देव प्रखंड में गणित शिक्षकों की एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित, बेसलाइन असेसमेंट समय पर पूरा करने का दिया गया निर्देश
औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड में छात्रों की गणितीय क्षमता को मजबूत बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने एक अहम पहल की है। टीचिंग एट द राइट लेवल (TARL) कार्यक्रम के तहत सीआरसी बरंडारामपुर में गणित शिक्षकों का एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें कक्षा 4 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए नई शिक्षण पद्धति और बेसलाइन असेसमेंट पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड अंतर्गत सीआरसी उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, बरंडारामपुर में गणित विषय की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से "टीचिंग एट द राइट लेवल (TARL)" कार्यक्रम के तहत गणित शिक्षकों का एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कक्षा 4 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों में गणितीय समझ और बुनियादी कौशल को मजबूत करना था।
कार्यशाला में मास्टर प्रशिक्षक एवं रिसोर्स पर्सन डॉ. शशि भूषण कुमार सिंह ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों में गणित की बुनियादी अवधारणाओं को सरल और प्रभावी तरीके से विकसित करना इस कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने शिक्षा विभाग के निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि सभी विद्यालयों को निर्धारित समय सीमा के भीतर 5 अगस्त तक बेसलाइन असेसमेंट अनिवार्य रूप से पूरा करना है, ताकि विद्यार्थियों के वास्तविक शैक्षणिक स्तर का आकलन किया जा सके।
रिसोर्स पर्सन रंजन कुमार ने शिक्षकों को खेल-खेल में गणित सिखाने की विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मैनुअल एवं स्कैनर आधारित शिक्षण गतिविधियां बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावी बनाएंगी। साथ ही असर टेस्टिंग टूल (ASER Testing Tool) के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर के सही मूल्यांकन की प्रक्रिया का भी विस्तार से प्रदर्शन किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बेसलाइन असेसमेंट, विद्यार्थियों की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग तथा डेटा समेकन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने कहा कि इस प्रक्रिया से प्रत्येक छात्र की सीखने की स्थिति का सही आकलन कर उसके अनुरूप शिक्षण रणनीति तैयार की जा सकेगी।
कार्यशाला में संकुल क्षेत्र के कुल 10 विद्यालयों से 14 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर बेसलाइन असेसमेंट पूरा कर कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सीआरसी उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, बरंडारामपुर के प्रधानाध्यापक सह संरक्षक डॉ. रजनीकांत रंजन की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सीखने की गुणवत्ता में भी महत्वपूर्ण सुधार लाने में सहायक सिद्ध होंगे।
शिक्षा विभाग की इस पहल से उम्मीद है कि छात्रों की गणितीय समझ और सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा। बेसलाइन असेसमेंट के आधार पर शिक्षण की नई रणनीति तैयार कर बच्चों को उनकी क्षमता के अनुरूप बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।