इंडिया आर्मी का जवान और राजस्थानी ऊंट कभी बूढ़ा नहीं होता 🪖
जब तक ऐसे जवान हमारी सुरक्षा के लिए है तब तक हमें किसी से कोई डर नहीं है |
नाइब सूबेदार भोपाल सिंह चौधरी भारतीय सेना के 5वीं राजपूताना राइफल्स (5 राज राइफ) के एक बेहद सम्मानित और जांबाज सेवानिवृत्त सैनिक हैं। वे देश में अदम्य साहस, देशभक्ति और कभी न टूटने वाले फौजी हौसले के प्रतीक माने जाते हैं।
सैन्य सेवा और वीरता का सफर
तीन बड़े युद्ध: उन्होंने सेना में 22 वर्षों तक सेवा दी। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अग्रिम मोर्चे पर लड़ाई लड़ी।
गंभीर चोट: युद्ध और सैन्य सेवा के दौरान रीढ़ की हड्डी में लगी गंभीर चोट के कारण उनके शरीर का निचला हिस्सा पूरी तरह से लकवाग्रस्त (पैरालाइज्ड) हो गया।
व्हीलचेयर पर जीवन: वे पिछले 40 से अधिक वर्षों से व्हीलचेयर पर हैं, लेकिन उनका हौसला आज भी एक युवा सैनिक जैसा है।
खेल के क्षेत्र में कीर्तिमान
पैरा-एथलीट: शारीरिक अक्षमता को खुद पर हावी न होने देते हुए उन्होंने खेलों का रुख किया।
राष्ट्रीय पदक: उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पैरालंपिक खेलों की शॉटपुट (गोला फेंक) और जैवलिन (भाला फेंक) प्रतियोगिताओं में देश के लिए कई स्वर्ण पदक जीते।
Kullu, Kullu | Aug 14, 2026