पीएमडीए के सीईओ के.एम. पांडुरंग ने विभिन्न सेक्टरों का दौरा कर विकास कार्यों का लिया जायजा
पंचकूला की ग्रीन बेल्ट को मिलेगा नया स्वरूप, पैदल पथ और साइकिल ट्रैक के साथ सुधरेंगे प्रमुख जंक्शन
माता मनसा देवी सिंह द्वार टी-जंक्शन सहित प्रमुख जंक्शनों के सुधार के लिए तैयार की जाए कार्ययोजना
बड़े प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, नियमित टेस्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश
पंचकूला , 26 सितंबर— पंचकूला को अधिक सुव्यवस्थित, हरित और नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाने की दिशा में पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएमडीए) द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में पीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री के.एम. पांडुरंग ने शनिवार को पंचकूला शहर के विभिन्न सेक्टरों का दौरा कर ग्रीन बेल्ट, पैदल आवागमन तथा प्रमुख जंक्शनों की स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों को इनके समुचित विकास एवं सुधार के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री के.एम. पांडुरंग ने सेक्टर-1, 3, 21, 4, 2, 6 और 7 की ग्रीन बेल्ट का दौरा किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ ग्रीन बेल्ट की वर्तमान स्थिति तथा नागरिकों की सुविधा के लिए किए जा सकने वाले विकास कार्यों की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रीन बेल्ट को केवल हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने के बजाय इसे नागरिकों के लिए उपयोगी एवं सुविधाजनक सार्वजनिक स्थान के रूप में भी विकसित किया जाए।
श्री के एम पांडुरंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट के विकास के लिए एक समग्र एवं योजनाबद्ध राजनीति तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट में हरियाली बनाए रखने के साथ-साथ आवश्यक स्थानों पर बैठने की सुविधा और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी विकसित किया जाए। साथ ही, ग्रीन बेल्ट के विकास के दौरान मौजूदा हरियाली और पेड़-पौधों को संरक्षित रखने का विशेष ध्यान रखा जाए तथा ऐसे डिजाइन तैयार किए जाएं जिनसे हरित क्षेत्र की सुंदरता और उपयोगिता दोनों में वृद्धि हो।
*पैदल नागरिकों और साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने के निर्देश*
सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीन बेल्ट के विकास की योजना तैयार करते समय पैदल चलने वाले नागरिकों और साइकिल चालकों की सुविधा को विशेष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने ग्रीन बेल्ट के साथ उचित एवं व्यवस्थित पैदल पथ (Pedestrian Path) और साइकिल ट्रैक (Cycle Track) विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि शहरवासियों को पैदल चलने और साइकिल चलाने के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक स्थान उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही पथों की चौड़ाई, प्रवेश-बिंदुओं तथा आसपास के क्षेत्र के समुचित विकास का भी ध्यान रखा जाए।
*माता मनसा देवी सिंह द्वार और टी-जंक्शनों का भी किया निरीक्षण*
पीएमडीए के सीईओ ने माता मनसा देवी सिंह द्वार के आसपास के क्षेत्र तथा विभिन्न टी-जंक्शनों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इन जंक्शनों पर यातायात के सुचारू संचालन, सड़क सुरक्षा, पैदल आवागमन तथा क्षेत्र के सौंदर्यीकरण से जुड़े पहलुओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन जंक्शनों को अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुधार कार्यों की पहचान की जाए। जंक्शनों के विकास की योजना तैयार करते समय वाहनों के सुचारू आवागमन के साथ पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
*बड़े प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, नियमित टेस्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश*
पंचकूला में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। शूटिंग रेंज, सेक्टर-32, अटल पार्क तथा जलधारा परियोजना की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं में निर्माण सामग्री एवं कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक टेस्टिंग नियमित रूप से करवाई जाए तथा गुणवत्ता के स्तर से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। साथ ही, परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और इनके रखरखाव एवं सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत सीईओ ने पंचकूला के विभिन्न राउंडअबाउट्स तथा सौंदर्यीकरण एवं रखरखाव कार्यों की भी समीक्षा की। संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के राउंडअबाउट्स का रखरखाव, हरियाली, लैंडस्केपिंग और सौंदर्यीकरण इस स्तर पर किया जाए कि पंचकूला की पहचान एक सुव्यवस्थित और सुंदर शहर के रूप में और अधिक मजबूत हो तथा इनका स्तर चंडीगढ़ से भी बेहतर दिखाई दे। इसके अलावा, हॉर्टिकल्चर विंग के अधिकारियों के साथ भी बैठक कर शहर की हरित पट्टियों, पार्कों, पौधरोपण और समग्र लैंडस्केपिंग को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मौके के अनुसार तैयार हो विकास योजना
श्री के एम पांडुरंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक सेक्टर और जंक्शन की स्थानीय परिस्थितियों का अध्ययन कर उसके अनुरूप विकास योजना तैयार की जाए। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर कार्यों को चिन्हित करने तथा आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, उपयोगिता और दीर्घकालिक रखरखाव को भी ध्यान में रखा जाए।
इस अवसर पर एसीईओ भारत भूषण, चीफ इंजीनियर राजीव शर्मा सहित पीएमडीए के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।