डीएलडीसी की बैठक में बैंकवार उपलब्धियों की समीक्षा, ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश
छपरा, 25 सितंबर 2026।
आज डीआरडीए सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलडीसी) की बैठक जिला पदाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न बैंकिंग एवं ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने निम्नलिखित निर्देश दिए—
वार्षिक साख योजना
- दिनांक 25 मार्च 2026 को आयोजित जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की कार्यवाही को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
- वार्षिक साख योजना की समीक्षा में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध जिले की उपलब्धि संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिला पदाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया।
- बैंकवार उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, यूको बैंक एवं इंडियन बैंक सहित विभिन्न बैंकों को लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
- अग्रणी जिला प्रबंधक एवं सभी संबंधित बैंक अधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्य की शाखावार समीक्षा करने तथा प्रत्येक शाखा के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया गया।
- एमएसएमई, कृषि, जीविका एवं पशुपालन क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का उपयोग करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
साख-जमा अनुपात
- समीक्षा में पाया गया कि मार्च 2026 में जिले का साख-जमा अनुपात 45.41 प्रतिशत, जबकि राज्य का साख-जमा अनुपात 58.68 प्रतिशत था।
- जिला पदाधिकारी ने सभी बैंकों को साख-जमा अनुपात में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
- संबंधित बैंकों के क्षेत्रीय/मंडल प्रमुखों को इस संबंध में जिला स्तर से अनुरोध पत्र भेजने का निर्देश दिया गया।
- इस दिशा में जीविका एवं नाबार्ड के माध्यम से उपलब्ध संभावनाओं का प्रभावी उपयोग करने को कहा गया।
कृषि एवं प्राथमिकता क्षेत्र ऋण
- जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड एवं कृषि ऋण की प्रगति की जानकारी दी गई।
- अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा लंबित प्रमाण-पत्र मामलों के निष्पादन की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया।
- किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूह एवं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सहित अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
मुद्रा एवं स्टैंड-अप इंडिया
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में मुद्रा योजना के तहत लगभग 135 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किए जाने की जानकारी दी गई।
- मुद्रा योजना में एससी/एसटी लाभुकों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण स्वीकृत करने का निर्देश दिया गया।
- प्रत्येक बैंक शाखा से कम-से-कम एक स्टैंड-अप इंडिया ऋण स्वीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया गया।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
- डीएलडीसी बैठक से पूर्व प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
- सभी बैंकों के लोन सैंक्शन, डिस्बर्सल, रिजेक्शन, एप्लीकेशन एवं इन-प्रोसेस मामलों की समीक्षा की गई।
- बिहार ग्रामीण बैंक द्वारा बेहतर उपलब्धि दर्ज किए जाने को संज्ञान में लेते हुए आवश्यकतानुसार संबंधित मामलों को वहां स्थानांतरित करने की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
- सभी बैंकों को निर्देश दिया गया कि रिजेक्शन के कारणों को डेडिकेटेड व्हाट्सऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि प्रशासनिक स्तर से संबंधित समस्या का समाधान कराया जा सके।
- इंस्टॉलेशन में लापरवाही करने वाले वेंडर्स की रिपोर्ट तैयार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई तथा आवश्यकता पड़ने पर काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया।
- निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने की हिदायत सभी संबंधित बैंकों एवं वेंडर्स को दी गई।
- 9,000 के लक्ष्य के विरुद्ध लगभग एक-तिहाई इंस्टॉलेशन होने को देखते हुए प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
- जिले में 500 यूनिट से अधिक विद्युत खपत वाले लगभग 7,200 उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए लक्षित अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
- पटना एवं मुजफ्फरपुर में बेहतर कार्य कर रहे वेंडर्स को सारण में सूचीबद्ध कर योजना की प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
- बेहतर प्रदर्शन करने वाले वेंडर्स की एसबीआई, पीएनबी एवं बिहार ग्रामीण बैंक के साथ बैठक कराने का निर्देश दिया गया।
- सभी बैंक प्रबंधकों को ऐसे शाखा प्रबंधकों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया जो योजना के कार्यान्वयन में उदासीन हैं अथवा अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं तथा उनकी बैठक कराकर प्रगति सुनिश्चित करने को कहा गया।
- सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को योजना के आवेदन बढ़ाने एवं क्षेत्र स्तर पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
उद्योग विभाग की योजनाएं
- पीएमएफएमई, पीएमईजीपी सहित उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
- जीएम, डीआईसी को जिले के अच्छे एवं संभावनाशील उद्यमियों को तीन श्रेणियों में चिन्हित करने का निर्देश दिया गया—
- प्रथम श्रेणी: जिन्हें क्रेडिट मिल चुका है और वे कार्य कर रहे हैं, लेकिन आवश्यक सहयोग की आवश्यकता है।
- द्वितीय श्रेणी: जिनके पास औपचारिक क्रेडिट नहीं है, लेकिन वे उद्यम शुरू करना चाहते हैं।
- तृतीय श्रेणी: प्रशिक्षित एवं अनुभवी उद्यमी, जिनके पास कार्य करने की क्षमता है, लेकिन पूंजी का अभाव है।
- इन उद्यमियों की बैंकों के साथ समन्वय बैठक कराने का निर्देश दिया गया।
- जिला पदाधिकारी ने कहा कि इससे उद्यमियों को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ बैंकों के प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (PSL) एवं साख-जमा अनुपात में भी सुधार होगा।
- सभी योजनाओं में बैंक एवं आवेदक के बीच बेहतर समन्वय के लिए इंडस्ट्री एक्सटेंशन ऑफिसर को नामित कर जवाबदेही निर्धारित करने का निर्देश दिया गया।
- संबंधित अधिकारी को आवेदकों एवं बैंकों से नियमित समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत लाभुकों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त की स्थिति की समीक्षा की गई।
- लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने तथा पात्र लाभुकों को निर्धारित किस्त समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में संबंधित बैंक अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, नाबार्ड, जीविका सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के पदाधिकारी/प्रतिनिधि उपस्थित थे।
Saharsa, Bihar | Sep 25, 2026