आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर ने सिखाया कंस्ट्रक्शन सेफ्टी कैपेसिटी बिल्डिंग कैसे की जाती है
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उज्जैन 21 सितम्बर। आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर अल्बर्ट थॉमस और प्रोफेसर वरुण कुमार रेजा ने आज सिंहस्थ निर्माण कार्यों से जुड़े इंजीनियर के एक बैच को सिखाया की कंस्ट्रक्शन सेफ्टी कैपेसिटी बिल्डिंग कैसे की जाती है। निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों और संबंधित कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करना है। इस संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम आज मेला कार्यालय में आयोजित किया गया।
🔸सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से सिंहस्थ मेला अधिकारी एवं संभागायुक्त श्री आशीष सिंह तथा कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह द्वारा किए जा रहे नवाचारों एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को अभियंताओं के एक बैच के लिए ‘कंस्ट्रक्शन सेफ्टी कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम’ आयोजित किया गया।
🔸प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना विकास कार्यों में निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन, जोखिमों की पहचान तथा सुरक्षित कार्य पद्धतियों के प्रति अभियंताओं एवं संबंधित कार्मिकों की क्षमता में वृद्धि करना है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा नोडल विभाग के रूप में भूमिका निभाई गई।
उल्लेखनीय है कि सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत उज्जैन में बड़ी संख्या में विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना विकास कार्य प्रगति पर हैं। ऐसे में निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों एवं संबंधित कार्मिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण को केवल कक्षा आधारित गतिविधि तक सीमित न रखते हुए प्रायोगिक एवं साइट आधारित प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया गया।
हैजार्ड आइडेंटिफिकेशन संबंधी गतिविधियां कराई गईं
🔸प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर हैजार्ड आइडेंटिफिकेशन (Hazard Identification) संबंधी गतिविधियां कराई गईं। इसके पश्चात प्रतिभागियों को निर्माण स्थल पर ले जाकर वास्तविक परिस्थितियों में संभावित जोखिमों की पहचान एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। इसी क्रम में भैरवगढ़ थाना परिसर में पुलिस हाउसिंग के अंतर्गत बनाए जा रहे क्वार्टर्स के निर्माण स्थल का साइट विजिट भी कराया गया।
प्रशिक्षण में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट के उचित उपयोग, निर्माण स्थल पर सेफ्टी बेल्ट के प्रयोग, श्रमिकों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण, सेफ्टी साइनेज, कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों की पहचान तथा सुरक्षित कार्य पद्धतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण में शामिल अभियंताओं ने इसे व्यावहारिक एवं उपयोगी प्रशिक्षण बताते हुए कहा कि साइट पर जाकर वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा मानकों एवं संभावित जोखिमों को समझने से निर्माण कार्यों में सुरक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्यों में सुरक्षा, गुणवत्ता एवं समयबद्धता को प्राथमिकता देते हुए इस प्रकार के क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों के माध्यम से संबंधित अभियंताओं एवं कार्मिकों को आधुनिक एवं सुरक्षित निर्माण पद्धतियों से अवगत कराया जा रहा है
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36 views | Umaria, Madhya Pradesh | Sep 22, 2026