🔸प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के सचिव श्री सिंह ने उज्जैन में विभिन्न स्थलों का किया अवलोकन
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🔸विक्रम कीर्ति मंदिर संग्रहालय, गीता भवन ऑडिटोरियम, महर्षि सांदीपनि आश्रम एवं भैरवगढ़ बाटिक प्रिंट का किया अवलोकन
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उज्जैन, 23 सितम्बर 2026/ मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने आज उज्जैन में विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन विक्रम कीर्ति मंदिर संग्रहालय, गीता भवन ऑडिटोरियम, महर्षि सांदीपनि आश्रम तथा जिले के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट अंतर्गत चयनित भैरवगढ़ बाटिक प्रिंट से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली।
श्री सिंह ने निर्माणाधीन विक्रम कीर्ति मंदिर संग्रहालय का अवलोकन किया। उज्जैन स्मार्ट सिटी की सीईओ सुश्री नेहा जैन ने उन्हें संग्रहालय की विभिन्न गैलरियों एवं प्रस्तावित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि संग्रहालय में ऑडियो-विजुअल माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, जिससे विशेष रूप से बच्चों एवं युवा वर्ग को ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विषयों को सरल एवं रोचक ढंग से समझने में सुविधा होगी। श्री सिंह ने संग्रहालय की विभिन्न गैलरियों का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा संग्रहालय से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आयोग के सचिव श्री सिंह ने गीता भवन ऑडिटोरियम का भी अवलोकन किया। उन्होंने ऑडिटोरियम की क्षमता, संचालन एवं रख-रखाव से संबंधित जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली। इस दौरान उन्होंने वहां कार्यरत कर्मचारियों से संवाद कर व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
श्री सिंह ने महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचकर दर्शन-लाभ लिया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा एवं चौंसठ कलाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मंदिर के महंत द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की बाल्यावस्था तथा महर्षि सांदीपनि आश्रम से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के बारे में जानकारी दी गई।
श्री सिंह ने उज्जैन जिले के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट अंतर्गत चयनित भैरवगढ़ बाटिक प्रिंट का अवलोकन किया। उन्होंने बाटिक प्रिंट तैयार करने वाले कारीगरों से संवाद कर उनकी कला, कार्यप्रक्रिया एवं उत्पादों के संबंध में जानकारी ली।
कारीगरों द्वारा बताया गया कि बाटिक प्रिंट के कार्य से बड़ी संख्या में परिवार जुड़े हुए हैं। यहां तैयार उत्पाद देश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ विदेशों तक भी पहुंच रहे हैं। शासन द्वारा अवंतिका बाटिक प्रिंट के प्रचार-प्रसार एवं ब्रांडिंग के माध्यम से इसकी पहचान को बढ़ावा दिया जा रहा है। कारीगरों ने बताया कि जीआई टैग मिलने से उत्पाद को विशिष्ट पहचान मिली है तथा इससे स्थानीय कारीगरों एवं उनके उत्पादों को लाभ हुआ है।
उल्लेखनीय है कि बाटिक कला में कपड़े पर आकर्षक डिज़ाइन तैयार करने के लिए पिघले हुए मोम का उपयोग किया जाता है। डिज़ाइन के निर्धारित हिस्सों को मोम से ढकने के बाद कपड़े को रंगा जाता है। इसके पश्चात मोम हटाने पर कपड़े पर रंगों का सुंदर कंट्रास्ट उभरकर सामने आता है, जिससे ज्यामितीय एवं फ्लोरल पैटर्न सहित विभिन्न आकर्षक डिज़ाइन तैयार होते हैं। यह पारंपरिक हस्तशिल्प कला उज्जैन की सांस्कृतिक एवं कलात्मक पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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Umaria, Madhya Pradesh | Sep 23, 2026