छतरपुर की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच आज हम आपको एक ऐसे अनमोल कलाकार से मिलवाने जा रहे हैं, जिसका हुनर शायद दुनिया की नजरों से दूर है, लेकिन उसकी धुन सुनकर हर दिल ठहर जाता है।
लगभग 75 वर्ष की उम्र... चेहरे पर झुर्रियां... कदमों में उम्र का असर... लेकिन उंगलियों में आज भी ऐसा जादू है कि बांसुरी की मधुर तान सुनते ही लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
सबसे खास बात यह है कि ये बाबा एक नहीं, बल्कि एक साथ दो बांसुरियां बजाते हैं। ऐसा अद्भुत हुनर बहुत कम देखने को मिलता है। जंगलों में अपनी भैंसों के साथ समय बिताने वाले ये बाबा, इंसानों से ज्यादा पक्षियों और जीव-जंतुओं को अपनी धुन सुनाते हैं।
आज जब बड़े-बड़े कलाकार मंचों और रोशनी के बीच अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं, तब यह कलाकार छतरपुर के एसपी कार्यालय के सामने बस स्टॉप पर बैठकर अपनी बांसुरी से संगीत की ऐसी दुनिया रच रहा है, जिसे सुनकर हर कोई भावुक हो जाता है।
सोचिए, अगर इस हुनर को समय पर मंच मिला होता, तो शायद आज ये किसी बड़ी महफिल के राजा होते। लेकिन अभी भी देर नहीं हुई है।
आपसे एक छोटी सी अपील है... इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए। हो सकता है आपका एक शेयर इस बुजुर्ग कलाकार की वर्षों की तपस्या को उसका हक दिला दे। हो सकता है यह हुनर उस मंच तक पहुंच जाए, जहां इसे सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए।
क्योंकि कलाकार उम्र से नहीं, अपने हुनर से पहचाना जाता है... और इस बाबा का हुनर सच में सलाम करने लायक है। ❤️🎶🙏