जब 1950 में नीमकरोली बाबा का पहली बार नैनीताल में आवागमन हुआ और नैनीताल के Hanuman Garhi का डर खत्म हुआ ✅:
दोस्तों नैनीताल सिर्फ अंग्रेजो का शहर था लेकिन अंग्रेजों के जाने के बाद नैनीताल की कहानी में एक ऐसा अध्याय जुड़ा, जिसने इस शहर को धीरे-धीरे आध्यात्मिकता और आस्था का केंद्र बना दिया।
नैनीताल के Manora Peak यानी आज के हनुमानगढ़ी क्षेत्र के बारे में कहा जाता है कि आजादी के शुरुआती वर्षों में यहाँ बच्चों का कब्रिस्तान हुआ करता था और मृत बच्चों को यहाँ दफनाया जाता था। यही वजह थी कि शाम ढलने के बाद इस सुनसान इलाके में जाने से लोग डरते थे।
लेकिन सन 1950 में नीमकरोली बाबा पहली बार नैनीताल पहुंचे जहाँ उन्हें Manora Peak अर्थात आज के हनुमानगढ़ी वाला क्षेत्र अध्यात्म के लिए इतना पसंद आया की उन्होंने यहाँ हनुमान मंदिर की स्थापना की....ध्यान रहे अभी मैं विशाल हनुमानगढ़ी मंदिर की स्थापना की बात नहीं कर रहा हूँ बल्कि हनुमान भगवान का एक छोटा सा गुमटीनुमा मंदिर की बात कर रहा हूँ.
सन 1950-51 में हनुमान भगवान का छोटा सा गुटीनुमा मंदिर स्थापित होने के बाद बाबा नीम करोली महाराज यहाँ एक छोटी सी झोपड़ी में रहते थे...जब नैनीताल के लोगो को नीमकरोली बाबा के बारे में धीरे धीरे पता चला तो बाबा द्वारा इस स्थान पर मंदिर बनवाने के कारण लोगो का यहां डर खत्म हुआ, फिर जो जगह कभी लोगों के लिए डर का कारण थी,वही जगह आस्था का केंद्र बनने लगी...तब नैनीताल के निवासीयो के साथ साथ यहाँ अन्य जगहों से भी लोग आने लगे.
उसके बाद समय बदला और लोगो ने पैसे देने शुरू किये और मंदिर बनाने के लिए चढ़ावा किया, इसके साथ साथ नैनीताल नगरपालिका ने भी मंदिर बनाने में मदद की और 1955-1956 में नैनीताल पर हनुमानगढ़ी मंदिर की स्थापना हुई. 1960-62 तक नैनीताल का हनुमानगढ़ी मंदिर आज के स्वरूप जैसा हो गया था....बाबा नीम करौली इस स्थान पर बैठते, साधना करते और भक्तों से मिलते रहे।
इसके बाद उनका जुड़ाव कैंची क्षेत्र से बढ़ता गया। आगे चलकर 15 जून 1964 को कैंची धाम में हनुमान मंदिर की स्थापना हुई और कैंची धाम उनकी प्रमुख साधना स्थली बन गया।
यदि आपसे कोई पूछे कि बाबा नीमकरोली का नैनीताल में कौनसा मंदिर पुराना है तो आप नैनीताल का हनुमानगढ़ी कहना क्योकि नीमकरोली बाबा सबसे पहले नैनीताल आये थे और उसके बाद वो कैंचीधाम पहुचे थे, फिर अधिकांश समय उन्होंने कैंचीधाम में ही बिताया।
इसलिए अगर कोई आपसे पूछे कि बाबा नीम करौली से जुड़ा नैनीताल का पुराना मंदिर कौन सा है, तो जवाब होगा Hanumangarhi.
Nainital, Nainital | Sep 12, 2026