बाघमारा के कंचनपुर और कच्चरा में करमा महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें बहनों ने पारंपरिक तरीके से करमा पर्व मनाया। यह पर्व झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी समाज की आस्था का प्रतीक है, जो प्रकृति और भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है। इस पर्व में शामिल होकर सामाजिक एकता और परंपरा को संरक्षित करने का संदेश मिलता है।