आज बाँका में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समिति (District Level Monitoring Committee–DLMC) की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में न्यायिक आधारभूत संरचना के विकास, न्यायालयों में गवाहों की समय पर उपस्थिति, आरोप-पत्र समर्पित करने में होने वाले विलंब तथा पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान न्यायालय परिसर एवं न्यायिक पदाधिकारियों के आवासीय परिसर के निर्माण हेतु 10 एकड़ भूमि चिह्नित किए जाने की जानकारी दी गई। इस संबंध में न्यायिक आधारभूत संरचना के विकास एवं न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में अनुसंधानकर्ताओं (Investigating Officers) के समय पर न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण गवाही की प्रक्रिया में होने वाले विलंब पर चिंता व्यक्त की गई। इस संबंध में निर्देश दिया गया कि संबंधित अनुसंधानकर्ता एवं चिकित्सक गवाही हेतु निर्धारित तिथि पर समय से न्यायालय में उपस्थित होना सुनिश्चित करें। आवश्यकतानुसार एवं विधि के प्रावधानों के अनुरूप, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी उनकी गवाही सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाए, ताकि न्यायिक कार्यवाही में अनावश्यक विलंब न हो।
इसके अतिरिक्त, संबंधित अनुसंधान एजेंसियों को समय पर आरोप-पत्र (चार्जशीट) समर्पित करने का निर्देश दिया गया, जिससे आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन में सहायता मिल सके तथा न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब को रोका जा सके।
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बाँका के अंतर्गत पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत प्राप्त मामलों पर भी विचार-विमर्श किया गया। विचारोपरांत पाँच मामलों में पीड़ितों को मुआवजा प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय संबंधित योजना के प्रावधानों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिया गया, ताकि अपराध से प्रभावित पीड़ितों को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में न्यायिक आधारभूत संरचना के विकास, अनुसंधान एवं न्यायिक प्रक्रिया में समयबद्धता सुनिश्चित करने, गवाहों की ससमय उपस्थिति तथा पीड़ितों को उचित प्रतिकर उपलब्ध कराने हेतु संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया।
Banka, Bihar | Oct 14, 2026