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बलरामपुर: बलरामपुर जिले के सेमरसोत अभ्यारण्य क्षेत्र में वन विभाग की कार्रवाई जारी, सोमवार को कोदौरा रेंज के लूरगी बीट में की गई कार्रवाई

Balrampur, Balrampur | Dec 8, 2025
बलरामपुर जिले में सेमरसोत अभ्यारण्य क्षेत्र में वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है सोमवार को कोदौरा रेंज के लूरगी बीट अंतर्गत ग्राम सरगावां में वन अमले ने बड़ी मात्रा में अवैध इमारती लकड़ी जब्त की है।

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#यूपी! #शामली में 3 दिन की बारिश से हालात बिगड़े,पुल टूटा:गांव में घुसा पानी, खेतों और घरों में भरा पानी...

शामली में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के लिलोन गांव के पास मुख्य सड़क और लिंक रोड को जोड़ने वाला पुल टूटने से पानी गांव में घुस गया। खेत, गलियां और घर जलमग्न हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सदर कोतवाली क्षेत्र के लिलोन गांव के पास मुख्य सड़क (हाइवे) और गांव को जोड़ने वाला पुल टूट जाने से बारिश का पानी गांव में घुस गया, जिससे खेत, गलियां और कई घर जलमग्न हो गए।

लगातार बारिश के चलते पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद पानी ओवरफ्लो होकर आबादी वाले क्षेत्र में फैल गया। गांव में कई स्थानों पर तालाब जैसे हालात बन गए हैं। जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है और लोगों को घरों में ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

इससे पहले कांधला, कैराना, शामली और थानाभवन कस्बों में भी सड़कों और गलियों में जलभराव की तस्वीरें सामने आई थीं। अब गांवों में भी बारिश का असर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

ग्रामीण सुनील, मुनेश और जितेंद्र ने बताया कि पुल की मरम्मत लंबे समय से प्रस्तावित थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण काम शुरू नहीं हो सका। उनका आरोप है कि समय रहते मरम्मत कर दी जाती तो आज गांव में जलभराव की यह स्थिति नहीं बनती।

ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पुल की तत्काल मरम्मत, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

#up #shamli #utterpradesh

#यूपी! #शामली में 3 दिन की बारिश से हालात बिगड़े,पुल टूटा:गांव में घुसा पानी, खेतों और घरों में भरा पानी... शामली में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के लिलोन गांव के पास मुख्य सड़क और लिंक रोड को जोड़ने वाला पुल टूटने से पानी गांव में घुस गया। खेत, गलियां और घर जलमग्न हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सदर कोतवाली क्षेत्र के लिलोन गांव के पास मुख्य सड़क (हाइवे) और गांव को जोड़ने वाला पुल टूट जाने से बारिश का पानी गांव में घुस गया, जिससे खेत, गलियां और कई घर जलमग्न हो गए। लगातार बारिश के चलते पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद पानी ओवरफ्लो होकर आबादी वाले क्षेत्र में फैल गया। गांव में कई स्थानों पर तालाब जैसे हालात बन गए हैं। जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है और लोगों को घरों में ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे पहले कांधला, कैराना, शामली और थानाभवन कस्बों में भी सड़कों और गलियों में जलभराव की तस्वीरें सामने आई थीं। अब गांवों में भी बारिश का असर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीण सुनील, मुनेश और जितेंद्र ने बताया कि पुल की मरम्मत लंबे समय से प्रस्तावित थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण काम शुरू नहीं हो सका। उनका आरोप है कि समय रहते मरम्मत कर दी जाती तो आज गांव में जलभराव की यह स्थिति नहीं बनती। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पुल की तत्काल मरम्मत, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। #up #shamli #utterpradesh

Balrampur, Balrampur | Jul 9, 2026

दुर्लभ पीले मेंढकों की अनोखी दस्तक: जोकहिया-लुचईया के पास सरयू नहर किनारे एक ही स्थान पर भारी संख्या में दिखे पीले मेंढक

बलरामपुर। गुरुवार देर रात लगभग 10 बजे बलरामपुर जनपद के जोकहिया-लुचईया गांव के पास सरयू नहर किनारे स्थित एक आम के बाग, खेत और सड़क पर एक अत्यंत दुर्लभ प्राकृतिक दृश्य देखने को मिला। यहां बड़ी संख्या में पीले रंग के मेंढक एक साथ दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों में पहली बार इतने अधिक पीले मेंढक एक ही स्थान पर देखे गए, जिससे क्षेत्र में कौतूहल का माहौल बन गया।

पीले मेंढक सामान्य मेंढकों से अलग दिखाई देते हैं। अधिकांश समय ये अपने सामान्य भूरे या हरे रंग में रहते हैं, लेकिन मानसून के दौरान प्रजनन काल में नर मेंढकों का रंग चमकीला पीला हो जाता है। यह परिवर्तन मादा मेंढकों को आकर्षित करने की प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। इसलिए एक साथ बड़ी संख्या में पीले मेंढकों का दिखाई देना इस बात का संकेत हो सकता है कि उस क्षेत्र में उनका प्रजनन काल सक्रिय है।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मेंढक पर्यावरण के सबसे संवेदनशील जीवों में गिने जाते हैं। किसी क्षेत्र में इनकी अच्छी संख्या वहां के स्वच्छ जल, अनुकूल वातावरण और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत मानी जाती है। हालांकि कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग, जल स्रोतों के प्रदूषण और प्राकृतिक आवास के नष्ट होने के कारण देश के कई हिस्सों में मेंढकों की संख्या लगातार घट रही है। ऐसे में एक स्थान पर इनका बड़ी संख्या में दिखाई देना पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना मानी जा सकती है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय आम के बाग, खेत और सड़क पर सैकड़ों की संख्या में पीले मेंढक उछलते-कूदते दिखाई दिए। यह नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। कई लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया और इसे दुर्लभ प्राकृतिक घटना बताया।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे जीवों और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण बेहद आवश्यक है। यदि इन क्षेत्रों को सुरक्षित रखा जाए और अनावश्यक छेड़छाड़ न की जाए तो जैव विविधता को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी। यह घटना हमें प्रकृति के अनमोल जीवों के महत्व को समझने और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक होने का संदेश भी देती है।

दुर्लभ पीले मेंढकों की अनोखी दस्तक: जोकहिया-लुचईया के पास सरयू नहर किनारे एक ही स्थान पर भारी संख्या में दिखे पीले मेंढक बलरामपुर। गुरुवार देर रात लगभग 10 बजे बलरामपुर जनपद के जोकहिया-लुचईया गांव के पास सरयू नहर किनारे स्थित एक आम के बाग, खेत और सड़क पर एक अत्यंत दुर्लभ प्राकृतिक दृश्य देखने को मिला। यहां बड़ी संख्या में पीले रंग के मेंढक एक साथ दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों में पहली बार इतने अधिक पीले मेंढक एक ही स्थान पर देखे गए, जिससे क्षेत्र में कौतूहल का माहौल बन गया। पीले मेंढक सामान्य मेंढकों से अलग दिखाई देते हैं। अधिकांश समय ये अपने सामान्य भूरे या हरे रंग में रहते हैं, लेकिन मानसून के दौरान प्रजनन काल में नर मेंढकों का रंग चमकीला पीला हो जाता है। यह परिवर्तन मादा मेंढकों को आकर्षित करने की प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। इसलिए एक साथ बड़ी संख्या में पीले मेंढकों का दिखाई देना इस बात का संकेत हो सकता है कि उस क्षेत्र में उनका प्रजनन काल सक्रिय है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मेंढक पर्यावरण के सबसे संवेदनशील जीवों में गिने जाते हैं। किसी क्षेत्र में इनकी अच्छी संख्या वहां के स्वच्छ जल, अनुकूल वातावरण और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत मानी जाती है। हालांकि कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग, जल स्रोतों के प्रदूषण और प्राकृतिक आवास के नष्ट होने के कारण देश के कई हिस्सों में मेंढकों की संख्या लगातार घट रही है। ऐसे में एक स्थान पर इनका बड़ी संख्या में दिखाई देना पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना मानी जा सकती है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय आम के बाग, खेत और सड़क पर सैकड़ों की संख्या में पीले मेंढक उछलते-कूदते दिखाई दिए। यह नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। कई लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया और इसे दुर्लभ प्राकृतिक घटना बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे जीवों और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण बेहद आवश्यक है। यदि इन क्षेत्रों को सुरक्षित रखा जाए और अनावश्यक छेड़छाड़ न की जाए तो जैव विविधता को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी। यह घटना हमें प्रकृति के अनमोल जीवों के महत्व को समझने और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक होने का संदेश भी देती है।

Balrampur, Balrampur | Jul 9, 2026

बलरामपुर। सरयू नहर के किनारे स्थित लुचुईया गांव के पास सड़क पर लगभग 5 किलोग्राम वजनी कछुआ चलते हुए दिखाई दिया। राहगीरों ने कछुए को सुरक्षित देखा और उसके प्राकृतिक आवास की ओर जाने दिया। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के मौसम में कभी-कभी कछुए पानी से निकलकर आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देते हैं।

बलरामपुर। सरयू नहर के किनारे स्थित लुचुईया गांव के पास सड़क पर लगभग 5 किलोग्राम वजनी कछुआ चलते हुए दिखाई दिया। राहगीरों ने कछुए को सुरक्षित देखा और उसके प्राकृतिक आवास की ओर जाने दिया। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के मौसम में कभी-कभी कछुए पानी से निकलकर आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देते हैं।

Balrampur, Balrampur | Jul 9, 2026

#महाराष्ट्र : में बाढ़ का कहर... पुष्पा के चंदन की तरह पानी में बहते दिखे हजारों सिलिंडर, कलेक्टर ने क्यों कहा- छूना है खतरनाक?

#महाराष्ट्र के #रायगढ़ में भारी बारिश के कारण एचपीसीएल के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 भरे और खाली गैस सिलेंडर नदी में बह गए। प्रशासन ने लोगों से सिलेंडरों को न छूने की अपील की है। घटना पर सोशल मीडिया में सुरक्षा व्यवस्था और प्लांट प्रबंधन की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो में उफनती पाताल गंगा नदी में हजारों गैस सिलिंडर तैरते हुए दिखाई दिए, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और पास के एक पुल से इस असामान्य दृश्य को रिकॉर्ड करने लगे। यह नजरा महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले का है। जहां, एचपीसीएल पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया।
इसके कारण 3,000 एलपीजी सिलिंडर, जिनमें भरे और खाली दोनों सिलिंडर शामिल थे। वे नदी में बहे गए। प्रशासन ने निवासियों को नदी में पाए जाने वाले किसी भी सिलिंडर को न छूने की चेतावनी जारी की है।
कलेक्टर ने क्या आग्रह किया है?
रायगढ़ जिले के कलेक्टर किशन जावले ने लोगों से आग्रह किया कि वे समुद्र तट पर बहकर आए किसी भी सिलिंडर को न उठाएं और न ही घर ले जाएं। उन्होंने कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि नदी में बहकर आए सिलिंडरों में गैस है या वे सुरक्षित स्थिति में हैं। जिज्ञासावश या उपयोग के लिए उन्हें उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है।

#maharastra #mumbai

#महाराष्ट्र : में बाढ़ का कहर... पुष्पा के चंदन की तरह पानी में बहते दिखे हजारों सिलिंडर, कलेक्टर ने क्यों कहा- छूना है खतरनाक? #महाराष्ट्र के #रायगढ़ में भारी बारिश के कारण एचपीसीएल के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 भरे और खाली गैस सिलेंडर नदी में बह गए। प्रशासन ने लोगों से सिलेंडरों को न छूने की अपील की है। घटना पर सोशल मीडिया में सुरक्षा व्यवस्था और प्लांट प्रबंधन की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो में उफनती पाताल गंगा नदी में हजारों गैस सिलिंडर तैरते हुए दिखाई दिए, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और पास के एक पुल से इस असामान्य दृश्य को रिकॉर्ड करने लगे। यह नजरा महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले का है। जहां, एचपीसीएल पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया। इसके कारण 3,000 एलपीजी सिलिंडर, जिनमें भरे और खाली दोनों सिलिंडर शामिल थे। वे नदी में बहे गए। प्रशासन ने निवासियों को नदी में पाए जाने वाले किसी भी सिलिंडर को न छूने की चेतावनी जारी की है। कलेक्टर ने क्या आग्रह किया है? रायगढ़ जिले के कलेक्टर किशन जावले ने लोगों से आग्रह किया कि वे समुद्र तट पर बहकर आए किसी भी सिलिंडर को न उठाएं और न ही घर ले जाएं। उन्होंने कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि नदी में बहकर आए सिलिंडरों में गैस है या वे सुरक्षित स्थिति में हैं। जिज्ञासावश या उपयोग के लिए उन्हें उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। #maharastra #mumbai

Balrampur, Balrampur | Jul 9, 2026

#बलरामपुर! सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु #उतरौला में चलाया गया विशेष चेकिंग अभियान, नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध एमवी एक्ट के अंतर्गत किया गया चालान...
उप जिलाधिकारी उतरौला, क्षेत्राधिकारी उतरौला जितेन्द्र कुमार व प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह उतरौला द्वारा पुलिस बल के साथ कस्बा उतरौला में विशेष यातायात चेकिंग एवं जागरूकता अभियान चलाकर आमजन एवं वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को सदैव आईएसआई मानक का हेलमेट पहनकर वाहन चलाने तथा चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया गया।

महोदय द्वारा उपस्थित नागरिकों से अपील की गई कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें तथा अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों को भी इसके प्रति जागरूक करें, जिससे जनपद में सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था स्थापित हो सके तथा सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। अभियान के दौरान यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक किया गया ।

#balrampur #balrampurpolic

#बलरामपुर! सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु #उतरौला में चलाया गया विशेष चेकिंग अभियान, नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध एमवी एक्ट के अंतर्गत किया गया चालान... उप जिलाधिकारी उतरौला, क्षेत्राधिकारी उतरौला जितेन्द्र कुमार व प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह उतरौला द्वारा पुलिस बल के साथ कस्बा उतरौला में विशेष यातायात चेकिंग एवं जागरूकता अभियान चलाकर आमजन एवं वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को सदैव आईएसआई मानक का हेलमेट पहनकर वाहन चलाने तथा चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया गया। महोदय द्वारा उपस्थित नागरिकों से अपील की गई कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें तथा अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों को भी इसके प्रति जागरूक करें, जिससे जनपद में सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था स्थापित हो सके तथा सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। अभियान के दौरान यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक किया गया । #balrampur #balrampurpolic

Balrampur, Balrampur | Jul 9, 2026