मुख्यमंत्री भाजपा फोबिया से ग्रस्त, हर मुद्दे पर भाजपा को दोष देना उनकी राजनीतिक मजबूरी : रणधीर शर्मा।
शिमला, 1 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे पूरी तरह "भाजपा फोबिया" से ग्रस्त हो चुके हैं और प्रदेश के हर मुद्दे पर बिना तथ्यों के भाजपा को दोषी ठहराने की कोशिश करते हैं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि हाल ही में एक गैर-सरकारी संस्था द्वारा मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे के आधार पर जारी रिपोर्ट में उनकी संपत्ति लगभग 7.80 करोड़ रुपये बताई गई और उन्हें उत्तरी भारत के सबसे संपन्न मुख्यमंत्रियों में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस रिपोर्ट पर कोई आपत्ति नहीं जताई, बल्कि मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री इस रिपोर्ट के लिए भी भाजपा को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा का केवल इतना कहना है कि मुख्यमंत्री अपनी व्यक्तिगत संपत्ति के साथ-साथ प्रदेश की आर्थिक स्थिति और आम जनता की परेशानियों पर भी ध्यान दें। रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद प्रदेशवासियों पर नए करों और शुल्कों का बोझ डाला है, जबकि फिजूलखर्ची और भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उनके अनुसार महंगाई और आर्थिक दबाव से जनता परेशान है, लेकिन मुख्यमंत्री अपनी राजनीतिक छवि बचाने में अधिक व्यस्त हैं।
भाजपा नेता ने पंचायत राज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चुनावी परिणामों के बाद मुख्यमंत्री बौखला गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा जिला परिषद और पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्यों पर की गई टिप्पणियां जनप्रतिनिधियों और उन्हें चुनने वाली जनता दोनों का अपमान हैं, जो मुख्यमंत्री पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।
रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि "जो बिकने वाले हैं, वे बिक जाएं।" उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री स्वयं ऐसा कह रहे हैं तो यह उनकी अपनी पार्टी के नेताओं और विधायकों की निष्ठा पर सवाल उठाने जैसा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक मंचों पर अपनी ही पार्टी के जनप्रतिनिधियों का अपमान करने से बचने की सलाह दी।
उन्होंने मुख्यमंत्री के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि भाजपा के विधायक कांग्रेस में आना चाहते हैं। रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा विधायक जनता की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री या मंत्रियों से मिलते हैं, जो उनका लोकतांत्रिक दायित्व है। इसका अर्थ कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायक और कार्यकर्ता राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रति समर्पित हैं और पार्टी छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
रणधीर शर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर निराशा का माहौल है और कई नेता एवं कार्यकर्ता भाजपा की विचारधारा और नेतृत्व से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों में जनता कांग्रेस सरकार को स्पष्ट संदेश दे चुकी है और आने वाले विधानसभा चुनावों में भी प्रदेश की जनता अपना निर्णय स्पष्ट रूप से देगी।यह संस्करण समाचार शैली में संतुलित, स्पष्ट और प्रकाशन योग्य रूप में तैयार किया गया है।