नौगांव में स्वर्गीय गोपाल कठेल के निधन के बाद उनके परिवार ने पारंपरिक मृत्यु भोज के बजाय समाज सेवा का रास्ता चुना। पुत्र कामाख्या उर्फ कान्हा कठेल और समाजसेविका तृप्ति कठेल ने अनाथ बेटी लक्ष्मी अनुरागी के विवाह में सहयोग कर सामाजिक बदलाव की मिसाल पेश की। परिवार ने शुक्रवार शाम 4 बजे अपील की कि मृत्यु भोज पर खर्च करने के बजाय जरूरतमंद बेटियों की मदद करें।