वर्षा काल में विद्यार्थियों की सुरक्षा का प्राथमिकता से रखें ध्यान-जिला कलक्टर
जिला निष्पादन समिति की बैठक सम्पन्न, जर्जर विद्यालय भवनों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
धौलपुर, 11 जुलाई। जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं, विद्यालयों के विकास कार्यों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल शिक्षण, छात्र सुरक्षा तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग की प्रत्येक योजना का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जिले में संचालित सभी राजकीय विद्यालयों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा जिन विद्यालय भवनों की स्थिति जर्जर एवं असुरक्षित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर नियमानुसार शीघ्र जमीदोज करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों की जान-माल से जुड़ा जोखिम स्वीकार्य नहीं होगा। जर्जर भवनों में संचालित कक्षाओं को तत्काल वैकल्पिक भवनों में स्थानांतरित कर शिक्षण कार्य निर्बाध रूप से जारी रखा जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में भवनों की वृहद मरम्मत की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर सक्षम स्तर पर भिजवाए जाएं, ताकि समय पर स्वीकृति प्राप्त कर आवश्यक कार्य प्रारम्भ किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा गुणवत्ता के साथ समय सीमा में कार्य पूर्ण कराए जाएं।
बैठक में जिला कलक्टर ने अधीक्षण अभियंता, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को निर्देशित किया कि जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) मौठियापुरा, मरैना एवं हांसई में थ्री-फेज विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने हेतु डिमांड नोटिस शीघ्र जारी किया जाए, जिससे इन विद्यालयों में विद्युत संबंधी आवश्यक सुविधाओं का विस्तार हो सके तथा छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने विद्यालय भवनों एवं खेल मैदानों के लिए भूमि आवंटन संबंधी प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी प्रस्ताव नियमानुसार उचित माध्यम (प्रॉपर चैनल) से ही भेजे जाएं, ताकि भूमि आवंटन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त भूमि एवं खेल सुविधाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।
बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक महेश कुमार मंगल ने विभागीय योजनाओं की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि जिले के पीएम श्री विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न नवाचारों एवं गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में निर्धारित सभी गतिविधियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं तथा शिक्षण गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
मंगल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, खेल गतिविधियों एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक में अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा जितेन्द्र सिंह जादौन ने बताया कि जिन पीएम श्री एवं महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में बाल वाटिका संचालित है, वहां स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किए जाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से अनुरोध किया गया है, जिससे प्रारंभिक बाल शिक्षा के लिए पर्याप्त एवं व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने आईसीटी एवं स्मार्ट क्लास के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा वर्तमान समय की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आईसीटी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण के अनुपयोगी लैब उपकरणों की नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को दिए, ताकि आवश्यकतानुसार नवीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में समग्र शिक्षा अभियान, विद्यालय विकास, आधारभूत सुविधाओं, छात्र हित से जुड़े विभिन्न विषयों तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए पूर्ण जिम्मेदारी एवं पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में शिक्षा विभाग के समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।