26 अगस्त की सुबह करीब 10:30 बजे (बीजिंग समय), नेपाल की ओर से आई भीषण मिट्टी के हिमस्खलन (Mudslide) ने तिब्बत के जिलोंग काउंटी (Xigaze City) में स्थित जिलोंग पोर्ट (Jilong Port) को बुरी तरह प्रभावित किया है। 😰
यह प्राकृतिक आपदा कितनी भयानक है, इसका अंदाजा इन आँकड़ों से लगाया जा सकता है:
· 🕯️ शोक: नेपाल पुलिस ने 16 शव बरामद किए हैं।
· 😰 लापता: नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, 384 लोग अब भी लापता हैं – जिनमें 93 नेपाली पर्यटक और कई विदेशी नागरिक शामिल हैं।
· 🚧 तबाही: जिलोंग पोर्ट पर सड़क, संचार और बिजली की लाइनें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। भूस्खलन में मिट्टी की मोटाई करीब 1.5 मीटर है, और भारी मशीनें रास्ता खोलने में जुटी हैं।
· 🚑 राहत अभियान:
· भारत सरकार ने 1.2 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता राशि जारी की है।
· प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने ‘द्वितीय स्तर’ (Level-2) की आपात प्रतिक्रिया शुरू कर दी है।
· भारतीय सेना, पैरामिलिट्री फोर्सेज और चीन की रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुँच चुकी हैं।
· 30,000 से अधिक राहत सामग्री (तम्बू, कंबल, भोजन, दवा) भेजी जा रही है।
🇮🇳 भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है – क्योंकि इस खतरे के बाद भूस्खलन या बाढ़ (Secondary Disaster) का खतरा अभी भी बना हुआ है।
👉 हमारी संवेदनाएं उन सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खोया। 🥺🙏
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