मेयर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्षद के क्लिनिक पर कार्रवाई, सियासत गरमाई—कांग्रेस ने उठाए सवाल
कोटा में नगर निगम के मेयर चुनाव से ठीक दो दिन पहले कांग्रेस के वार्ड 42 से निर्वाचित पार्षद डॉ. सियाराम वर्मा के क्लिनिक पर चिकित्सा विभाग की कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
बुधवार को चिकित्सा विभाग की टीम बालिता रोड स्थित अंजलि हेल्थ केयर पहुंची। टीम को क्लिनिक बंद मिला। इसके बाद क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत नोटिस चस्पा किया गया। वहीं, इसके कुछ देर बाद कुन्हाड़ी थाने में सियाराम वर्मा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई।
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को ललित कुमार की ओर से सीएमएचओ कार्यालय में शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बालिता रोड पर अंजलि हेल्थ केयर नाम से बिना वैध डिग्री और रजिस्ट्रेशन के क्लिनिक संचालित किया जा रहा है। शिकायत के बाद सीएमएचओ के निर्देश पर चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन क्लिनिक बंद मिला।
विभाग की ओर से बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसी मामले में कुन्हाड़ी थाने में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. चंद्रप्रकाश कलवार की लिखित शिकायत पर BNS की धारा 271, 272, 318(4), 319(2) और इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा 15(2) और 15(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच ASI हरिओम मीणा को सौंपी गई है।
वहीं, इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता बलविंदर सिंह बिल्लू ने राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद को निशाना बनाया जा रहा है और पार्षदों के बीच भय का माहौल बनाया जा रहा है।
बिल्लू ने यह भी दावा किया कि कुछ पार्षदों को बीजेपी में शामिल होने के लिए फोन आने की जानकारी मिली है और निर्दलीय प्रत्याशी राहुल माथुर को रात में ले जाने का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस की ओर से इस कार्रवाई को आगामी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि बीजेपी के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस खेमे में दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, चिकित्सा विभाग की कार्रवाई का आधिकारिक आधार क्लिनिक से जुड़े नियमों और शिकायत पर हुई जांच बताया गया है। पूरे मामले में चिकित्सा अधिकारियों की ओर से राजनीतिक आरोपों पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब बड़ा सवाल यही है कि चुनाव से ठीक पहले हुई यह कार्रवाई केवल चिकित्सा नियमों से जुड़ी सामान्य कार्रवाई है या इसके पीछे राजनीतिक विवाद भी जुड़ गया है? इसका जवाब जांच और आने वाले घटनाक्रम से ही साफ होगा।
गौरतलब है कि कोटा में मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और ऐसे में कांग्रेस पार्षद के क्लिनिक पर हुई कार्रवाई ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।
Ladpura, Kota | Sep 24, 2026