पटना जिला के बाढ़ अनुमंडल में बेढ़ना गाँव से एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया। परिजन के अनुसार सावन खत्म होने के बाद एक साथ चार युवकों ने पार्टी की। लेकिन किसे पता था कि ये पार्टी उनकी जिंदगी की आखिरी पार्टी होगी और परिवार में कोहराम मच जाएगा। परिजन ने बताया कि मछली के साथ शराब भी मंगाई गई थी। लेकिन शराब की घूंट लेते ही सभी युवक सीरियस हो गए ।बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना एन एम सी एच रेफर कर दिया गया। लेकिन डॉक्टरों ने वहां भी उसे बचा नहीं पाए। चार युवक अपनी जिंदगी की जंग हार गए। गाँव में कोहराम मच गया। एसडीपीओ, एसडीम सभी दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे जहाँ ग्रामीणों ने फोरलेन को जाम कर दिया था। अधिकारी समझाते रहे लेकिन ग्रामीण और पत्रकार सवाल करते रहे। लेकिन जवाब वही कि जाँच के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। घटनास्थल से शराब की बोतल भी पायी गई है। परिजन लगातार आशंका जता रहे हैं कि जहरीली शराब पीने से चारों की मौत हुई है। लेकिन जब तक जाँच रिपोर्ट नहीं आ जाती कहना मुश्किल होगा कि मौत आखिर कैसे हुई है।ग्रामीण बताते हैं कि सभी एन टी पी सी में काम करते थे। निम्नवर्गीय परिवार से आते हैं। अब परिवार के ऊपर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है उसके परिवार के भरण पोषण की भी समस्या खड़ी हो गई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल सबके जहन में कौंध रहा है कि बिहार में शराबबंदी है तो फिर किस बॉर्डर से शराब यहाँ तक पहुंच रहा है। आखिर किसकी मिली भगत से ये सारा धंधा चल रहा है। अगर कानून फेल है तो सरकार को इसे लागू क्यों नहीं कर देना चाहिए? और अगर कानून लागू है तो फिर दूसरे राज्यों से शराब क्यों और कैसे आ रही है? ये सवाल बिहार हर उस शख्स के मन में उठ रहा जो देख रहा है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद धड़ल्ले से शराब बिक रहा है। कई बार प्रशासन के द्वारा शराब पकड़ी जाती है और उसे विनष्ट भी किया जाता है। अभी तक बिहार पुलिस पिछले 5 वर्षों में शराब माफियाओं तक क्यों नहीं पहुँची उसका खात्मा क्यों नहीं हुआ ये सबसे बड़ा सवाल है। क्या शराब माफिया पुलिस से ज्यादा शक्तिशाली है या फिर बच कर निकल जाते हैं? एक बार फिर बेढ़ना की घटना के बाद शराबबंदी कानून चर्चा में है।
Barh, Patna | Aug 30, 2026