"कैबिनेट मंत्री वाली फीलिंग" का चढ़ा नशा! शिक्षक संघ अध्यक्ष राजेश शुक्ला पर जानलेवा हमले का मुकदमा, एसपी कार्यालय में भी हुई फजीहत
कैबिनेट मंत्री वाली फीलिंग" पड़ी भारी, शिक्षक संघ अध्यक्ष पर जानलेवा हमले का मुकदमा
रसूख का रौब टूटा! राजेश शुक्ला पर एफआईआर, एसपी कार्यालय में भी नहीं मिली एंट्री
सत्ता का नशा या दबंगई? चचेरे भाई का सिर फोड़ने के आरोप में शिक्षक नेता पर केस
रायबरेली। सत्ता का रसूख और "कैबिनेट मंत्री वाली फीलिंग" आखिरकार भारी पड़ती नजर आ रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी शिक्षक संघ अध्यक्ष राजेश शुक्ला पर अपने ही सगे चचेरे भाई पर जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने राजेश शुक्ला समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोप है कि जमीन विवाद में राजेश शुक्ला ने अपने चचेरे भाई अवधेश शुक्ला को बातचीत के बहाने बुलाया और फिर साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला बोल दिया। आरोप यह भी है कि उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से अवधेश शुक्ला के सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि 24 मई को सोशल मीडिया पर राजेश शुक्ला ने पोस्ट लिखकर कहा था कि "अब हमको कैबिनेट मंत्री वाली फीलिंग आ रही है।" लेकिन इस कथित हमले के महज 20 दिन बाद उन्हीं पर गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो गया।
सोमवार को जब राजेश शुक्ला अपनी सफाई देने एसपी कार्यालय पहुंचे तो उन्हें एसपी से मिलने तक नहीं दिया गया। काफी देर तक उन्हें कार्यालय परिसर में बैठना पड़ा। जिले में इस घटना को सत्ता के कथित रसूख की सार्वजनिक किरकिरी के तौर पर देखा जा रहा है।
बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि बेसिक शिक्षा विभाग का एक शिक्षक नेता खुलेआम राजनीतिक पोस्ट कर "कैबिनेट मंत्री वाली फीलिंग" का ऐलान कैसे करता है? क्या यह विभागीय नियमावली और आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है? इसको लेकर शिक्षक संगठनों और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अब सबकी निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या कानून सत्ता के कथित रसूख से ऊपर साबित होगा या फिर मामला राजनीतिक दबाव की भेंट चढ़ जाएगा? फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है और पूरे जिले की नजर इस हाईप्रोफाइल प्रकरण पर लगी हुई है।