्यमियों की समस्यायें, समयबद्ध कार्यक्रम के तहत निराकरण का दिलाया भरोसा 

प्रदेश सरकार हर कदम पर व्यापारियों व उद्यमियों के साथ खड़ी है। सरकार समयबद्ध कार्यक्रम के तहत उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करने के लिये कटिबद्ध है। यह बात जिले के प्रभारी मंत्री एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कही। श्री सिलावट रविवार को ग्वालियर में कैट (कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) की जिला इकाई द्वारा आयोजित “व्यापार उद्योग संवाद” में मौजूद शहर के उद्यमियों व व्यापारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बड़ी संख्या में मौजूद शहर के व्यवसाइयों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिये हर तीन माह में बैठक आयोजित की जायेगी। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हर तीन माह में यह बैठक आयोजित करने की पहल विशेष रूप से की है। 
 प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जिससे उद्योगों के निवेश के लिये पर्याप्त अवसर मिलें। उन्होंने कहा किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बल्कि सरकार, प्रशासन, उद्योग और व्यापार जगत के सामूहिक सहयोग से आगे बढ़ती है। संवाद ही वह माध्यम है जिससे समस्याओं का समाधान निकलता है और विकास की नई संभावनायें जन्म लेती हैं। 
 प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इस क्रम में इन्वेस्टर समिट के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर तक औद्योगिक कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आया है। सरकार द्वारा पिछले साल को औद्योगिक वर्ष के रूप में मनाया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। इसमें उद्यमियों व व्यापारियों की अहम भूमिका होगी। श्री सिलावट ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं बल्कि समावेशी एवं संतुलित विकास है, जिसमें व्यापारी, उद्यमी, युवा, किसान एवं प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।  
 रविवार को स्थानीय होटल में आयोजित हुए व्यापारी संवाद में कैट के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री भूपेन्द्र जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री उदयवीर सिंह गुर्जर व जीडीए के उपाध्यक्ष श्री सुधीर गुप्ता, अपर आयुक्त नगर निगम श्री प्रदीप तोमर, कैट की जिला इकाई के अध्यक्ष श्री मुकेश अग्रवाल, महामंत्री श्री रामकुमार गोयल, कोषाध्यक्ष श्री नितिन गोयल, कार्यक्रम संयोजक श्री आकाश जैन तथा सर्वश्री राजू कुकरेजा, अजय मंगल व श्याम शुक्ला सहित कैट के अन्य पदाधिकारी मंचासीन थे। 
 भाजपा जिला अध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार व्यापारियों व उद्यमियों के हितों का पूरा ध्यान रख रही है। उन्होंने कहा सरकार द्वारा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 
 अपर आयुक्त नगर निगम श्री प्रदीप तोमर ने कहा कि उद्यमी विकास की रीढ़ होते हैं। शहर के सुनियोजित विकास में हर नागरिक का सहयोग जरूरी है। ग्वालियर शहर को सुंदर व विकसित बनाने के लिये व्यापारी आगे आएं। नगर निगम द्वारा उनकी समस्याओं का तत्परता से समाधान किया जायेगा। 

उद्यमियों से किया सीधा संवाद व उनकी समस्याओं के समाधान का दिलाया भरोसा 

 प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने एक – एक कर विभिन्न उद्यमियों की समस्यायें सुनीं। साथ ही समयबद्ध कार्यक्रम के तहत इन समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। 
 श्रीमती अंजलि बत्रा ने ग्वालियर के उत्पादों के लिये एक्जीवीशन सेंटर बनाने एवं महिला औद्योगिक क्षेत्र की मांग रखी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि ग्वालियर मेला परिसर में एक्जीवीशन सेंटर विकसित किया जा रहा है। महिला औद्योगिक क्षेत्र के विकास के संबंध में सरकार गंभीरता से प्रयास करेगी। 
 लघु उद्योग भारती के मध्यभारत प्रांत के अध्यक्ष श्री सोबरन सिंह तोमर द्वारा शहर के शंकरपुर औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान, विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में सड़कों की ओर ध्यान आकर्षित किया। प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि इस दिशा में नगर निगम व जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। 
 इसी तरह कुछ उद्यमियों द्वारा रियल एस्टेट से संबंधित एफएआर की विसंगति को दूर करने की मांग रखी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस दिशा में शीघ्र ही भोपाल में मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री एवं प्रमुख सचिव से चर्चा की जायेगी। ग्वालियर जिले का प्रतिनिधि मंडल भी उनके साथ मौजूद रहेगा।  
 कार्यक्रम का संचालन श्री प्रभात चौपड़ा द्वारा किया गया। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव

युवाओं के सपनों को पूरा करने हर संभव मदद करेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देश के साथ प्रदेश की समृद्धि के सूत्रधार बनेंगे 2 करोड़ युवा

राष्ट्र के नवनिर्माण में युवा शक्ति की प्रतिभा को निखारने करेंगे सभी संभव उपाय

प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने दे रही है स्पेशल ट्रेनिंग

कॉन्क्लेव से प्राप्त सुझाव पर बनायेंगे युवा नीति

अपनी क्षमता, योग्यता, बुद्धिमता और उद्यमिता से युवा ही बनायेंगे विकसित भारत

युवा शक्ति को जोड़ेंगे प्रदेश के विकास यज्ञ में

रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले उद्यमी बनें युवा

माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ किया संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव का शुभारंभ कर प्रदेश के सभी युवाओं को दिया संदेश

युवाओं ने सौंपा विकसित मध्यप्रदेश@2047 के संकल्प-पत्र का मसौदा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिये हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 2 करोड़ युवा विकसित भारत @2047 के निर्माण में सहभागी बनते हुए प्रदेश की समृद्धि के भी सूत्रधार बनेंगे। राष्ट्र के नवनिर्माण में युवा शक्ति की प्रतिभा को निखारने के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिये संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क जैसे कौशल उन्नयन संस्थानों के द्वारा स्पेशल ट्रेनिंग दे रही है। दुनिया की सबसे बड़ी यंग जनरेशन भारत में है। हमारा देश युवाओं का देश है। युवाओं के बलबूते ही भारत हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। अपनी क्षमता, दक्षता, योग्यता, जोखिम लेने का साहस, बुद्धिमता और उद्यमशीलता से यही युवा नये विकसित भारत का निर्माण करेंगे। भारत के हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश में 2 करोड़ से अधिक युवा हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव' के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने की डिजिटल कंटेंट अवार्ड की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'मध्यप्रदेश यूथ कॉन्क्लेव-2026' में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ संवाद किया। उन्होंने युवाओं के उत्थान और जन जागरूकता के लिए डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के योगदान को सराहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के डिजिटल इंफ्ल्यूएंसर्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 'डिजिटल कंटेंट अवॉर्ड' प्रदान किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सकारात्मक सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के साथ काम करने वाले युवा आज समाज में परिवर्तन के सशक्त वाहक बन रहे हैं और उनके योगदान को सम्मानित किया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम में इंदौर, उज्जैन, धार सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के विभिन्न स्थानों के 200 से अधिक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्ल्यूएंसर्स शामिल हुये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से संवाद करते हुए समाज निर्माण, सकारात्मक परिवर्तन और जनजागरूकता में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म समाज को दिशा देने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। आज का यूथ केवल कंटेंट नहीं बना रहा, बल्कि विचारों को दिशा दे रहा है, समाज को जोड़ रहा है और नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को स्वर दे रहा है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक और जिम्मेदार डिजिटल कंटेंट के माध्यम से युवा समाज में रचनात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

वर्ष 2027 होगा युवाओं का साल : युवाओं के कल्याण की इसी साल से हो गई शुरुआत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगला साल (2027) प्रदेश की युवा शक्ति को समर्पित रहेगा। युवाओं के समग्र कल्याण सहित इन्हें रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा कल्याण की शुरूआत इसी साल से इस 'यूथ कॉन्क्लेव' के जरिए हो चुकी है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के बेहतर भविष्य के लिए युवाओं की सहभागिता बेहद आवश्यक है। हम प्रदेश के विकास यज्ञ में युवाओं की शत्-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा साथी अपने जीवन में आगे बढ़ने और कुछ नया कर गुजरने के सपने देंखे, युवाओं के सपनों को पूरा करने में हमारी सरकार सभी प्रकार की मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कॉन्क्लेव में आए युवाओं ने 'मध्यप्रदेश युवा संकल्प-2026' का मसौदा सौंपा। मुख्यमंत्री ने दस्तावेज तैयार करने के लिए अपने सुझाव देने वाले सभी युवा चिंतकों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक फैसला लोगों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को बैंकिंग प्रणाली और यूपीआई से जोड़ने के लिए करोड़ों लोगों के जीरो बैलेंस में बैंक खाते खुलवाए। यह वित्तीय समावेशन की दिशा में उठाया गया विश्व का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी कदम था। उन्होंने कहा कि जो काम पहले असंभव मान लिया गया था, हमारी सरकार ने पुरजोर प्रयास कर उसे धरातल पर उतारा है। आज इंदौर शहर को भी नर्मदा का पवित्र जल मिल रहा है। प्रदेश में केन-बेतवा नदी लिंक और पीकेसी नदी लिंक परियोजनाओं पर काम जारी है। हमारी सरकार युवा शक्ति को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है। युवा शक्ति अवसरों का भरपूर लाभ उठाए।

होम-स्टे से युवाओं को ग्रामीण अंचलों में मिल रहा है रोजगार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति अपनी प्रतिभा से देश और समाज में अलग पहचान बनाए। राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे तैयार करने के लिए युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है। रोजगारपरक उद्योग स्थापित करने पर ऐसे उद्यमियों को हमारी सरकार प्रत्येक श्रमिक के वेतन में 5 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन सहायता दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने राहवीर योजना की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करते हुए किसी सड़क हादसे के घायलों की मदद करने वाले वीरों को सरकार द्वारा इनाम के रूप में 25 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों को कठिन समय में पीएम हेली सेवा और पीएमश्री एयर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, मदनलाल ढींगरा जैसे वीरों ने भारत माता की सेवा करते हुए स्वयं को बलिदान कर दिया। झाबुआ जिले के भाबरा में जन्मे चंद्रशेखर आजाद ने जिंदा रहते हुए तक खुद को अंग्रेजों को हाथ नहीं लगाने दिया। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा ने ब्रिटिश सरकार को चुनौती दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के पिता श्री धीरू भाई ने पेट्रोल पंप पर नौकरी करते हुए संघर्ष किया और अपना व्यवसाय स्थापित किया। यह सब इस बात का प्रतीक है कि युवाओं ने ही देश को नई दिशा दी है।

युवाओं ने रखी अपनी बात

कॉन्क्लेव में युवा सुश्री कशिश आहूजा और श्री संकल्प सिंह चौहान ने शिक्षा-कौशल विकास तथा सुश्री अमीक अमानी ने खेल क्षेत्र में संकल्प पत्र का वाचन किया। डॉ. महक भंडारी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र पर अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आभा आईडी के माध्यम से सभी रिपोर्ट्स अब मोबाइल पर डिजिटल फॉर्म में उपलब्ध हैं। हमारे युवा स्वास्थ्य कर्मी वॉलेंटियर्स बनकर सिंहस्थ 2028 के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करें। सुश्री सानिया जसवानी ने एमएसएमई सेक्टर के संकल्प पत्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश की युवा शक्ति नई ऊर्जा से भरी हुई है। हम नवाचारों को लेकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के संकल्प में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

युवा श्री लखन पाटीदार और श्री जितेंद्र पाटीदार ने कृषि, उद्यानिकी एवं फूड प्रोसेसिंग के संकल्प पत्र का वाचन करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जिम्मेदार बन रहे हैं। हमारे युवा प्राकृतिक खेती कर अपना ब्रांड बनाएं और अपनी फसल डिजिटल मार्केटिंग से बेचकर अधिक आय कमाएं। अब ग्रामीण हाट बाजारों में प्राकृतिक खेती के उत्पाद नजर आने लगे हैं। उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पॉलीहाउस लगाने की सुविधा मिलती है। इससे युवा संरक्षित खेती अपना सकते हैं। इससे मौसम की मार और विपरीत परिस्थितियों में भी अच्छा फसल उत्पादन लिया जा सकता है।

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनियाभर में अपने झंडे गाड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज ही आजाद बाइक रैली को झंडी दिखाई है, जो अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली चन्द्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) तक जाएगी। उन्होंने कहा कि 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026' में पांच अलग-अलग विषयों पर युवाओं ने अपने रोचक विचार व्यक्त किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। युवा शक्ति हमारा भविष्य है, जो विकसित भारत @2047 के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कॉन्क्लेव में शिक्षा एवं कौशल विकास, खेल एवं स्वास्थ्य और जनअभियान विषयों पर कार्यशाला एवं संस्कृति, कला, पर्यटन युवा संकल्प निर्माण और सामुदायिक नेतृत्व के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों के साथ युवाओं के मार्गदर्शन के लिये उपयोगी संवाद सत्रों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सुश्री ऊषा ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, विधायक श्री मधु वर्मा, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक श्री गोलू शुक्ला, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उद्यमी, शिक्षाविद्, शोधकर्ता, प्रोफेशनल्स उपस्थित थे।

'माय यूथ - माय प्राउड' कॉन्क्लेव की प्रमुख झलकियां

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही युवाओं में अपार उत्साह, ऊर्जा और उमंग का माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाभरा के लिए आयोजित बाइक रैली और ओंकारेश्वर के लिए साइकिल रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री भी बाइक पर सवार हुए और बाइकर्स का उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहनकर युवाओं को यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

युवाओं के लिए कार्यक्रम स्थल पर इंदौरी जायकों से सुसज्जित फूड स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें युवाओं का शानदार प्रतिसाद मिला।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी मालवा के प्रसिद्ध व्यंजनों—शिकंजी, भुट्टे की किस, कांजी वड़ा और रसगुल्ले का स्वाद लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर रहे युवाओं का उत्साह बढ़ाया।

युवाओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों का अवलोकन कर उनकी मुक्त कंठ से सराहना की।

विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं ने मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट कर अपने नवाचार, स्टार्ट-अप, करियर और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।

युवाओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की और सेल्फी खिंचवाई।

लाइव म्यूजिक बैंड और ऑर्केस्ट्रा की आकर्षक प्रस्तुतियों ने युवाओं को रोमांचित कर दिया। मुख्यमंत्री स्वयं मंच पर पहुंचकर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों और बैंड के युवाओं का उत्साहवर्धन किया।

पूरे कार्यक्रम में युवाओं का जोश, नवाचार, रचनात्मकता और मध्यप्रदेश के विकास में सहभागी बनने का संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
प्रशासन को जनोन्मुखी बनाने में हिंदी की भूमिका अहम - क्षेत्रीय आयुक्त श्री सत्यवर्धन गौतम

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति ग्वालियर द्वारा छमाही बैठक का हुआ आयोजन

शासन-प्रशासन को अधिक जनोन्मुखी, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में राजभाषा हिंदी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में एकरूपता, राष्ट्रीय एकता तथा संवैधानिक दायित्वों के प्रभावी निर्वहन की सुदृढ़ आधारशिला है। यह विचार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), क्षेत्रीय कार्यालय, ग्वालियर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त एवं नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), ग्वालियर कार्यालय-2 के अध्यक्ष श्री सत्यवर्धन गौतम ने गुरुवार को आयोजित नराकास की प्रथम छमाही बैठक में व्यक्त किए।
 भारत सरकार की राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से गृह मंत्रालय द्वारा ग्वालियर स्थित केंद्रीय कार्यालयों के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), ग्वालियर कार्यालय-2 की अध्यक्षता कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), क्षेत्रीय कार्यालय, ग्वालियर को सौंपी गई है। इसी क्रम में राजभाषा विभाग के निर्देशानुसार भविष्य निधि भवन स्थित सभागार में प्रथम छमाही बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान नराकास सचिवालय द्वारा तैयार 'राजभाषा सहायिका' का विमोचन श्री सत्यवर्धन गौतम एवं अन्य मंचासीन अतिथियों के कर-कमलों द्वारा किया गया।
 बैठक में समिति से संबद्ध 24 केंद्रीय कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सदस्य कार्यालयों में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री पंकज खुराना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से उपकमांडेंट श्री मिथिलेश पाण्डेय, सीमा सुरक्षा बल अकादमी से उपकमांडेंट श्री सरदार सिंह, इंटेलिजेंस ब्यूरो से सहायक निदेशक श्री आर.के. सिंह, एसएमएसई से उपनिदेशक श्री राजीव कुमार, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से अधीक्षण अभियंता श्री रवीन्द्र यादव, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से सहायक नारकोटिक्स आयुक्त श्री जी.के. सक्सेना, डाक विभाग से उप अधीक्षक श्री विष्णुपाल सिंह यादव, केंद्रीय संचार ब्यूरो से क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी श्री अजय बैस, रेल स्प्रिंग कारखाना से मुख्य कारखाना प्रबंधक श्री शिवाजी कदम, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान से अध्यक्ष एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुभाष कटारे सहित विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं राजभाषा अधिकारी उपस्थित रहे।
 क्षेत्रीय आयुक्त श्री सत्यवर्धन गौतम ने राजभाषा अधिनियम, 1963 तथा राजभाषा नियम, 1976 के प्रभावी अनुपालन पर बल देते हुए कहा कि हिंदी के माध्यम से कार्य निष्पदान में न केवल संप्रेषण को सरल बनाता है, बल्कि कार्यो में पारदर्शिता और एकरुपता भी सुनिश्चित करता है। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों से पत्राचार, टिप्पणियों, आदेशों, अधिसूचनाओं, ई-ऑफिस प्रणाली तथा अन्य डिजिटल माध्यमों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।
 बैठक में गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के उपनिदेशक (कार्यान्वयन) श्री नरेन्द्र सिंह मेहरा ने कहा कि राजभाषा नीति का उद्देश्य केवल सांख्यिकीय लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि हिंदी को कार्य-संस्कृति का स्वाभाविक अंग बनाना है। उन्होंने प्रशिक्षण, नियमित आंतरिक समीक्षा तथा प्रेरक गतिविधियों के माध्यम से हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रोत्साहित करने पर बल दिया। 

प्रगति रिपोर्ट एवं राजभाषा हिंदी के संवर्धन पर हुआ विस्तृत मंथन 

 बैठक के दौरान सदस्य कार्यालयों द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रयोग, छमाही प्रगति, कार्यान्वयन की स्थिति तथा व्यवहारिक चुनौतियों पर पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न कार्यालयों ने कार्यालयीन पत्राचार, नोटशीट, आदेश, अधिसूचनाओं, ई-ऑफिस, ई-मेल, वेबसाइट, सोशल मीडिया तथा अन्य डिजिटल माध्यमों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे नवाचारों एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा किया।
 बैठक में हिंदी में मूल रूप से कार्य करने, अनुवाद पर निर्भरता कम करने, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए नियमित राजभाषा प्रशिक्षण, हिंदी कार्यशालाओं के आयोजन, तकनीकी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यूनिकोड हिंदी के अधिकाधिक उपयोग तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित हिंदी उपकरणों के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ। सदस्य कार्यालयों ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आपसी समन्वय, अनुभवों के आदान-प्रदान तथा श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने पर सहमति व्यक्त की।
 बैठक में विभिन्न कार्यालयों द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना करते हुए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी दिए गए। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी बैठकों में राजभाषा संबंधी गतिविधियों की नियमित समीक्षा कर हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा।
 इस अवसर पर ईपीएफओ, क्षेत्रीय कार्यालय, ग्वालियर द्वारा संगठन की प्रमुख सेवाओं एवं विभिन्न योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही, ईपीएफओ की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। बैठक में ईपीएफओं कार्यालय के सहायक भविष्य निधि आयुक्त श्री विवेक कुमार गुप्ता एवं श्री ज्ञानेन्द्र कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन ईपीएफओ के कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी एवं समिति के सदस्य-सचिव श्री सोनू कुमार द्वारा किया गया। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में अधोसंरचनात्मक विकास और पुनर्वास कार्यों के लिये दी 2,300 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को 2031 तक निरंतर रखे जाने के लिए 495 करोड़ रूपये मंजूरी

नमो हरित नगर योजना के लिये 100 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूँ, चना ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति : 2026 को मिली स्वीकृति

राज्य डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आई.टी एवं डिजास्टर रिकवरी सहित अन्य कार्यों के लिए 800 करोड़ रूपये की मंजूरी

विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नॉलाजी पार्क की स्थापना एवं संचालन की निरंतरता के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति

ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी : 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राजपत्रित सेवा भर्ती नियम : 2022 के तहत भर्ती प्रक्रिया स्वीकृत

कमजोर वर्गों को प्रभावी और कुशल विधिक सेवाएं प्रदान करने के लिए 42 करोड़ रूपये की स्वीकृति

पन्ना जिले के केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगांव सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त 202 करोड़ 50 लाख की राशि स्वीकृत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए अनेक निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को संपन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में अनेक निर्णय लिए गए है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों को 2300 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसी तरह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव अनुसार राज्य डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आई.टी एवं डिजास्टर रिकवरी सहित अन्य कार्यों के लिए मंत्रि-परिषद ने 800 करोड़ की मंजूरी दी है। विभाग के ही तीन अन्य प्रस्तावों पर विज्ञान पार्क- एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नालॉजी पार्क की स्थापना एवं संचालन के लिए वर्ष 2031 तक निरंतरता के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक और प्रस्ताव अनुसार ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत स्वामित्व योजना के निष्पादित हस्तांतरण अभिलेखों पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क से छूट दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा प्रस्तुत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक :2026 को भी मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव अनुसार मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर रखे जाने के लिए 495 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा प्रस्तुत मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूँ, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति : 2026 को भी मंत्रि-परिषद ने स्वीकृति दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव अनुसार मध्यप्रदेश के 65 नगरीयों निकायों और उनके आस-पास के वन क्षेत्रों में नगरीय वन विकसित करने के लिए नमो हरित नगर योजना को 100 करोड़ की स्वीकृति दी है।

जल संसाधन विभाग द्वारा पृथक-पृथक 3 सिंचाई परियोजनाओं में पुनर्वास और पुन: विस्थापन के लिए 3 प्रस्ताव अनुसार मंत्रि-परिषद ने पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगांव सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त रूप से 202 करोड़ 50 लाख रूपये की राशि स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राजपत्रित सेवा भर्ती नियम : 2022 के तहत भर्ती प्रक्रिया को स्वीकृति दी। इसी तरह मंत्रि-परिषद द्वारा लीगल और डिफेंस काउंसिल सिस्टम योजना की वर्ष 2031 तक निरंतरता के लिए 42 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। वित्त विभाग के प्रस्ताव अनुसार विभिन्न लिखतों पर देय उपकार में छूट देने का निर्णय लिया गया है। मंत्रि-परिषद ने शिक्षा विभाग की लोक-वित्त पोषित कार्यक्रमों योजनाओं एवं परियोजनाओं के परिक्षण की योजना को 1 अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 543 करोड़ रूपये की मंजूरी दी है।

स्टेट डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आईटी एवं डिजास्टर रिकवरी सहित अन्य कार्यों के लिए 
800 करोड़ रूपये की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने एमपीएसईडीसी द्वारा संचालित एवं संग्रहीत म.प्र. स्टेट डाटा सेंटर के विस्तार और अद्यतन डाटा सेंटर 3.0 परियोजना के लिए 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार म.प्र. स्टेट डाटा का आधुनिकीकरण, आईटी एवं डिजास्टर रिकवरी क्षमता विस्तार तथा संबंधित नॉन-आईटी अवसंरचना विकास किया जाएगा।

प्रदेश में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस परियोजना अंतर्गत सरकार की सेवाओं को संगठित करने व दक्ष इलेक्ट्रॉनिक सर्विस प्रदान करने के लिए भारत सरकार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं मध्यप्रदेश शासन की संयुक्त भागीदारी से भोपाल में स्टेट डाटा सेंटर की स्थापना की गई है। प्रदेश स्टेट डाटा सेंटर 12 दिसंबर 2012 से सफलतापूर्वक संचालित है।

परियोजना अंतर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के आई.टी. एप्लीकेशन्स के लिए होस्टिंग सेवाएं प्रदान की जाती है। स्टेट डाटा सेंटर ई-गवर्नेंस क्षेत्र की बहु-उपयोगी एवं डिजिटल भारत की अवधारणा को साकार करने हेतु डिजीटल मध्यप्रदेश के लिये अति आवश्यक अधोसंरचना है। उक्त अधोसंरचना पूर्णतः सूचना प्रौद्योगिकी तकनीकी आधारित है, जो 365 दिन 24 घंटे निरंतर संचालित रहती है। स्टेट डाटा सेंटर के माध्यम से ही प्रदेश में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदत्त की जाने वाली नागरिक सेवाओं को नागरिकों को उनके निकटतम स्थल पर सुगमता पूर्वक ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाती है।

बदलते तकनीकी परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कम्प्यूटिंग आदि इमर्जिंग फ्रंटियर टेनोलॉजीज़ के परिप्रेक्ष्य में ऐसी नवीन अधोसंरचना स्थापित किये जाने की आवश्यकता है, जो राज्य शासन को नागरिक सेवाओं को अधिक दक्षतापूर्वक प्रदान करने हेतु इन तकनीकों को अपनाने में सक्षम बनाए। अधोसंरचना में वृद्धि के फलस्वरूप विद्युत आपूर्ति, कूलिंग अधोसंरचना आदि संबंधित नॉन-आईटी अधोसंरचना के संवर्द्धन की आवश्यकता भी होगी। उक्त परिप्रेक्ष्य में डाटा सेंटर के विस्तार के लिए एसडीसी 3.0 परियोजना का अनुमोदन प्रदान किया गया। 
एमपीएसडीसी 3.0 डाटा सेंटर एक्पैंशन परियोजना को चरणबद्ध रूप से लागू किया जायेगा। प्रत्येक चरण के अंतर्गत डेटा सेंटर के विभिन्न घटकों का क्रमिक विकास एवं सुदृढ़ीकरण किया जायेगा। पहले चरण में डाटा सेंटर साइट के लिए कोर नॉन आईटी एवं आईटी इंफ्रॉस्ट्रक्चर, कंप्यूटर स्टोरेज और नेटवर्क, दूसरे चरण में डीआर साइट का निर्माण एवं डिजास्टर रिकवरी क्षमताओं का सुदृढ़ीकरण और तीसरे चरण में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा।

यह स्वीकृति राज्य में बढ़ती डिजिटल सेवाओं, डेटा प्रोसेसिंग मांग एवं भविष्य की उन्नत तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किया गया है, जिससे एक स्केलेबल, सुरक्षित एवं उच्च दक्षता युक्त डेटा सेंटर वातावरण का विकास सुनिश्चित किया जा सके।

विज्ञान पार्क- एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नालॉजी पार्क की स्थापना एवं संचालन की निरंतरता के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नालॉजी पार्क की स्थापना एवं आगामी 5 वर्षों 1 अप्रैल 2029 से 31 मार्च 2031 की अवधि के लिए संचालन की निरंतरता के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार विज्ञान पार्क की स्थापना संबंधी योजना के लिए 39 करोड़ 39 लाख रूपये, एकल नागरिकता डाटाबेस के लिए 75 करोड़ और बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना और संचालन संबंधी योजनाओं के लिए 8 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।

उज्जैन स्थित आचार्य वराह मिहिर न्यास परिसर में अत्याधुनिक तारामंडल एवं खगोलीय वेधशाला स्थापित की जा रही है। इसमें 1 मीटर ऑप्टिकल टेलीस्कोप एवं 4.5 मीटर रेडियो टेलीस्कोप जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं युवाओं को उच्चस्तरीय अध्ययन एवं अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। विज्ञान पार्क संबंधी योजना खगोल विज्ञान के अध्ययन, अनुसंधान एवं जन-जागरुकता को बढ़ावा देने के साथ समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा अंधविश्वासों के निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, यह उज्जैन को राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख खगोलीय अनुसंधान एवं विज्ञान प्रसार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

समय एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के नागरिकों का एकीकृत डेटाबेस विकसित किया जा रहा है, जिससे शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ अधिक त्वरित, पारदर्शी एवं सुगम रूप से उपलब्ध कराया जा सके।

परियोजना से नागरिकों की मूलभूत जानकारी का एकल एवं समेकित स्रोत उपलब्ध होगा, जिससे विभागीय स्तर पर पृथक-पृथक पंजीयन की आवश्यकता कम होगी तथा सेवाओं का प्रदाय अधिक सरल, समयबद्ध एवं नागरिक-केंद्रित बन सकेगा। डेटाबेस में उपलब्ध प्रमाणित जानकारी के आधार पर विभिन्न सेवाएँ एवं योजनाओं का लाभ नागरिकों को "सिंगल क्लिक" पर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

एस.सी.डी परियोजना के साथ-साथ "परिचय" परियोजना के माध्यम से आधार आधारित ऑथेंटिकेशन एवं ई-केवाईसी सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे डी.बी.टी प्रक्रियाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। दोनों परियोजनाएँ डेटा समेकन, आधार प्रमाणीकरण एवं विभागीय डेटा साझाकरण के माध्यम से राज्य की ई-गवर्नेंस व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही हैं तथा भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस प्रणाली एवं विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

मध्यप्रदेश बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना तथा संचालन से संबंधित योजना का उद्देश्य प्रदेश में बॉयो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अनुसंधान, विकास, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना है। भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की नेशनल बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क स्कीम के अंतर्गत संचालित इस योजना के तहत स्टार्ट-अप, नवोन्मेषकों तथा सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमियों को इन्क्यूबेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर रखे जाने के लिए 495 करोड़ रूपये की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों में प्रथम स्थान पाने वाली बालिकाओं एवं बालक को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की है।

प्रदेश मे स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों में प्रथम प्रयास में नियमित परीक्षार्थी के रूप में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाली बालिका एंव बालक को मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना के अन्तर्गत लाभांवित किया जाएगा। प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय किये जाने के लिए संचालित योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए राशि 495 करोड रूपये पर मंत्रि-परिषद् की स्वीकृति प्रदान की गई ।

मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूँ, चना ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति : 2026 को स्वीकृति

भारत सरकार द्वारा राज्य में गेह, धान (चावल), ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन खाद्य विभाग द्वारा किया जाता है। विक्रय कार्य व्यवस्थित रूप से किये जाने एवं उपज का अधिकतम मूल्य दिलाये जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश उपार्जित खाद्यान्न (गेहूँ, धान, ज्वार एवं बाजरा) निस्तारण नीति 2026 को मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति दी गई है।

नीति अनुसार एक राज्य स्तरीय कमेटी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित होगी। समिति द्वारा उपज के मात्रा निर्धारण के बाद प्रस्तावित उक्त मात्रा विक्रय करने के पूर्व रिजर्व प्राईज अपसेट मूल्य तय करना एवं ई-निविदा/ई-ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से दरें आमंत्रित करना, प्राप्त दरों का परीक्षण के बाद अनुमोदन तथा निस्तारण की कार्यवाही का अनुमोदन किया जाएगा।

मध्यप्रदेश आईटी, आईटीइएस एंड ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी : 2023 का संशोधन प्रस्ताव स्वीकृत

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश आईटी, आईटीइएस एंड ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी : 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। नीति की कंडिका 15, 12.6 और 12.11 में नए प्रावधान प्रतिस्थापित किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य नीति को निवेश प्रोत्साहन विभाग की मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी अनुरूप बनाकर ईएसडीएम इकाइयों के लिए अधिक आकर्षक एवं अनुकूल बनायी गई है। ताकि इस नीति के तहत निवेशकर्ता एवं प्रदेश को लाभ प्राप्त हो सके।

स्वीकृति अनुसार, अगर कोई पुरानी आईटी या डेटा सेंटर कंपनी अपना काम बढ़ाना चाहती है, तो उसे अपने मौजूदा निवेश में कम से कम 30% और पैसा लगाना होगा या अपनी जगह का एरिया 30% बढ़ाना होगा। इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली (ईएसडीएम) कंपनियों को अपनी मशीनों में कम से कम 30% (न्यूनतम 15 करोड़ रूपये) या 50 करोड़ रूपये (जो भी कम हो) का नया निवेश करना होगा और उत्पादन क्षमता 20% बढ़ानी होगी। ऐसा करने पर इन सभी कंपनियों को नई कंपनी की तरह ही सरकारी मदद मिलेगी।

जमीन मिलने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बनाया गया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। अगर एक ही जमीन के लिए एक से ज्यादा कंपनियां आवेदन करेंगी, तो ऑनलाइन बोली (ई-बिडिंग) लगाई जाएगी। हालांकि, बहुत बड़े प्रोजेक्ट्स (मेगा प्रोजेक्ट) को इस बोली से छूट मिलेगी और उन्हें 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर सीधे जमीन मिल सकेगी। कंपनियां एमपीआइडीसी या अन्य सरकारी विभागों की जमीन भी ले सकती हैं, लेकिन किराया और बाकी शर्तें उसी विभाग के नियमों के मुताबिक ही तय होंगी।

स्वामित्व योजना के अंतर्गत अभिलेख पंजीयन पर उपकर और अतिरिक्त स्टॉम्प ड्यूटी से छूट को मंजूरी

मंत्रि-परिषद द्वारा राजस्व विभाग की स्वामित्व योजना अंतर्गत अभिलेखों के पंजीयन पर देय उपकर और अतिरिक्त स्टॉम्प ड्यूटी से छूट प्रदान किए जाने का निर्णय लिया है।

"भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक : 2026" का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद द्वारा "भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक : 2026" का अनुमोदन दिया गया है।

कमजोर वर्गों को प्रभावी और कुशल विधिक सेवाएं प्रदान करने के लिए 42 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा कमजोर वर्गों को प्रभावी और कुशल विधिक सेवाएं प्रदान करने की लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम योजना को निरंतर रखे जाने के लिए राज्य की बढ़ती निर्भरता के क्रम में वर्ष-2026 से 2028 की अवधि में व्यय का 25%, वर्ष 2028 से 2030 में व्यय का 50%, वर्ष 2030-2031 में व्यय का 75 प्रतिशत तथा वर्ष 2031 व्यय का 100 प्रतिशत की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है।

वर्ष 2026 से 2028 की अवधि में राज्य शासन इसके व्यय का 25% वहन करेगा जिसकी अनुमानित राशि रूपये प्रतिवर्ष 4 करोड़ 20 लाख, वर्ष 2028 से 2030 तक राज्य शासन इसके व्यय का 50% वहन करेगा जिसकी अनुमानित राशि रुपये प्रतिवर्ष 8 करोड़ 40 लाख इसी प्रकार वर्ष 2030-2031 में राज्य शासन इसके व्यय का 75% वहन करेगा जिसकी अनुमानित राशि रुपये प्रति वर्ष 12 करोड़ 60 लाख अंत में पूर्ण निर्भरता वर्ष 2031 से राज्य शासन पर 100% होगी जिसकी अनुमानित राशि रुपये 16 करोड़ 80 लाख होना संभावित है।

मंत्रि-परिषद ने स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अंतर्गत 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गयी है। एनसीसी से सम्बंधित इस योजना वरिष्ठ संभाग-3755 के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को वेतन का भुगतान, एनसीसी कार्यालय को सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्य किया जाता है साथ ही एनसीसी कैडेट्स के प्रशिक्षण देने संबंधित समस्त कार्य किया जाता है। इस योजना के संचालन के लिए1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए राशि रूपए 543 करोड़ 9 लाख की निरंतरता के लिए मंत्रि-परिषद् ने स्वीकृति प्रदान की है।

''नमो हरित नगर योजना'' को 100 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की नगरीय निकायों में आगामी 5 वर्षों में 65 नगरीय निकाय क्षेत्रों में नगर वन विकास के लिए "नमो हरित-नगर योजना" कुल राशि 100 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में नगरवासियों को स्वस्थ्य जीवन जीने के लिए वातावरण प्रदाय करना, पर्यावरण सौंदर्यीकरण करना, स्वच्छ वायु प्रदाय करना, जैव विविधता सृजित करना एवं अनुकूल जलवायु बनाना आदि है। योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक निकाय में कम से कम एक नगर वन न्यूनतम आधा एकड़ क्षेत्रफल में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए निकायों को राशि 3 किश्तों में दी जाएगी।

पन्ना जिले के केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगांव सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त 202 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत

मंत्रि-परिषद द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पन्ना जिले के 08 ग्रामों में विशेष विस्थापन पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन पैकेज के संबंध में कटऑफ दिनांक की वृद्धि को स्वीकृति देते हुए नवीन संभावित 313 परिवारों को विशेष पैकेज की कुल अनुदान राशि रू. 39.125 करोड़ को सम्मिलित करते हुये परियोजना के लिए कुल व्यय 439 करोड़ 325 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।

पूर्व में डूब प्रभावित ग्रामों के कृषि भूमि अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा-11 की प्रकाशन तिथि 21 जनवरी 2022 को कट-ऑफ मानते हुए कुल 1890 परिवारों की गणना की गई थी। इन्हीं ग्रामों के आबादी भूमि/निजी भूमि पर स्थित मकानों के मुआवजा निर्धारण हेतु धारा-11 अंतर्गत म.प्र. के राजपत्र में प्रकाशन 15 मार्च 2024 को हुआ।

प्रभावित परिवारों/जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही मांग तथा परियोजना का निर्माण कार्य सुचारू एवं त्वरित गति से क्रियान्वयन के दृष्टिगत आबादी भूमि एवं मकान के लिए धारा-11 के प्रकाशन 15 मार्च 2024 को आधार मानकर कट-ऑफ दिनांक में वृद्धि की स्वीकृति देते हुए 313 परिवारों को विशेष पुनर्वास पैकेज दिया जाना निर्णीत हुआ।

मंत्रि-परिषद द्वारा रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना से 730 डूब प्रभावितों को पूर्व में एक मुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख रूपये प्रति परिवार के मान से स्वीकृत की गई राशि के स्थान पर, डूब प्रभावित परिवारों द्वारा पन्ना जिले की ही केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन हेतु स्वीकृत राशि रु.12.50 लाख प्रति परिवार के समान की जा रही मांग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा भी केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन के लिए स्वीकृत पुनर्वास पैकेज के समान राशि दिए जाने की मांग की जाती रही है। डूब प्रभावितों के हित एवं परियोजना के क्रियान्वयन के दृष्टिगत रखते हुए, केन-बेतवा लिंक परियोजना के समान, रूंज मध्यम परियोजना से प्रभावित 730 विस्थापित परिवार के लिए प्रति परिवार अतिरिक्त रू. 7.5 लाख (साढ़े सात लाख) की राशि का विशेष पुनर्वास पैकेज कुल रू. 54 करोड़ 75 लाख की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। यह राशि रूज मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति राशि 269 करोड़ 79 लाख रुपये के अतिरिक्त होगी।

मंत्रि-परिषद द्वारा मझगाँव मध्यम सिंचाई परियोजना से 1450 डूब प्रभावितों को पूर्व में एक मुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख रुपये प्रति परिवार के स्थान पर, (पन्ना जिले की ही केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन के लिए स्वीकृत राशि 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार के मान से) डूब प्रभावितों के हित एवं परियोजना के क्रियान्वयन के दृष्टिगत प्रति परिवार अतिरिक्त रू. 7.5 लाख (साढ़े सात लाख) रुपये की राशि का विशेष पुनर्वास पैकेज कुल 108 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। यह राशि मझगाँय मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए भूमि एवं परिसंपत्ति अधिग्रहण के लिए कुल स्वीकृत राशि 364 करोड़ 56 लाख रुपये के अतिरिक्त होगी।

मप्र लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पर्दो की पूर्ति के लिए वर्तमान प्रचलित प्रक्रिया में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से पर्याप्त संख्या में चयनित अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे विशेषज्ञों के पद बड़ी संख्या में रिक्त हैं एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम : 2022 के नियम 6 (4) के अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विभागीय स्तर से सीधी भर्ती की कार्यवाही किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर मंत्रि-परिषद ने अनुमति प्रदान की है। अब इसके तहत प्रत्येक माह की एक तारीख को एम.पी. ऑनलाईन पर विभाग की रिक्तियां प्रदर्शित की जायेंगी, जिनके आधार पर 15 तारीख तक आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे। उक्त दिनांक तक प्राप्त सभी आवेदनों पर विभागीय समिति आगामी द्वितीय बुधवार को बैठक करेगी, जिसमें सभी अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिये बुलाया जायेगा। साक्षात्कार के बाद इनकी उपयुक्तता का निर्धारण करते हुए विभागीय समिति चयन की अनुशंसा राज्य शासन को करेगी। समिति द्वारा जिस वर्ग से जितने अभ्यर्थियों की अनुशंसा की जायेगी, उस वर्ग से उतनी रिक्तियाँ एमपी ऑनलाईन में प्रदर्शित की जा रही रिक्तियों से आगामी माह के लिये कम कर दी जायेगी। विभागीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य शासन ऐसे चिकित्सकों के नियुक्ति आदेश सीधे जारी करेगा और उन अभ्यर्थियों को सूची में प्रदर्शित रिक्त स्थानों पर पदस्थ करेगा। यह नियुक्तियां प्रथम 3 वर्ष के लिये उन्हीं स्थानों पर की जायेंगी, जिन स्थानों को रिक्तियों में प्रदर्शित किया गया है। प्रथम 3 वर्ष तक ऐसे चिकित्सकों का स्थानांतरण नहीं किया जायेगा।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह यादव ने जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र की सोसायटियों का किया निरीक्षण 

किसानों से किया संवाद 

प्रदेश में यह वर्ष कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों की आय को बढ़ाने और आधुनिक कृषि के माध्यम से किसानों को सशक्त करने के लिये विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह यादव ने बुधवार को जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों की सोसायटियों का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद करते हुए यह बात कही। 
 अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री महेन्द्र यादव ने विभिन्न सहकारी समितियों से जुड़े हुए किसानों से भेंट कर सहकारिता के माध्यम से किसानों के हित में संचालित की जा रहीं विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिये अनेक योजनायें संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ किसान लेकर अपने परिवार को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करें। 
 अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेन्द्र यादव ने जिले के ग्राम उटीला, अर्रोली, टिहौली, बड़ेरा, टांकौली, भोगीपुरा, डबका, आरोली, हस्तिनापुर, तोर, मुख्तयारपुरा, फूले का पुरा, सुमावली, बेहट एवं अन्य गाँवों का भ्रमण कर सोसायटियों का निरीक्षण किया और किसान भाईयों से चर्चा की। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का किया निरीक्षण 

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को बहोड़ापुर क्षेत्र स्थित केसरबाग में 30 बिस्तर के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम. एस. सागर भी मौजूद थे। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पुरुष व महिला वार्ड, चिकित्सक कक्ष, दवा वितरण व्यवस्था के साथ अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। 
 ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर को सितम्बर 2026 तक अस्पताल का कार्य पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम. एस. सागर को भी निर्देश दिए कि शीघ्र ही चिकित्सक एवं स्टाफ के उपकरण जैसे एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन आदि की डिमांड शासन को भेजें, ताकि तय समय-सीमा में अस्पताल चालू हो सके । 
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
Pradhuman Singh Tomar
जनसुविधा के विस्तार से विकास को नई गति - ऊर्जा मंत्री श्री तोमर 

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने उप नगर ग्वालियर में किया विकास कार्यों का भूमिपूजन 

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को ग्वालियर उप नगर के वार्ड 1 तथा 7 में 1.86 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली विभिन्न विकास योजनाओं का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, मंडल अध्यक्ष, क्षेत्रीय पार्षदगण सहित जिला प्रशासन, नगर निगम, विद्युत वितरण कंपनी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि ग्वालियर बदल रहा है और निरंतर विकास के पथ पर चल रहा है। इस विकसित और समृद्ध होते ग्वालियर की प्रगति यात्रा को निरंतरता देने के लिए ग्वालियर को औद्योगिक हब के रुप में विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है, ताकि यहां के युवाओं को रोजगार के लिए शहर के बाहर न जाना पड़े। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि जनता की सुविधा और विकास ही हमारा संकल्प है। स्वच्छ और स्वस्थ ग्वालियर के निर्माण के लिए सरकार सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि आज इन विकास कार्यों के भूमिपूजन से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। साथ ही स्थानीय नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह कार्य क्षेत्र के समग्र विकास एवं जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

इन विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन

इस दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने वार्ड नंबर 1 स्थित बजरंग कॉलोनी की विभिन्न गलियों में 48 लाख की लागत से सीमेंट कांक्रीट रोड एवं नाली निर्माण कार्य, वार्ड नंबर 01 गुप्तेश्वर कालोनी की विभिन्न गलियों में 46 लाख की लागत से निर्मित होने वाली सीमेंट कांक्रीट रोड एवं नाली निर्माण कार्य, वार्ड नंबर 01 गुप्तेश्वर कॉलोनी में 30 लाख की लागत से गुप्तेश्वर मंदिर के सामने स्थित धोबीघाट पर संत गाडके महाराज (रजक समाज) का सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य, वार्ड नंबर 01 लक्ष्मीपुरम में 38 लाख की लागत से नटखट हनुमान पार्क निर्माण कार्य के साथ ही वार्ड क्रमांक 07 प्रसाद नगर में 21 लाख की लागत से रामप्रकाश बैस के मकान से शिवशक्ति स्कूल तक निर्मित होने वाली सीमेंट कांक्रीट रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
डिजिटल साक्षर और साइबर सुरक्षा को समझने के लिये गांव गांव चलाई जायेगी डिजिटल ट्रांसफार्मेशन वैन - जिला पंचायत सीईओ श्री रावत

NIIT फाउंडेशन जो की एक अशासकीय संस्था है, इसके द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों में डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन वैन चलाई जायेगी। मोबाइल डिजिटल शिक्षण चलित बस का उदेश्य वंचित एवं दूरस्थ समुदायों तक निशुल्क डिजिटल साक्षरता, साइबर जागरूकता रोजगारों एवं कौशल तथा AI की मूलभूत जानकारी पहुंचना है।

 प्रारंभिक स्तर पर विद्यालयों आंगनबाड़ी केंद्र तथा ग्रामीण स्तर तक आधुनिक डिजिटल साक्षरता को सुलभ बनाकर डिजिटल साक्षर करने की प्रयास किया जा रहा है, जिससे मोबाइल अथवा साइबर फ्रॉड को रोका जा सके। लोग ख़ुद भी जागरूक हों और दूसरों को भी जागरूक करें। इस डिजिटल वैन मे 16 सीटर सुसज्जित मोबाइल कंप्यूटर प्रयोगशाला है जिसमें अनुभवी प्रशिक्षकों एवं विशेषज्ञों द्वारा पूर्णतः निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षणकर्ता द्वारा सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग, डिजिटल नागरिकता, साइबर स्वच्छता ऑनलाइन धोखाधड़ी एवं साइबर अपराधों से सुरक्षा के विषय पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र में स्व सहायता समूह की महिला सदस्यों को एवं विद्यालय छात्र-छात्राएं एवं वरिष्ठ नागरिकों को स्पेशल के माध्यम से जागरूक किया जायेगा।

इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ग्वालियर श्री सोजान सिंह रावत द्वारा निर्देशित किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक ग्राम पंचायतो में डिजिटल साक्षरता की इस वैन को चलाकर डिजिटल साक्षरता विषय में एक अभियान चलाया जाए और अधिक से अधिक महिलाओं को इससे लाभावित किया जाए।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
Gwalior Police
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा केन्द्रीय जेल में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन 

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ग्वालियर द्वारा केन्द्रीय जेल ग्वालियर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रधान न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ग्वालियर श्री ललित किशोर के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में जिला न्यायाधीश श्रीमती वंदना पाण्डेय, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड ग्वालियर श्रीमती सोनम सिंह जादौन ने बंदियों को उनके विधिक अधिकार, विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी। शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री पुष्पेन्द्र सिंह द्वारा बंदियों से उनके प्रकरणों में अपील संबंधी जानकारी दी एवं विधिक समस्याओं का निराकरण किया। 
 इस शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री योगेश बंसल व केन्द्रीय जेल ग्वालियर के अधिकारीगण उपस्थित थे। 
 शिविर के उपरांत न्यायाधीशगण द्वारा महिला वार्ड का भी निरीक्षण कर महिला बंदियों से उनके प्रकरणों के संबंध में विस्तार से चर्चा की और मार्गदर्शन दिया। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मजबूत हो रहा देश का डिफेंस सेक्टर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आयात करने वाला भारत अब बन गया है रक्षा उत्पादों का निर्यातक

आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को शिवपुरी से मिलेगी नई शक्ति

मेक इन इंडिया के तहत निवेश का हब बन रहा है ग्वालियर-चंबल क्षेत्र

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा यह प्लांट

मिसाइलों और गोला बारूद का होगा निर्माण

शिवपुरी शहर में बनेगा 120 करोड़ रुपये से 14 किमी फोरलेन रोड

शहर में 108 फीट की शिव प्रतिमा के साथ टूरिज्म सेंटर बनाया जाएगा

मेडिकल कॉलेज ग्वालियर में खोली जाएगी कार्डियोलॉजी यूनिट

शिवपुरी जिले में सुभाषपुरा बनेगी नई तहसील, खोड़ में बनेगा नया कॉलेज, पिछोर के वीरा में खोला जाएगा पीएचसी

करेरा से भितरवार से समोहा डैम तक बनेगी पक्की सड़क

फल सब्जी मंडी खोली जाएगी, कोलारस विस क्षेत्र में बनेगा नया सांदीपनि विद्यालय

जिला अस्पताल शिवपुरी में बच्चों का 200 बिस्तरीय अस्पताल खोला जाएगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने शिवपुरी जिले के पाली में 2,500 करोड़ रूपए के अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस प्लांट का किया भूमिपूजन

शिवपुरी जिले को दी 211 करोड़ रुपये से अधिक के 38 विकास कार्यों की सौगात

तीन नए सांदीपनि विद्यालय भवनों का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा मध्यप्रदेश तेज़ी से निवेश, उद्योग और रोजगार का विश्वसनीय केंद्र बन रहा है। मध्यप्रदेश आज सिर्फ़ एक विशाल औद्योगिक परियोजना का साक्षी नहीं, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के नए युग का उद्घोष कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी अन्य देश पर निर्भर नहीं है, बल्कि स्वदेश में निर्मित आधुनिक रक्षा उपकरणों के बल पर दुनिया के सामने अपनी सामर्थ्य का परिचय दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का डिफेंस सिस्टम बेहद मजबूत हो गया है। हमारी आंतरिक और बाहरी सुरक्षा और मजबूत हो गई है। प्रधानमंत्री की विजनरी लीडरशीप में रक्षा उत्पादों का आयात करने वाला हमारा देश अब बीते कुछ ही सालों में रक्षा उत्पादों का निर्यातक बन गया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में अब निजी क्षेत्र की भूमिका भी लगातार मजबूत हो रही है। भारत अब रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर हो गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन की सरकार ने ग्वालियर-चंबल को संबल दिया है। आज ग्वालियर-चंबल रीजन रक्षा क्षेत्र, एविएशन, लॉजिस्टिक और आधुनिक उद्योगों में निवेश का हब बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शिवपुरी शहर के पोलोग्राउंड में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। 
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ शिवपुरी जिले के पाली में लगभग 2,500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ग्रुप के अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का पूजा-अर्चना कर विधिवत् शिलान्यास किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से शिवपुरी जिले के लिए करीब 211 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 38 विकास कार्यों का ई-लोकार्पण एवं ई-भूमिपूजन भी किया। इसमें 166.72 करोड़ रुपये की लागत के 28 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 44.57 करोड़ रुपये लागत के 10 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 106 करोड़ रुपए की लागत से शिवपुरी जिले के करेरा, खनियांधाना और गणेश खेड़ा में नवनिर्मित सांदीपनि शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यिमक भवनों का लोकार्पण कर स्कूल चलें अभियान को नई गति दी। 
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अनाउंसमेंट की नही डेवलपमेंट की सरकार है। पिछले 6 महीने में हमने मध्यप्रदेश में सेवा, संकल्प और सुशासन का नया अध्याय लिखा है। हमारी इन्वेस्मेंट फ्रेंडली नीतियों और सरल प्रक्रियाओं से मध्यप्रदेश देश में निवेश का नया और भरोसेमंद केन्द्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि अडानी ग्रुप द्वारा स्थापित किया जा रहा यह अत्याधुनिक रक्षा उत्पादन केंद्र देश की सामरिक आवश्यकताओं की आपूर्ति करेगा। साथ ही रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक, नवाचार और विनिर्माण क्षमता को भी नई गति देगा। इस डिफेंस प्रोडक्ट प्लांट में बनने वाले गोला बारूद और स्वदेशी मिसाइलें देश की सुरक्षा को और मजबूती देंगी, वहीं क्षेत्रीय युवाओं एवं जरूरतमंदों के लिए यहां करीब 4 से 5 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। स्थानीय लघु रक्षा उत्पादन इकाइयों को नई पहचान मिलेगी और एक सुदृढ़ सप्लाई चेन विकसित होगी, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। 
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्याधुनिक सुविधाओं में लैस यह प्लांट दक्षिण एशिया में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा मिसाइल इकोसिस्टम मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा, जो देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को एक मजबूत आधार भी देगा। उन्होंने कहा कि हमने राज्य में उद्योग, अधोसंरचना और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। इससे वैश्विक स्तर की मेगा मेन्यूफेक्चरिंग यूनिट्स (विशाल औद्योगिक परियोजना ईकाईयां) अब मधप्रदेश में स्थापित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि शिवपुरी में स्थापित होने वाला यह रक्षा उत्पादन केंद्र क्षेत्रीय विकास का नया अध्याय लिखेगा और भारत को रक्षा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर एवं समर्थ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर शिवपुरी शहर में बढ़ते यातायात से हो रही कठिनाई के समाधान के लिए यहां करीब 120 करोड़ रुपये लागत से 14 किमी फोरलेन (सर्कुलर रोड) बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवपुरी शहर में उचित स्थान पर 108 फीट की शिव प्रतिमा की स्थापना के साथ यहां एक सुंदर टूरिज्म सेंटर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया के नाम सुपर स्पेशिलिटी सेंटर, सीटी स्कैन यूनिट एवं कार्डियोलॉजी यूनिट खोली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी जिले में सुभाषपुरा को नई तहसील बनाने, खोड़ में नया शासकीय महाविद्यालय खोलने एवं पिछोर विधानसभा क्षेत्र के वीरा में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएससी) खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि करेरा से भितरवार से समोहा डैम तक पक्की सड़क  बनाई जाएगी। जिले की एक विधानसभा क्षेत्र में फल सब्जी मंडी भी खोली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कोलारस विधानसभा क्षेत्र में एक नया सांदीपनि विद्यालय बनाने तथा जिला अस्पताल शिवपुरी में बच्चों के उपचार के लिए 200 बिस्तरों का एक सर्वसुविधायुक्त अस्पताल खोलने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
 
देश के रक्षा उत्पादन नक्शे पर अब शिवपुरी का नाम भी : केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया 

 केंद्रीय संचार मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि यह भारत का दौर है। आज हमारा भारत आंख झुकाकर नहीं, आंख मिलाकर बात करता है। भारत की पहचान अब एक प्रगतिकारक, आत्मनिर्भर और रक्षा उत्पाद निर्माता भारत के रूप में हो रही है। मेक इन इंडिया, आत्मर्भिर भारत और डिफेंस कॉरिडोर जैसी दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप भारत डिफेंस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश की सीमाओं को मजबूती देने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र और आकाश एयर डिफेंस सिस्टम तैयार किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिवपुरी की धरती पर आज अदाणी डिफेंस यूनिट का भूमिपूजन हो गया है। अब यहां विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अदाणी ग्रुप के ऑनर श्री गौतम अदाणी ने मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में कुल 1.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की थी। शिवुपरी में डिफेंस यूनिट की स्थापना श्री अदाणी की उसी घोषणा के परिपालन में धरातल में किया गया एक प्रयास है। 
 केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश का वह अनूठा प्रदेश है, जहां आने वाले निवेशकों का सिर्फ दिल ही नहीं, उनका विश्वास भी जीता जा रहा है। अदाणी ग्रुप के इस डिफेंस प्लांट के निर्माण से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि भारत के रक्षा उत्पाद मानचित्र में अब शिवपुरी जिले का नाम भी स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बीते 5 सालों की अथक मेहनत के बाद आज शिवपुरी में इस डिफेंस प्लांट की स्थापना यह बताती है कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों के प्रति उद्योग जगत और निवेशकों का भरोसा दिनो-दिन बढ़ रहा है। शिवपुरी, ग्वालियर से कोटा एक्सप्रेस-वे, आगरा-मुम्बई एक्सप्रेस-वे सहित हर तरफ से देश से जुड़ा हुआ है। इससे यहां निवेश करने वाले उद्योगपतियों को लाजिस्टिक्स की सभी सुविधाएं मुहैया हो जाती है, इसीलिए यह पूरा क्षेत्र निवेश का उभरता पावर हाऊस बनता जा रहा है। इस क्षेत्र में नई-नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अदाणी ग्रुप की यह इकाई भारत की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को सार्थक बनाने की बड़ी भूमिका निभाएगी। इससे शिवपुरी ही नहीं, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। 
  अदाणी समूह से श्री जीत अदाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश आज रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए दक्षिण एशिया के सबसे बड़े मिसाइल इकोसिस्टम की शुरूआत करने जा रहा है। यह अत्याधुनिक फैसिलिटी नेशनल डिफेंस के लिए रॉ मटेरियल से लेकर तैयार मिसाइलों तक का निर्माण एक ही परिसर में करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया के कुशल नेतृत्व तथा राज्य सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास पर दिए गए विशेष फोकस से मध्यप्रदेश देश की सबसे शक्तिशाली ग्रोथ स्टोरी के रूप में उभरा है। 
 विधायक श्री देवेन्द्र जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की तस्वीर बदलने का काम किया है। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से शिवपुरी में विकास एवं रोजगार का मार्ग प्रशस्त होगा। अब हमारा जिला शिवपुरी भी तीव्र गति से विकास करेगा। कोलारस विधायक श्री महेन्द्र यादव ने कहा कि अदाणी ग्रुप के द्वारा जो हमारे जिले में मिसाइलें बनेंगी तो हमारा जिला पूरे देश में जाना जाएगा। 
 इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री एवं शिवपुरी जिले के प्रभारी श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधायक शिवपुरी श्री देवेन्द्र कुमार, विधायक पिछोर श्री प्रीतम सिंह लोधी, विधायक कोलारस श्री महेन्द्र यादव, विधायक करेरा श्री रमेश प्रसाद खटीक, अदाणी ग्रुप के ऑनर श्री गौतम अदाणी के सुपुत्र श्री जीत अदाणी, श्री करण अदाणी, श्री जसवंत जाटव तथा अन्य जनप्रतिनिधियों एवं लाड़ली बहनों सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। इस दौरान नई डिफेंस यूनिट पर केंद्रित एक आडियो-वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर अदाणी डिफेंस एण्ड एयरोस्पेस प्लांट की प्रदर्शनी भी लगाई गयी। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
शिक्षा और संस्कारों से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव - मंत्री श्री कुशवाह

अभिनव विद्या मंदिर विद्यालय में 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने शनिवार को माधोगंज स्थित श्री महारुद्र मण्डल समिति एवं अभिनव विद्या मंदिर विद्यालय में विधायक निधि से लगभग 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन शिशु वाटिका, वाहन पार्किंग शेड, प्रसाधन सहित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, श्रेष्ठ संस्कार और बेहतर आधारभूत सुविधाएँ बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं तथा इन क्षेत्रों में निरंतर कार्य करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि ग्वालियर दक्षिण क्षेत्र में शिक्षा एवं विकास से जुड़े कार्यों का निरंतर विस्तार करना हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना समाज और शासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास से विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायी वातावरण मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिभा को निखरने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने विद्यालय परिवार द्वारा शिक्षा एवं संस्कार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।
 इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य भारत क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य श्री यशवंत इंदापुरकर, श्री महारुद्र मण्डल समिति के अध्यक्ष श्री विवेक खेडकर, पार्षद श्री अनिल साँखला एवं श्री मोहित जाट, तथा श्री अमर कुटे, श्री यशवर्धन जैन, श्री किरण कल्याणकर, डॉ. कमल भदौरिया, श्री पप्पू वर्मा, श्री मनोज भार्गव, श्री गौरव वाजपेयी सहित विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राएँ एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
मध्यप्रदेश पुलिस का ‘‘सेफ क्लिक 2.0’’ अभियान

साइबर जागरूकता मैराथन में हजारों लोगों ने लिया भाग, आईजी एवं एसएसपी ने दिलाया सुरक्षित डिजिटल समाज का संकल्प

मैराथन का शुभारंभ आईजी व एसएसपी द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया 

जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी स्कूल व कॉलेजों एवं सार्वजनिक स्थानों पर भी जागरूकता कार्यक्रम किए गये 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित प्रदेशव्यापी विशेष साइबर जागरूकता अभियान ‘‘सेफ क्लिक 2.0” के अंतर्गत शनिवार को ग्वालियर पुलिस द्वारा रोटरी क्लब ग्वालियर एवं भारत विकास परिषद, शाखा ऋषि गालव के सहयोग से जिला खेल परिसर, कंपू से विशाल साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सुरक्षित डिजिटल समाज बनाने का संकल्प लिया।
 कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज श्री अरविंद सक्सेना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजावल सिंह जग्गा द्वारा जिला खेल परिसर कंपू से हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर डीएसपी यातायात श्री अजीत सिंह चौहान व पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, रोटरी क्लब एवं भारत विकास परिषद के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
 आईजी श्री अरविंद सक्सेना ने कहा कि आज साइबर अपराध पारंपरिक अपराधों से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं और अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है। यदि नागरिक सतर्क रहें, किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक, ओटीपी, क्यूआर कोड अथवा निवेश संबंधी लालच में न आएं तो अधिकांश साइबर अपराधों को रोका जा सकता है।
 एसएसपी श्री धर्मवीर सिंह ने कहा कि ‘‘सेफ क्लिक 2.0‘‘ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने का जन आंदोलन है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घर और परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखते हैं, उसी प्रकार अपनी डिजिटल पहचान और बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी साइबर अपराधों से बचाव के लिए प्रेरित करें।

साइबर सुरक्षा का संदेश लेकर शहर की सड़कों पर दौड़े प्रतिभागी

 करीब 3 से 4 किलोमीटर की मैराथन जिला खेल परिसर, कंपू से प्रारंभ होकर आमखो मेडिकल कॉलेज चौराहा, शीतला सहाय चौराहा, माधव डिस्पेंसरी रोड़, नया बाजार चौराहा, केआरजी कॉलेज से गुजरते हुए पुनः जिला खेल परिसर पर संपन्न हुई। प्रतिभागियों ने सोच-समझकर क्लिक करें, साइबर सुरक्षा-हम सबकी जिम्मेदारी तथा जागरूक नागरिक-सुरक्षित समाज जैसे संदेशों के माध्यम से आमजनों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के समापन पर मैराथन के विजेताओं को नगद पुरस्कार एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। साथ ही प्रथम 500 प्रतिभागियों को रोटरी क्लब ग्वालियर की ओर से टी-शर्ट वितरित की गई। आयोजन के सफल संचालन में रोटरी क्लब ग्वालियर, भारत विकास परिषद, खेल विभाग, जिला प्रशासन एवं ग्वालियर पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आर्मी एवं सीआरपीएफ के जवानों को किया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक 

 “सेफ क्लिक 2.0” साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत शनिवार 4 जुलाई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री सुजावल जग्गा द्वारा सीएसपी महाराजपुरा श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार, थाना प्रभारी मुरार निरी0 मैना पटेल के साथ आर्मी मुरार कैंट एवं सीआरपीएफ पनिहार में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजावल जग्गा ने कार्यक्रम के दौरान आर्मी एवं सीआरपीएफ के अधिकारियों एवं जवानों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, डिजिटल फ्रॉड एवं ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। उन्हें फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड, निवेश एवं नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा करने से होने वाले जोखिमों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। साथ ही उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों से कहा कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें तथा अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करने के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों ने साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
ग्वालियर आईजी श्री अरविंद कुमार सक्सेना के जन्मदिवस के अवसर पर कलेक्टर श्री रूचिका चौहान ने उन्हें पुष्प भेंट कर जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत आज दिनांक 3 जुलाई 2026 को जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया जिसमे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ग्वालियर जिला शिक्षा अधिकारी जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी जिला परियोजना समन्वयक सहायक संचालक शिक्षा जिला समन्वयक साक्षरता विकासखंड शिक्षा अधिकारी बीआरसी विकासखंड समन्वयक बीएसी जन शिक्षक आदि उपस्थित हुए
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
क्षेत्र में जनसुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता - मंत्री श्री कुशवाह

गोड़िया समाज के लिए 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाले कम्युनिटी हॉल का किया भूमिपूजन

सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि क्षेत्र के विकास एवं जनसुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प के साथ विभिन्न विकास कार्य लगातार कराए जा रहे हैं, ताकि सभी वर्गों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। मंत्री श्री कुशवाह ने गुरुवार को लश्कर क्षेत्र में लाला का बाजार के चमत्कारी हनुमान मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री अधोसंरचना के अंतर्गत 10 लाख रुपये की लागत से गोड़िया समाज के लिए निर्मित होने वाले कम्युनिटी हॉल का भूमिपूजन क्षेत्र की कन्याओं के हाथों से कराया।
 मंत्री श्री कुशवाह ने इस अवसर पर कहा कि प्रस्तावित कम्युनिटी हॉल समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे गोड़िया समाज को विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होंगी और सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
 कार्यक्रम में पार्षद श्री संजीव पोतनीस, डॉ. राकेश गौर, श्री नेतराम गोड़िया, श्री सत्यपाल जादौन, श्री त्रिलोक राठौर, श्री जयसिंह सेंगर, श्री रामहेत इमले, श्री गौरव बाजपेयी, श्री सतीश कुशवाह, श्री मनोज भार्गव, श्री अंकित राजपूत, श्री शशांक साहू, श्रीमती नीलिमा शिंदे, श्रीमती शोभा राठौर, श्रीमती वंदना खटीक, श्रीमती ज्योति इमले सहित स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
उप नगर ग्वालियर में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं - ऊर्जा मंत्री श्री तोमर

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने विभिन्न बस्तियों में भ्रमण कर सुनी समस्याएं

 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार को उप नगर ग्वालियर की विभिन्न बस्तियों में भ्रमण किया। उन्होंने इस दौरान स्थानीय नागरिकों से सीधा संपर्क कर उनकी समस्याएं सुनीं। विकास कार्यों का भूमि पूजन भी किया।
 मंत्री श्री तोमर ने जती की लाइन, झाड़ू वाला मोहल्ला, घोसीपुरा, शिव नगर, सत्यनारायण की टेकरी, सुनारन गली, पंचशील नगर सहित अन्य क्षेत्रों में भ्रमण किया और विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। साथ ही स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को सुना और बहुत सी समस्याओं का मौके पर ही समाधान कराया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम व विद्युत वितरण कंपनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
 ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि उप नगर ग्वालियर में विकास के नए आयाम मूर्त रूप ले रहे है। हमारा लक्ष्य है कि उप नगर ग्वालियर विकास की दृष्टि से एक आदर्श और विकसित क्षेत्र के रुप में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। श्री तोमर ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
 इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उप नगर ग्वालियर में जती की लाइन की विभिन्न गलियों में 23 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली सीमेंट कांक्रीट रोड एवं नाली निर्माण कार्य, झाड़ू वाला मोहल्ला में नवीन सीवर लाइन, घोसीपुरा शिव नगर तथा सत्यनारायण की टेकरी में नाला निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने सुनारन वाली गली निवासी श्री सुनील नरवरिया के घर पहुंचकर भोजन किया। ऊर्जा मंत्री के भ्रमण कार्यक्रम का समापन शील नगर में हुआ।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
Pradhuman Singh Tomar
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
विजयाराजे शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दीक्षारंभ समारोह आयोजित

छात्राओं का आत्मीय स्वागत

विजयाराजे शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मुरार में बुधवार को नवप्रवेशित छात्राओं के लिए दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया गया। दीक्षारंभ समारोह के माध्यम से नवागत छात्राओं को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराने के साथ उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया गया। साथ ही महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई एवं विभिन्न विभागों से परिचित कराया गया।
 इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.के. श्रीवास्तव ने छात्राओं को महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासन, उपलब्ध संसाधनों तथा विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। 
 कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. ज्योति उपाध्याय एवं श्रीमती सरला देवी द्वारा नवागत छात्राओं का रोली-चंदन का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत करने के साथ हुआ। कार्यक्रम के अंत में नवागत छात्राओं को महाविद्यालय परिसर का भ्रमण कराया गया। इस दौरान डॉ. मंजू सिंह वीर, डॉ. दीपा वर्मा, डॉ. मनीषा देशपाण्डे, डॉ. राजवीर सिंह किरार, डॉ. कंचन सिंह नगेल, डॉ. रूपेश पल्लव एवं डॉ. अवधेश निरंजन ने छात्राओं को विभिन्न विभागों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं से अवगत कराया। साथ ही उनका महाविद्यालय के प्राध्यापकों, सह-प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों एवं अन्य स्टाफ सदस्यों से परिचय भी कराया गया।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
सामाजिक अवसरों को जनसेवा से जोड़ने की पहल अनुकरणीय – मंत्री श्री कुशवाह

सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री श्री कुशवाह स्वास्थ्य शिविर में शामिल हुए

चिकित्सकों का किया सम्मान

सामाजिक न्याय , दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं उद्यानिकी व खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने बुधवार को सिंधी कॉलोनी स्थित शासकीय हाई सेकेण्ड्री पागनवीसी विद्यालय में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में सहभागिता की। उन्होंने शिविर में स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहे चिकित्सकों का सम्मान किया और उनके समर्पण, सेवा भावना एवं जनकल्याण के प्रति योगदान की सराहना की। मंत्री श्री कुशवाह ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि श्री दिनेश जैन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में साझा प्रयासों से आयोजित हुए स्वास्थ्य शिविर की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक अवसरों को जनसेवा से जोड़ने की यह पहल अनुकरणीय है।
 इस अवसर पर मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म है। समाज के सहयोग और चिकित्सकों की सेवा भावना से आयोजित ऐसे स्वास्थ्य शिविर आमजन को समय पर उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाना है और जनसहभागिता से आयोजित इस प्रकार के आयोजन समाज में सेवा एवं संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन के लिए आयोजकों तथा सहयोगी चिकित्सकों को शुभकामनाएँ दीं।
 इस अवसर पर श्री अमर कुटे, श्री गोपाल जाटव, शासकीय हाई सेकेण्ड्री पागनवीसी विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय निगम व हजार बिस्तर अस्पताल के सहायक अधीक्षक सहित स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=environment nis:value=environment nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=environment nis:value=environment nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
ग्वालियर जिले में 2356 बूथों पर बच्चों को पिलाई गई पल्स पोलियो की दवा 

छूटे हुए बच्चों को 29 व 30 जून को घर-घर जाकर पिलाई जायेगी पोलियो रोधी दवा 

पल्स पोलियो अभियान के तहत ग्वालियर जिले में बनाए गए 2 हजार 356 बूथों पर रविवार को जन्म से 5 वर्ष के सभी बच्चों को जिंदगी की दो बूँद पिलाकर पोलियो रक्षा कवच पहनाया गया। जिले के जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न पोलियो बूथों पर पहुँचे और बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। पोलियो बूथ पर जो बच्चे पल्स पोलियो की दवा की खुराक लेने नहीं पहुँच पाए हैं उन्हें पल्स पोलियो अभियान के तहत 29 व 30 जून को घर-घर जाकर पोलियो रोधी दवा पिलाई जायेगी। 
 अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम ने सिविल डिस्पेंसरी ठाठीपुर में बच्चों को पोलियो दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इसी तरह सिविल अस्पताल हजीरा में पार्षद श्रीमती अनीता प्रजापति ने बच्चों को जिंदगी की दो बूंद पिलाई और हजीरा क्षेत्र में अभियान का शुभारंभ किया। पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल ने जिला चिकित्सालय मुरार में बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाई। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीमा जायसवाल व जिला टीकाकरण अधिकरी डॉ. आर के गुप्ता सहित अन्य चिकित्सक मौजूद थे। जिले के अन्य पोलियो बूथों पर भी जनप्रतिनिधिगण व अधिकारी पहुँचे और पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। 
 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एम.एस.सागर ने बताया कि जिले में 3 लाख 30 हजार 399 बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि जो बच्चे रविवार 28 जून को पोलियोरोधी खुराक लेने पोलियो बूथ पर नहीं पहुँच पाए हैं उन्हें 29 व 30 जून को घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाई जायेगी। अभियान की मॉनीटरिंग के लिये जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=poliyodiwas nis:value=poliyodiwas nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh
नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए तीन स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

बाल सम्प्रेक्षण गृह, केन्द्रीय जेल और नशा मुक्ति केन्द्र में दी गई कानूनी व स्वास्थ्य संबंधी जानकारी

नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ग्वालियर द्वारा शुक्रवार को बाल सम्प्रेक्षण गृह, केन्द्रीय जेल तथा विवेकानंद नशा मुक्ति केन्द्र, थाटीपुर में तीन विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में नशे से होने वाले दुष्प्रभाव, इससे बचाव के उपाय, नशा पीड़ितों के विधिक अधिकार तथा निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी दी गई।
 सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित किए गए।
 बाल सम्प्रेक्षण गृह में आयोजित शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री व्ही.पी.एस. चौहान ने बच्चों को नशीली दवाओं से होने वाले शारीरिक दुष्प्रभाव और उनसे बचाव के उपाय बताए। सचिव श्री पुष्पेन्द्र सिंह ने नशा पीड़ितों तथा बच्चों के लिए उपलब्ध विधिक अधिकारों और कानूनी संरक्षण की जानकारी दी।
 केन्द्रीय जेल में आयोजित शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अंकुर तिवारी ने बंदियों को नशीली दवाओं के दुष्प्रभाव, उनसे होने वाली बीमारियों तथा एचआईवी/एड्स से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अदिति तिवारी ने भी नशे की रोकथाम और बचाव पर मार्गदर्शन दिया। सचिव श्री पुष्पेन्द्र सिंह ने बंदियों को नालसा की नशा पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएँ योजना, प्ली बार्गेनिंग तथा निःशुल्क विधिक सहायता के प्रावधानों से अवगत कराया।
 विवेकानंद नशा मुक्ति केन्द्र, थाटीपुर में आयोजित शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री ऋषभ दीक्षित ने बच्चों और युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन, इसके सामाजिक दुष्प्रभाव तथा बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। केन्द्र के संस्थापक ने भी नशीली दवाओं और उनकी अवैध तस्करी से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=gwalior nis:value=gwalior nis:enabled=true nis:link/>
JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh