**गंगा का जलस्तर बढ़ने से विस्थापित जंजीरा दियारा के लोग बेहाल: CO पर लगाया अनदेखी और अनुदान न देने का आरोप**
गंगा नदी के विकराल रूप धारण करने के बाद मोकामा और आसपास के दियारा इलाकों से पलायन जारी है। बाढ़ के पानी से घिरे जंजीरा दियारा से जान बचाकर सुरक्षित स्थानों पर आए प्रभावित परिवारों के सामने अब जीवन-यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। विस्थापितों का सीधा आरोप है कि प्रशासन और अंचलाधिकारी (CO) द्वारा उन्हें अब तक किसी भी प्रकार का सरकारी अनुदान या राहत सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है।
**राहत शिविरों और सहायता का अभाव**
जंजीरा दियारा के प्रभावित निवासियों का कहना है कि जलस्तर में तेजी से हुई बढ़ोतरी के बाद वे अपना घर-बार छोड़कर जैसे-तैसे ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हुए। हालांकि, तटबंधों और शरण स्थलों पर पहुंचे इन पीड़ितों को न तो पॉलिथीन शीट (त्रिपाल) मिली है और न ही सूखे राशन या भोजन का प्रबंध किया गया है।
**विस्थापितों की मुख्य समस्याएं:**
* **सरकारी अनुदान से वंचित:** अंचल प्रशासन (CO कार्यालय) की ओर से प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली तत्काल अनुग्रह सहायता राशि या जीआर (GR) राशि का वितरण शुरू नहीं हुआ है।
* **पीने के पानी और भोजन का संकट:** बाढ़ के बीच राहत सामग्री न मिलने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है।
* **पशुओं के लिए चारा नहीं:** विस्थापित अपने साथ मवेशियों को तो ले आए हैं, लेकिन उनके लिए सूखे चारे और दवाइयों की कोई प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है।
**CO और अंचल प्रशासन से गुहार**
पीड़ितों का कहना है कि अंचलाधिकारी को स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद दियारा से आए लोगों की सुध नहीं ली जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने, जंजीरा दियारा के सभी विस्थापितों का सर्वेक्षण करवाकर राहत सामग्री बांटने और नियमानुसार मिलने वाले सरकारी अनुदान को जल्द से जल्द खातों में भेजने की मांग की है।
क्या आप इस खबर को सीधे अंचलाधिकारी (CO) या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुँचाने के लिए एक शिकायती पत्र या ज्ञापन का ड्राफ्ट तैयार करवाना चाहते हैं?
Mokameh, Patna | Sep 3, 2026