परसवाड़ा: बैलगाड़ियों में निकली बारात, आदिवासी परंपरा की झलक बनी आकर्षण का केंद्र
बदलते समय और आधुनिकता की चमक के बीच ग्राम पिंडकेपार में एक ऐसी बारात निकली, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया। जहां आज शादियों में महंगी गाड़ियों और दिखावे का दौर है, वहीं आदिवासी समाज ने अपनी जड़ों से जुड़कर बैलगाड़ियों में बारात निकालकर परंपरा को जीवंत कर दिया। वर नसीब पंन्द्रे और वधु उपासना उइके के विवाह में दूल्हा और बाराती पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी बैल