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चारधाम में गैर-हिंदुओं पर रोक: आस्था की रक्षा या भेदभाव? @topfans #CharDhamYatra, #Uttarakhand, #HinduFaith, #Religiou...

Dehradun, Dehradun | Mar 17, 2026

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ऋषिकेश: बैराज बिजली घर में भीषण आग, कई इलाकों में छाया अंधेरा

ऋषिकेश: तीर्थनगरी के बैराज स्थित बिजली घर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्य ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में धुएं का गुबार छा गया।

मुख्य विवरण:हादसा: 

बैराज पावर हाउस का मुख्य ट्रांसफार्मर धूं-धूं कर जल उठा।सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयासों में जुट गई। बिजली विभाग के कर्मचारी भी सुरक्षा की दृष्टि से स्थिति का जायजा ले रहे हैं।इस अग्निकांड के कारण ऋषिकेश के कई प्रमुख क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के स्पष्ट कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रथम दृष्टया इसे शॉर्ट सर्किट या अत्यधिक लोड का परिणाम माना जा रहा है। विभाग द्वारा जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया गया है।

ऋषिकेश: बैराज बिजली घर में भीषण आग, कई इलाकों में छाया अंधेरा ऋषिकेश: तीर्थनगरी के बैराज स्थित बिजली घर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्य ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। मुख्य विवरण:हादसा: बैराज पावर हाउस का मुख्य ट्रांसफार्मर धूं-धूं कर जल उठा।सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयासों में जुट गई। बिजली विभाग के कर्मचारी भी सुरक्षा की दृष्टि से स्थिति का जायजा ले रहे हैं।इस अग्निकांड के कारण ऋषिकेश के कई प्रमुख क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के स्पष्ट कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रथम दृष्टया इसे शॉर्ट सर्किट या अत्यधिक लोड का परिणाम माना जा रहा है। विभाग द्वारा जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया गया है।

Dehradun, Dehradun | Jun 28, 2026

देवभूमि में आस्था और संकल्प का संगम: जेपी नड्डा और सीएम धामी ने हरिद्वार में की विशेष पूजा

हरिद्वार,  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवित्र तीर्थनगरी हरिद्वार पहुँचकर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस यात्रा के दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं ने कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत की, जो प्रदेश के आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को भी रेखांकित करते हैं।

महाकाल मंदिर और शांतिकुंज में अर्चनानेताओं के दौरे की शुरुआत हरिद्वार के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से पूजन कर महादेव का आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत, जेपी नड्डा और सीएम धामी शांतिकुंज पहुँचे। यहाँ देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति चिन्मय पंड्या और भाजपा नेता मदन कौशिक ने उनका भव्य स्वागत किया। नेताओं ने शांतिकुंज स्थित शिव मंदिर में पूजा की और वहां जल रही 'अखंड ज्योति' के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।मानवता के लिए अंगदान का 

आह्वानधार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ यह दौरा एक बड़े सामाजिक संदेश का गवाह भी बना। दोनों नेताओं ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित 'दधीचि अंगदान संकल्प अभियान' की राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया।

देवभूमि में आस्था और संकल्प का संगम: जेपी नड्डा और सीएम धामी ने हरिद्वार में की विशेष पूजा हरिद्वार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवित्र तीर्थनगरी हरिद्वार पहुँचकर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस यात्रा के दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं ने कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत की, जो प्रदेश के आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को भी रेखांकित करते हैं। महाकाल मंदिर और शांतिकुंज में अर्चनानेताओं के दौरे की शुरुआत हरिद्वार के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से पूजन कर महादेव का आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत, जेपी नड्डा और सीएम धामी शांतिकुंज पहुँचे। यहाँ देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति चिन्मय पंड्या और भाजपा नेता मदन कौशिक ने उनका भव्य स्वागत किया। नेताओं ने शांतिकुंज स्थित शिव मंदिर में पूजा की और वहां जल रही 'अखंड ज्योति' के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।मानवता के लिए अंगदान का आह्वानधार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ यह दौरा एक बड़े सामाजिक संदेश का गवाह भी बना। दोनों नेताओं ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित 'दधीचि अंगदान संकल्प अभियान' की राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया।

Dehradun, Dehradun | Jun 28, 2026

ऑपरेशन रिकवरी' से हरिद्वार पुलिस ने लौटाई 104 परिवारों की मुस्कान, बरामद किए ₹35 लाख के मोबाइल फोन

हरिद्वार: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह के कुशल नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। 'ऑपरेशन रिकवरी' (CEIR) के तहत पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के बाद विभिन्न राज्यों से 104 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹35 लाख आंकी गई है।

कोतवाली नगर पुलिस ने केंद्र सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग कर इन फोनों को उत्तराखंड समेत उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से रिकवर किया है। खोए हुए फोन वापस मिलने पर मालिकों के चेहरों पर खुशी साफ देखी गई।

ऑपरेशन रिकवरी' से हरिद्वार पुलिस ने लौटाई 104 परिवारों की मुस्कान, बरामद किए ₹35 लाख के मोबाइल फोन हरिद्वार: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह के कुशल नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। 'ऑपरेशन रिकवरी' (CEIR) के तहत पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के बाद विभिन्न राज्यों से 104 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹35 लाख आंकी गई है। कोतवाली नगर पुलिस ने केंद्र सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग कर इन फोनों को उत्तराखंड समेत उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से रिकवर किया है। खोए हुए फोन वापस मिलने पर मालिकों के चेहरों पर खुशी साफ देखी गई।

Dehradun, Dehradun | Jun 28, 2026

कर्णप्रयाग विवाद: चमोली कोर्ट से चारों निहंगों को मिली जमानत, सीमा पर तनाव खत्म

उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए हिंसक विवाद मामले में गिरफ्तार चारों निहंग सिखों को जिला एवं सत्र न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। शनिवार, 27 जून 2026 को न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत ने सतविंदर सिंह, अजय सिंह, जसनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। जमानत मिलने के बाद पंजाब के निहंग जत्थों ने उत्तराखंड सीमा पर बैरियर तोड़ने की अपनी चेतावनी वापस ले ली है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

कर्णप्रयाग विवाद: चमोली कोर्ट से चारों निहंगों को मिली जमानत, सीमा पर तनाव खत्म उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए हिंसक विवाद मामले में गिरफ्तार चारों निहंग सिखों को जिला एवं सत्र न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। शनिवार, 27 जून 2026 को न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत ने सतविंदर सिंह, अजय सिंह, जसनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। जमानत मिलने के बाद पंजाब के निहंग जत्थों ने उत्तराखंड सीमा पर बैरियर तोड़ने की अपनी चेतावनी वापस ले ली है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

Dehradun, Dehradun | Jun 28, 2026

उत्तराखंड: जौनपुर की सदियों पुरानी 'राज मौण' परंपरा जीवंत, अगलाड़ नदी में उमड़ा जनसैलाब

धनोल्टी/जौनपुर: उत्तराखंड के जौनपुर क्षेत्र की ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर 'राज मौण मेला' आज अगलाड़ नदी के तट पर पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। करीब 160 वर्षों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा में 114 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।परंपरा के अनुसार, ग्रामीणों ने औषधीय गुणों से भरपूर 'टिमरू' की छाल का पाउडर (मौण) नदी में प्रवाहित किया, जिससे मछलियां कुछ समय के लिए बेहोश हो गईं। इसके बाद ढोल-दमाऊ की थाप पर हजारों की संख्या में लोग नदी में उतरे और सामूहिक रूप से मछली पकड़ने के इस रोमांचक उत्सव का आनंद लिया। यह मेला न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि क्षेत्र की सामुदायिक एकता और लोक संस्कृति का प्रतीक भी है।

उत्तराखंड: जौनपुर की सदियों पुरानी 'राज मौण' परंपरा जीवंत, अगलाड़ नदी में उमड़ा जनसैलाब धनोल्टी/जौनपुर: उत्तराखंड के जौनपुर क्षेत्र की ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर 'राज मौण मेला' आज अगलाड़ नदी के तट पर पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। करीब 160 वर्षों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा में 114 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।परंपरा के अनुसार, ग्रामीणों ने औषधीय गुणों से भरपूर 'टिमरू' की छाल का पाउडर (मौण) नदी में प्रवाहित किया, जिससे मछलियां कुछ समय के लिए बेहोश हो गईं। इसके बाद ढोल-दमाऊ की थाप पर हजारों की संख्या में लोग नदी में उतरे और सामूहिक रूप से मछली पकड़ने के इस रोमांचक उत्सव का आनंद लिया। यह मेला न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि क्षेत्र की सामुदायिक एकता और लोक संस्कृति का प्रतीक भी है।

Dehradun, Dehradun | Jun 28, 2026

चारधाम में गैर-हिंदुओं पर रोक: आस्था की रक्षा या भेदभाव? @topfans #CharDhamYatra, #Uttarakhand, #HinduFaith, #Religiou... - Dehradun News