जिस पिता ने बेटियों को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाया, वही पिता आखिरी वक्त तक उनकी राह देखते रहे। हरियाणा के सोनीपत में 74 वर्षीय शिवचरण गुप्ता का वृद्धाश्रम में निधन हो गया, लेकिन उनकी तीनों बेटियां अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचीं। स्टाफ और स्थानीय लोगों ने बेटे का फर्ज निभाया, जबकि बेटियां वीडियो कॉल पर अंतिम विदाई देखती रहीं। इस घटना ने बदलते पारिवारिक रिश्तों और बुजुर्गों के अकेलेपन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।