नौगांव: नौगांव का विद्यार्थी मेला बना मज़ाक: लापरवाही से योजना फेल, अभिभावक और छात्रों में नाराज़गी
5 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे तक मेले की स्थिति बेहद खराब नजर आई। 1, 2 और 3 अप्रैल को भी मेला लगभग बंद ही रहा। जहां 12 से 15 दुकानदारों के आने की उम्मीद थी, वहां केवल 4 दुकानदार ही पहुंचे। सबसे बड़ी समस्या यह रही कि हिंदी मीडियम के छात्रों के लिए जरूरी किताबें तक उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हो गए।