मऊ में दुर्गा पूजा के 55वें आयोजन में दिखेगा प्राचीन शिक्षा और आधुनिक मोबाइल संस्कृति का संदेश
मऊ में जय माँ दुर्गा पूजा समिति, हिंदी भवन की ओर से वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले दुर्गा पूजा महोत्सव को इस बार सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए विशेष थीम के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। वर्ष 1972 से लगातार प्रतिमा स्थापना कर रही समिति इस वर्ष अपने 55वें आयोजन की तैयारी में जुटी है। समिति के अनुसार, यह जनपद की प्रमुख और ऐतिहासिक दुर्गा पूजा परंपराओं में से एक है।
इस बार समिति ने “Planned Education with Limited Use of Social Media & Mobile” को अपनी थीम बनाया है। पंडाल के माध्यम से प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति से लेकर आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और मोबाइल व सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को दर्शाया जाएगा।
समिति का कहना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया आज जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इनका पूर्ण विरोध करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि इनके सीमित, संतुलित और योजनाबद्ध उपयोग के प्रति जागरूकता पैदा करना है। खासकर बच्चों और युवाओं को शिक्षा, परिवार, सामाजिक संबंधों और वास्तविक जीवन की गतिविधियों से जोड़ने का संदेश पंडाल के जरिए दिया जाएगा।
पंडाल में प्राचीन शिक्षा व्यवस्था, संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जुड़ाव के साथ आधुनिक शिक्षा और तकनीक के प्रभाव को आकर्षक दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। समिति का कहना है कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देने का भी एक माध्यम है।
वर्ष 2026 के आयोजन को लेकर पंडाल निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है और समिति के सदस्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान समिति के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल, महामंत्री विजय बरनवाल, संरक्षक मनोज गुप्ता, अंकुर बरनवाल, विशाल बरनवाल, विकास, शिवम, संदीप, देवानंद, रितेश, अंकुर और अंकित सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम की जानकारी मीडिया प्रभारी सौरभ बरनवाल द्वारा उपलब्ध कराई गई।