रीवा जिले में गौशाला निर्माण के नाम पर सरकारी राशि के कथित फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। मनरेगा योजना के तहत गौशाला निर्माण के लिए करीब 38 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन जांच में मौके पर जरूरी निर्माण कार्य नहीं पाए गए। आरोप है कि बिना पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाए, चहेते सप्लायर को काम सौंपा गया और लाखों रुपये के फर्जी बिल तैयार कर भुगतान करा लिया गया। मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW ने विभिन्न धाराओं के तहत 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमें संबंधित इंजीनियरों और ठेकेदार शामिल है। लेकिन जैसे ही जांच का दायरा बढ़ेगा यह संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
रीवा जिले के डभौरा यूनिट नंबर-3 में निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए मनरेगा योजना के तहत गौशाला का निर्माण कराया जाना था। करीब 37 लाख 85 हजार रुपये की लागत वाली इस परियोजना में गौशाला, बछड़ा शेड, भूसा गोदाम, बीमार गायों के लिए शेड, नलकूप, पानी की टंकी, बाउंड्रीवॉल और जमीन का समतलीकरण जैसे कार्य शामिल थे। लेकिन शिकायत मिलने के बाद किए गए सत्यापन में निविदा प्रक्रिया से लेकर निर्माण कार्य तक कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के मुताबिक, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक-2 रीवा के तत्कालीन अधिकारियों ने खुली निविदा प्रक्रिया अपनाने के बजाय छतरपुर के मेसर्स दीनदयाल कुशवाहा को काम देने के लिए कथित तौर पर साठगांठ की। एक ही कार्य के लिए 3 दिसंबर और 31 दिसंबर 2020 की अलग-अलग तारीखों में संक्षिप्त निविदाएं तैयार की गईं।
आरोप है कि निविदा शुल्क और अमानत राशि जमा नहीं की गई। वहीं, 28 निर्माण सामग्रियों की आपूर्ति के लिए कोटेशन मांगा गया था, लेकिन सप्लायर ने केवल 9 सामग्रियों के लिए दरें प्रस्तुत कीं। इसके बावजूद उसे एल-1 यानी न्यूनतम दर वाला सप्लायर घोषित कर कार्यादेश जारी कर दिया गया। मामले में मनरेगा पोर्टल पर 27 लाख 38 हजार 578 रुपये से अधिक के बिल प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 20 लाख 22 हजार 20 रुपये का भुगतान भी करा लिया गया।
जब निर्माण स्थल का भौतिक सत्यापन किया गया, तो वहां गौशाला, शेड, नलकूप और पानी की टंकी जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं मिलीं। मौके पर केवल लगभग 80 बाई 25 फीट की अधूरी बाउंड्रीवॉल और एक अधूरा भवन पाया गया। गौशाला निर्माण के नाम पर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग के इस मामले में EOW ने संबंधित इंजीनियरों और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमे 6 लोग शामिल है, लेकिन जैसे ही जांच का दायरा बढ़ेगा यह संख्या बढ़ सकती है।
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